डॉ दयाशंकर पाठक 92 साल में जबकि 2 युवक 20-22 साल में काल के गाल में चले गए ---
मिर्जापुर। एक विभूति सहित 3 की मृत्यु पर पूरा नगर शोक-संतप्त सा हो गया । पूरे दिन आपस में इन्हीं घटनाओं के बाबत लोग बात करते रहे ।
डॉ दयाशंकर पाठक ईश्वरीय दया के अधीन हुए---
बिनानी पी जी कालेज से अवकाश प्राप्त अंग्रेजी विभागाध्यक्ष तथा विविध धर्मग्रन्थों के अंग्रेजी अनुवादक डॉ दयाशंकर पाठक बुधवार को महाप्रस्थान कर गए । अत्यंत जीवंत रुचि के डॉ पाठक इधर कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे । वाराणसी में इलाज चल रहा था ।लेकिन उनकी जीवटता पर इलाज कमजोर पड़ा और चिरनिद्रा में हो गए ।
दो युवाओं की दुर्घटना पर मृत्यु पर नगर रो पड़ा ।---
तिवराने टोला के पास स्थित चुन्नी मुन्नी की गली में सत्यनारायण सेठ रहते हैं । कचहरी बाबा आश्रम से जुड़े होने के नाते इन्हें लोग 'लालबाबा' के नाम से जानते हैं । इनकी बेटी लालगंज में व्याही है । बुधवार को बेटी के पौत्र का जन्म दिन था । बेटी का दामाद और लालबाबा का बेटा नगर से केक ले कर जा रहे थे। गोरसर के पास पहुंचे थे कि घात लगाए यमदूत झपट्टा मार दिए । दोनों ट्रक के नीचे चले गए । दोनों की उम्र 20-22 साल की थी । इस प्रकार 11 फरवरी का दिन फावड़े की चोट लगने जैसा दिन था।
--सलिल पांडेय, मिर्जापुर ।
मिर्जापुर। एक विभूति सहित 3 की मृत्यु पर पूरा नगर शोक-संतप्त सा हो गया । पूरे दिन आपस में इन्हीं घटनाओं के बाबत लोग बात करते रहे ।
डॉ दयाशंकर पाठक ईश्वरीय दया के अधीन हुए---
बिनानी पी जी कालेज से अवकाश प्राप्त अंग्रेजी विभागाध्यक्ष तथा विविध धर्मग्रन्थों के अंग्रेजी अनुवादक डॉ दयाशंकर पाठक बुधवार को महाप्रस्थान कर गए । अत्यंत जीवंत रुचि के डॉ पाठक इधर कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे । वाराणसी में इलाज चल रहा था ।लेकिन उनकी जीवटता पर इलाज कमजोर पड़ा और चिरनिद्रा में हो गए ।
दो युवाओं की दुर्घटना पर मृत्यु पर नगर रो पड़ा ।---
तिवराने टोला के पास स्थित चुन्नी मुन्नी की गली में सत्यनारायण सेठ रहते हैं । कचहरी बाबा आश्रम से जुड़े होने के नाते इन्हें लोग 'लालबाबा' के नाम से जानते हैं । इनकी बेटी लालगंज में व्याही है । बुधवार को बेटी के पौत्र का जन्म दिन था । बेटी का दामाद और लालबाबा का बेटा नगर से केक ले कर जा रहे थे। गोरसर के पास पहुंचे थे कि घात लगाए यमदूत झपट्टा मार दिए । दोनों ट्रक के नीचे चले गए । दोनों की उम्र 20-22 साल की थी । इस प्रकार 11 फरवरी का दिन फावड़े की चोट लगने जैसा दिन था।
--सलिल पांडेय, मिर्जापुर ।


0 टिप्पणियाँ