योगमाया एवं कृष्ण तथा कृष्ण और बलराम से तुलना होती रही मंडलीय/जनपदीय अधिकारियों की----
अनुकूल होंगे ग्रह 14 को, कोरोना दम तोड़ देगा इस दिन से---
मिर्जापुर। लाकडाउन के तीसरे दिन मां विन्ध्यवासिनी का शहर अपने वैदिक काल के 'कांतिपुर' की तरह चमकता, साफ-सुथरा तथा हर प्रकार की वस्तुओं की उपलब्धता से परिपूर्ण दिखा। मंडल और जनपद स्तर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के 'सेवा ही धर्म है' भाव में होने से हर लेविल पर लोग सजग, चुस्त सुव्यवस्था तथा 'कोरोना विध्वंस-यज्ञ' में अंतर्मन से शामिल होते दिखे।
द्वापर युग से तुलना---
द्वापर युग में प्रलम्बासुर, व्योमासुर आदि असुरों ने कोरोना की तरह पूरे वातावरण को विषाक्त बना दिया था । उस युग में आसुरी शक्तियों के खिलाफ पहले श्री कृष्ण के साथ उनकी अग्रजा (बड़ी बहन) तथा आगे चलकर श्रीकृष्ण और उनके अग्रज (बड़े भाई बलराम) ने मोर्चा थामा था, वहीं सब स्थिति श्रीकृष्ण की बहन योगमाया की नगरी में देखने को मिला ।
योगमाया और कृष्ण तथा बलराम श्रीकृष्ण की शक्तियां-- सारी व्यवस्था की कमान सम्हाले मंडल के मुख्यालय पर कमिश्नर श्रीमती प्रीति शुक्ला एवं IG श्री पीयूष श्रीवास्तव योगमाया की भूमिका में थे तो DM श्री सुशील कुमार पटेल एवं SP डॉ धर्मवीर सिंह कृष्ण-बलराम बन के जिले की रक्षा का भार सम्हाले थे । श्री पटेल जगह जगह क्षुधापीडितों जठराग्नि में लंच पैकेट से आहुति करते दिखे तो डॉ सिंह मां विन्ध्यवासिनी के हवन कुंड में आहुति देकर प्रकृति को अनुकूल बनाने में दिख रहे थे ।
सड़कें चमचमाती, धुएं से विषाणु रहित करते तथा खाद्यान्न खूब बटा---
पूरे दिन खाद्य-वस्तुओं का वितरण होता रहा । सब्जी, दूध, किराना-समान की गाड़ियां नियंत्रित रेट में सामान उपलब्ध करा रही थीं । बसनही बाजार वार्ड में घण्टाघर के बल्लन साव की छोटी गाड़ियां घूमती मिलीं तो रमईपट्टी चौराहे पर हजारी सोनकर द्वारा सब्जी की बिक्री की गई । अच्छा यह था कि सब नियंत्रित दर पर सामान पूरे शहर में तैनात अन्य गाड़ियां बांटती रहीं । इसके लिए लोग DM, SP के साथ DSOको साधुवाद देते देखे गए ।
नगर विधायक एवं नपा अध्यक्ष लोगों के सम्पर्क में रहे---
नगर विधायक श्री रत्नाकर मिश्र बीमार एवं जरूरतमंद लॉगिन की व्यथा तथा उसके निराकरण में तो नपा अध्यक्ष श्री मनोज जायसवाल सफाई आदि में जूझते रहे ।
कोरोना कब हार मानेगा ?--
कोरोना के हार मानने की तिथि 21 दिन के लाकडाउन की समाप्ति के साथ होगी । क्योंकि 14 अप्रैल को सूर्य मेष राशि में उच्च भाव में हो जाएंगे । नवरात्र के प्रथम दिवस सूर्य आर्द्रा लग्न में थे जो कष्टदायी क्षण थे । इसलिए जनता और शासक तबके को भारी कष्ट मिला लेकिन उच्च भाव में होते शासक तथा जनता दोनों को राहत मिलेगी ।
कितनी क्षति पहुंचाएगा कोरोना?-
नगर के ज्योतिषी पं जगदीश द्विवेदी गुणा-भाग करके बता रहे थे कि इस वर्ष के राजा बुध तथा मंत्री चन्द्र हैं । दोनों शांत ग्रह हैं । चूंकि नवरात्र के पहले राजा शनि तथा उनके मंत्री मंगल थे । दोनों में पटरी नहीं खाती इसलिए जनता के देवता शनि के अरमानों पर मंत्री मंगल ने अमंगल की छाया कर दी । लेकिन ग्रहों के अब अनुकूल होने से भारत में 100-150 से ज्यादा लोगों को कोरोना नहीं निगल पाएगा ।
इस वर्ष लोग क्या करें?--
आस्थावान लोग श्रीदुर्गासप्तशती के चौथे अध्याय के 24वें श्लोक का जप एवं महामृत्युंजय मंत्र का पाठ करें । सूर्य को अनुकूल बनाने के लिए उदित होते सूर्य को अर्घ्य दें । थोड़ी देर सूर्य की लाल किरणों में बैठे तो आंख, हृदय तथा हड्डी सम्बंधित बीमारियों से बचे रहेंगे ।
