आरोप: फिर एक झोला छाप डाक्टर ने ली महिला की जान।। Raebareli news ।।

रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: बीते 24 घंटे पूर्व कोतवाली क्षेत्र के चंदापुर गांव में झोलाछाप डॉक्टर द्वारा एक युवती का इलाज किए जाने पर युवती को जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई। परिजन जब उसे अस्पताल लेकर पहुंचे तो डॉक्टरों ने देखते ही मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। तो वहीं मृतका के देवर की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने गैर इरादतन हत्या इंडियन मेडिकल काउंसलिंग 1956 के तहत गंभीर धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया है। मामले में कोतवाली प्रभारी अरुण कुमार सिंह का कहना है कि, घटना की जानकारी मिली थी। मृतका के परिजन की तहरीर पर झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है।
       आपको बता दें कि, कोतवाली पुलिस को दी गई तहरीर में वादी अरुण कुमार पुत्र स्वर्गीय दयाशंकर निवासी ग्राम पुरानी बाजार चंदापुर कोतवाली पुलिस को दी गई तहरीर में कहा है कि, गोसाई का पुरवा मजरे चंदापुर गांव निवासी झोलाछाप डॉक्टर राम प्यारे पाल पुत्र अज्ञात द्वारा कल दिनांक 2 फरवरी को शाम 5:00 बजे मृतका भाभी की अचानक तबीयत खराब हो गई तथा हाथ पैर और सिर में दर्द होने लगा। जिनका इलाज कराने के लिए उसकी मृतका भाभी संतोष कुमारी पत्नी पवन कुमार उम्र लगभग 35 वर्ष अपने देवर अवधेश कुमार के साथ दवा के लिए चंदापुर स्थित डॉक्टर राम प्यारे पाल के क्लीनिक पर दर्द की दवा लेने गई। 
        डॉक्टर के द्वारा कहा गया कि, वे दवा देते हैं। ठीक हो जाएंगी। परंतु दवा देने के उपरांत तबियत और बिगड़ती गई आनन फानन झोलाछाप डॉक्टर ने संतोष कुमारी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महराजगंज भेज दिया। परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महराजगंज लाए जहां पर हालत नाजुक देख चिकित्सक ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। यहां से परिजन आनन-फानन जिला अस्पताल ले ही जा रहे थे कि, संतोष कुमारी ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया तथा जिला अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। 
      परिजनों ने घटना की जानकारी महराजगंज कोतवाली पुलिस को दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए कोतवाली प्रभारी अरुण कुमार सिंह ने मृतक के परिजनों की तहरीर पर मुकदमा पंजीकृत कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।


इनसेट...

 जैसे ही इलाज के दौरान हुई मौत की खबर गांव में परिजनों और रिस्तेदारों को हुई वैसे ही पूरे गांव समेत रिस्तेदारी में कोहराम मच गया। शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लग गया।
        जानकारी के मुताबिक मृतका की बेटी का 20 फरवरी को तिलक का कार्यक्रम होना है वहीं 26 फरवरी को शादी भी होनी है। ऐसे में परिवारीजनों का रो रो कर बुरा हाल है। आखिर बिटिया की शादी में कौन पूरी करेगा मां की कमी को या फिर शादी की देखरेख की जिम्मेदारी किसके हाथों में होगी। यह चर्चा संपूर्ण गांव में जोरों पर है।

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 आखिरकार प्रदेश की योगी सरकार के सख्त नियम और कानून के बावजूद जिले में बैठे स्वास्थ्य विभाग के जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी की लापरवाही के चलते व खाऊ कमाऊ नीति के चलते एक महिला की झोलाछाप डॉक्टर के इलाज से मौत हो ही गई। क्या इसी तरह उच्चाधिकारियों की मिलीभगत के चलते ऐसे झोलाछाप डॉक्टर ऐसे गंभीर अपराधों को अंजाम देते रहेंगे, या फिर पूरे क्षेत्र में सैकड़ों की संख्या में फैले झोलाछाप डॉक्टरों पर स्वास्थ्य विभाग कोई कार्रवाई करेगा, या फिर कार्यवाही के नाम पर खाऊ कमाऊ नीति कामयाब रहेगी। यदि इसी तरह गरीब निर्दोष बेसहारा लोग झोलाछाप डॉक्टरों के इलाज से मरते रहेंगे और प्रशासन मुल्क दर्शक बना देखता रहेगा तो वह दिन दूर नही जब नगर, कस्बे, गांव तथा जनपदों में सरकारी अस्पताल सफेद हाथी साबित होंगे। इसकी चर्चा संपूर्ण क्षेत्र में जोरों पर है।

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