यज्ञ विश्व ब्रह्मांड की नाभि है, यज्ञ विखंडित विभाजित असंगठित समाज को एक सूत्र में जोड़ने का आधार-जगतगुरु शंकराचार्य।। Raebareli news ।।

वरिष्ठ पत्रकार बीके शुक्ला
बछरावां/रायबरेली: यज्ञ विश्व ब्रह्मांड की नाभि है, यज्ञ विखंडित विभाजित असंगठित समाज को एक सूत्र में जोड़ने का आधार है। यह उद्गार पलालेश्वर महादेव मंदिर पर चल रही भागवत कथा के दौरान काशी सुमेरुमठ पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती जी ने व्यक्त किए है।
      आपको बता दें कि, आचार्य जी ने कहा कि, समाज में व्याप्त कुरीतियों को समाप्त कर समतामूलक राष्ट्र निर्माण में यज्ञ की अहम भूमिका है। उग्रवाद आतंकवाद देशद्रोही शक्तियों को निर्मूल करने में यज्ञ विधा औषधि का कार्य करती है। देश में जो अराजकता का वातावरण निर्माण हो रहा है कहीं ना कहीं नकारात्मक मानसिकता से ओतप्रोत प्रशासनिक कर्मचारियों पर हमला, मीडिया पर हमला, बेगुनाहों को जलाना, प्रशासनिक अकर्मण्यता का परिवाहक है।
       जो राष्ट्र की संपत्ति को नष्ट करें, हम सब को उन्हीं की भाषा में जवाब देना चाहिए। ना कि, उनका दामाद जैसा पोषण करना चाहिए। शंकराचार्य जी ने कहा कि,  राम मंदिर निर्माण में किसी का विलंब नहीं होना चाहिए, ना ही किसी तरह की कोई राजनीति होनी चाहिए। तत्काल प्रभाव से राम मंदिर का निर्विघ्न तरीके से निर्माण हो जाना चाहिए। वर्तमान सरकार को चाहिए कि,  जनसंख्या नियंत्रण बिल पर भी कार्य करें। आने वाले समय में सर्वाधिक समस्या जनसंख्या के रूप में ही होगी, इसलिए इस पर विचार करना अत्यंत आवश्यक है।
       जुमे की नमाज जिससे संगठित होने के बाद हिंसा फैलती है, न पुलिस सुरक्षित रह जाती है और ना ही आम आदमी, ऐसे उग्रवादियों को शांत करने के लिए जुमे की नमाज ही बंद कर देना चाहिए। शंकराचार्य जी के आगमन पर  विभिन्न स्थानों पर स्वागत सम्मान का आयोजन किया गया। जिसमें जिला पंचायत अध्यक्षष अवधेश सिंह ने कुंदनगंज तथा क्षेत्रीय विधायक राम नरेश रावत ने बछरावां में  अपने आवास के सामने भव्य स्वागत किया। 
     इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार बृजेश शुक्ला समेत सच्चिदानंद शुक्ला, राजू पाठक, पिंटू शुक्ला, दहिगावां प्रधान  प्रेम शुक्ला,  पवन शुक्ला,  श्रीकांत यादव, विष्णु कुमार गोस्वामी,  दिनेश त्रिवेदी,  राजन, सत्येंद्र शुक्ला आदि उपस्थित रहे।

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