अनुकूल होंगे ग्रह 14 को, कोरोना दम तोड़ देगा इस दिन से---
मिर्जापुर। लाकडाउन के तीसरे दिन मां विन्ध्यवासिनी का शहर अपने वैदिक काल के 'कांतिपुर' की तरह चमकता, साफ-सुथरा तथा हर प्रकार की वस्तुओं की उपलब्धता से परिपूर्ण दिखा। मंडल और जनपद स्तर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के 'सेवा ही धर्म है' भाव में होने से हर लेविल पर लोग सजग, चुस्त सुव्यवस्था तथा 'कोरोना विध्वंस-यज्ञ' में अंतर्मन से शामिल होते दिखे।
द्वापर युग से तुलना---
द्वापर युग में प्रलम्बासुर, व्योमासुर आदि असुरों ने कोरोना की तरह पूरे वातावरण को विषाक्त बना दिया था । उस युग में आसुरी शक्तियों के खिलाफ पहले श्री कृष्ण के साथ उनकी अग्रजा (बड़ी बहन) तथा आगे चलकर श्रीकृष्ण और उनके अग्रज (बड़े भाई बलराम) ने मोर्चा थामा था, वहीं सब स्थिति श्रीकृष्ण की बहन योगमाया की नगरी में देखने को मिला ।
योगमाया और कृष्ण तथा बलराम श्रीकृष्ण की शक्तियां-- सारी व्यवस्था की कमान सम्हाले मंडल के मुख्यालय पर कमिश्नर श्रीमती प्रीति शुक्ला एवं IG श्री पीयूष श्रीवास्तव योगमाया की भूमिका में थे तो DM श्री सुशील कुमार पटेल एवं SP डॉ धर्मवीर सिंह कृष्ण-बलराम बन के जिले की रक्षा का भार सम्हाले थे । श्री पटेल जगह जगह क्षुधापीडितों जठराग्नि में लंच पैकेट से आहुति करते दिखे तो डॉ सिंह मां विन्ध्यवासिनी के हवन कुंड में आहुति देकर प्रकृति को अनुकूल बनाने में दिख रहे थे ।
सड़कें चमचमाती, धुएं से विषाणु रहित करते तथा खाद्यान्न खूब बटा---
पूरे दिन खाद्य-वस्तुओं का वितरण होता रहा । सब्जी, दूध, किराना-समान की गाड़ियां नियंत्रित रेट में सामान उपलब्ध करा रही थीं । बसनही बाजार वार्ड में घण्टाघर के बल्लन साव की छोटी गाड़ियां घूमती मिलीं तो रमईपट्टी चौराहे पर हजारी सोनकर द्वारा सब्जी की बिक्री की गई । अच्छा यह था कि सब नियंत्रित दर पर सामान पूरे शहर में तैनात अन्य गाड़ियां बांटती रहीं । इसके लिए लोग DM, SP के साथ DSOको साधुवाद देते देखे गए ।
नगर विधायक एवं नपा अध्यक्ष लोगों के सम्पर्क में रहे---
नगर विधायक श्री रत्नाकर मिश्र बीमार एवं जरूरतमंद लॉगिन की व्यथा तथा उसके निराकरण में तो नपा अध्यक्ष श्री मनोज जायसवाल सफाई आदि में जूझते रहे ।
कोरोना कब हार मानेगा ?--
कोरोना के हार मानने की तिथि 21 दिन के लाकडाउन की समाप्ति के साथ होगी । क्योंकि 14 अप्रैल को सूर्य मेष राशि में उच्च भाव में हो जाएंगे । नवरात्र के प्रथम दिवस सूर्य आर्द्रा लग्न में थे जो कष्टदायी क्षण थे । इसलिए जनता और शासक तबके को भारी कष्ट मिला लेकिन उच्च भाव में होते शासक तथा जनता दोनों को राहत मिलेगी ।
कितनी क्षति पहुंचाएगा कोरोना?-
नगर के ज्योतिषी पं जगदीश द्विवेदी गुणा-भाग करके बता रहे थे कि इस वर्ष के राजा बुध तथा मंत्री चन्द्र हैं । दोनों शांत ग्रह हैं । चूंकि नवरात्र के पहले राजा शनि तथा उनके मंत्री मंगल थे । दोनों में पटरी नहीं खाती इसलिए जनता के देवता शनि के अरमानों पर मंत्री मंगल ने अमंगल की छाया कर दी । लेकिन ग्रहों के अब अनुकूल होने से भारत में 100-150 से ज्यादा लोगों को कोरोना नहीं निगल पाएगा ।
इस वर्ष लोग क्या करें?--
आस्थावान लोग श्रीदुर्गासप्तशती के चौथे अध्याय के 24वें श्लोक का जप एवं महामृत्युंजय मंत्र का पाठ करें । सूर्य को अनुकूल बनाने के लिए उदित होते सूर्य को अर्घ्य दें । थोड़ी देर सूर्य की लाल किरणों में बैठे तो आंख, हृदय तथा हड्डी सम्बंधित बीमारियों से बचे रहेंगे ।
-सलिल पांडेय/विभाव पांडेय, मिर्जापुर ।
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