मौसम के मारो का साथ देना भगवान राम एवं श्रीकृष्ण की पूजा है

प्रबुद्ध लोगों ने किसानों और पीड़ितों की मदद में आगे आने का लिया निर्णय----
मिर्जापुर । जिले में मौसम की जो मार पड़ी है, वह सिर्फ किसानों एवं कतिपय उजड़े हुए लोगों को ही नहीं बल्कि यह सब पर मार पड़ी मार है । फसलें चौपट हुई हैं तो उसका खामियाजा किसान ही नहीं उपभोक्ता भी उठाएगा । रबी के उत्पाद महंगे होकर होंगे ।
मसीहा बनें मौसम के मारो के लिए--
बहुत सारे संगठन हैं जो समाजसेवा के प्रति दिलचस्पी आए दिन प्रदर्शित करते हैं । यह उनके लिए परीक्षा की घड़ी है । हर संगठन, खासकर जातीय संगठन अपनी अपनी जाति के किसानों एवं प्रकृति-पीड़ितों के साथ खड़े हों, उनकी मदद करें तो उनकी पीड़ा पर मरहम लगेगा और वे टूटने से बच जाएंगे । आखिर जातीय उत्थान की बात होती है, संकल्प इन्हीं दिनों के लिए तो लिए जाते हैं ।
कृषक को श्रीराम और कृष्ण अपना रूप मानते थे !---
भगवान श्रीराम और योगेश्वर श्री कृष्ण कृषक को अपना रूप मानते थे । कृषि विकास के लिए ही श्रीराम ने वन की ओर प्रस्थान करना उचित समझा । श्रीकृष्ण ने तो यहां तक कह दिया कि कृषक पूजा-पाठ न भी करें तो मैं खुद कृषक को प्रणाम इसलिए करता हूं कि वह प्रकृति के आघातों को सहते हुए पृथ्वी से अनाज के रूप में जीवन निकालता और खोजता है । ये बातें धर्मग्रन्थों में है । स्वयं कृष्ण अपने भाई बलराम के हल के साथ खेती-किसानी करने जाते थे । 
पूजा-पाठ, यज्ञ-अनुष्ठान से श्रेष्ठ है किसान की मदद ---
जो भी इन किसानों और पीड़ितों की मदद करेगा, वह पूजा-पाठ, यज्ञ-अनुष्ठान, जप-तप न भी करें तो भी उसपर श्रीराम एवं श्रीकृष्ण की कृपा बरसेगी । अतः ऐसी स्थिति में सारे मनोरंजन के कार्यक्रम स्थगित कर गांवों की ओर हर प्रबुद्ध कहे जाने वालों को दौड़ पड़ना चाहिए ।
स्वयंसेवियों का दायित्व---
इस संबन्ध में कतिपय स्वयं सेवियों ने तय किया है कि वे विभिन्न क्षेत्रों में जाकर क्षति के शिकार हुए किसानों और अन्य पीड़ितों की मदद करेंगे । हाइमाई आश्रम, पड़री के पुजारी द्वारिका बाबा, प्रेरणा संस्था के संचालक एवं मड़िहान निवासी श्री जयराम शर्मा, चील्ह क्षेत्र के निवासी शेषमणि पांडेय, नगर के निवासी जलज नेत, सिटी ब्लाक के नुआंव निवासी अरुणकुमार दुबे, विसुन्दरपुर निवासी श्री हौसिला प्रसाद तिवारी, जियुति मवैया निवासी श्री योगेंद्र मिश्र, छठहां निवासी श्री शिवपूजन तिवारी आदि ने किसानों के लिए यथासंभव मदद का प्रस्ताव किया है । ऐसे प्रबुद्ध लोगों के इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुए यह तय किया गया कि अपने अपने क्षेत्रों में किसानों को सरकारी मदद के लिए हो रहे सर्वे में सहयोग दिया जाएगा । किसी स्तर से दिक्कतें आ रही हैं तो उन दिक्कतों के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों से मिलकर उसे दूर किया जाएगा और खुद अपने स्तर से भी मदद दी जाएगी । इसके लिए ह्वाट्सएप नम्बर 9415680176 तथा मो नं-7355049699 से जानकारी ली जा सकती है ।
-सलिल पांडेय, मिर्जापुर ।

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