विंध्यधाम में कोरोना रूपी दैत्य होगा परास्त-
मां विन्ध्यवासिनी के धाम में घुटने टेक कर जाएगा मधुकैटभी दैत्य---
मिर्जापुर । वैरिस्टर युसूफ इमाम मंडलीय अस्पताल में मंगलवार का दिन वृहद मंगल के रूप में प्रकट हुआ वरना सोमवार तक खौफ का बना यह अस्पताल इस मोड़ पर खड़ा हो गया कि इधर मुड़ कर देखना भी लोग नहीं चाह रहे थे ।
क्यों बन गया मंडलीय अस्पताल चिंतनीय अस्पताल ?--
हुआ यह कि 2 दिनों के भीतर 3 मरीज कोरोना-परिवार के सदस्य बनकर आ गए । मच गई हलचल, मच गया शोर । सामान्य मरीज भागते नज़र आने लगे कि कहीं यह यमराज का कैम्प कार्यालय न बन जाए ।
डॉक्टर भी दहले !---
कोरोना के बारे में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह चर्चा सरे-आम और खुलेआम हो रही है कि जिसे यह धरता है, उसे तो अपने साथ यमलोक ले जाता ही है, साथ रहने वालों को भी प्रायः ले जाता है । कोरोना के इस चित्र और चरित्र से छोटे से जिले में तीन मरीज 'तीन टिकट महाविकट' मुहाबरे को चरितार्थ करने लगे । लिहाजा सामान्य व्यक्ति ही नहीं बल्कि अस्पताल के डॉक्टर तक घबरा गए । डॉक्टरों से ज्यादा उनके परिवार के लोग घबरा गए । जान सबको प्यारी होती है, सो परिवार के सदस्य छुट्टी लेने की जिद पकड़ने लगे थे ।
जो डर गया, मानो मर गया--
किसी भी अमूर्त डर से भयाक्रांत होने वाले मरने से पहले मर जाते हैं । बड़ी विषम स्थिति थी कि यदि छुट्टी लिए तो जगहंसाई होगी, सरकारी तंत्र छुट्टी लेने भी नहीं देगा लिहाजा कशमकश की स्थिति डॉक्टरों में भी देखी गई लेकिन मंगलवार मरीज से ज्यादा अस्पताल स्टाफ के लिए मंगलदायी साबित हुआ और तीन में से 2 की रिपार्ट निगेटिव आई और वे अस्पताल से मुक्त कर दिए गए । इसमें जापान और दुबई का मरीज है । काठमाण्डू वाला अभी आइसोलेशन में एडमिट है । उम्मीद इसकी भी है कि यह भी सकुशल जाएगा । ये तीनों हैं तो भारतीय पर रोजी-रोटी के सिलसिले में परदेश रहते हैं ।
डीएम और एसपी भी मुआयने पर निकले---
मंगलवार को डीएम श्री सुशील कुमार पटेल और एसपी डॉ धर्मवीर सिंह मंडलीय अस्पताल की रूटीन चेकिंग किया । उस वार्ड में गए जिस वार्ड में इन दिनों कदम रखने में अच्छे अच्छे कांप रहे हैं ।
तरुणाई डरी सहमी-बूढ़ाई बेफ्रिक---
सामान्यतया कोरोना का आक्रमण का वार बूढ़े तथा बच्चों पर ज्यादा होने की बातें सामने आई हैं क्योंकि इन दोनों उम्र का प्रतिरक्षण तंत्र कमजोर रहता है लेकिन डरे-सहमे नौजवान लोग ज्यादा दिखे । सड़क पर चलने वालों में जितने लोग मास्क लगाए दिखे उसमें शतप्रतिशत 20 से 40-45 उम्र के लोग दिखे ।
काठमांडू वाले की रिपोर्ट गुरुवार को आएगी--
बीएचयू स्थित लैब में भारी दवाब के चलते तीसरे मरीज की रिपोर्ट गुरुवार को आएगी । यह भी निगेटिव आ गई तो यह फक्र से कहा जाएगा कि शक्तिधाम में कोरोना ने आद्या शक्ति की उपस्थिति से घुटने टेक दिया । यहां उसकी माया नहीं काम आई।
हलचल व्यापार जगत में--
बड़े कड़े लहजे में डीएम श्री पटेल का वार्निंग लेटर मंगलवार को दोपहर से वायरल हो गया कि 2 अप्रैल तक मल्टीप्लेक्स, सिनेमाहाल, स्वीमिंग पुल, क्लब हाउस, डिस्को, जिम में ताले लगे दिखने चाहिए । जो ताला नहीं लगेगा वह कानूनी हथकड़ी और क़ानूनघर के ताले में दिखेगा, सो व्यापार जगत में बिना कोरोना के कोरोना बीमारी लगी दिख रही है ।
-सलिल पांडेय, मिर्जापुर ।
©कॉपीराइट नियमों के तहत लेखन-चोर को सजा का प्रविधान है ।
मां विन्ध्यवासिनी के धाम में घुटने टेक कर जाएगा मधुकैटभी दैत्य---
मिर्जापुर । वैरिस्टर युसूफ इमाम मंडलीय अस्पताल में मंगलवार का दिन वृहद मंगल के रूप में प्रकट हुआ वरना सोमवार तक खौफ का बना यह अस्पताल इस मोड़ पर खड़ा हो गया कि इधर मुड़ कर देखना भी लोग नहीं चाह रहे थे ।
क्यों बन गया मंडलीय अस्पताल चिंतनीय अस्पताल ?--
हुआ यह कि 2 दिनों के भीतर 3 मरीज कोरोना-परिवार के सदस्य बनकर आ गए । मच गई हलचल, मच गया शोर । सामान्य मरीज भागते नज़र आने लगे कि कहीं यह यमराज का कैम्प कार्यालय न बन जाए ।
डॉक्टर भी दहले !---
कोरोना के बारे में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह चर्चा सरे-आम और खुलेआम हो रही है कि जिसे यह धरता है, उसे तो अपने साथ यमलोक ले जाता ही है, साथ रहने वालों को भी प्रायः ले जाता है । कोरोना के इस चित्र और चरित्र से छोटे से जिले में तीन मरीज 'तीन टिकट महाविकट' मुहाबरे को चरितार्थ करने लगे । लिहाजा सामान्य व्यक्ति ही नहीं बल्कि अस्पताल के डॉक्टर तक घबरा गए । डॉक्टरों से ज्यादा उनके परिवार के लोग घबरा गए । जान सबको प्यारी होती है, सो परिवार के सदस्य छुट्टी लेने की जिद पकड़ने लगे थे ।
जो डर गया, मानो मर गया--
किसी भी अमूर्त डर से भयाक्रांत होने वाले मरने से पहले मर जाते हैं । बड़ी विषम स्थिति थी कि यदि छुट्टी लिए तो जगहंसाई होगी, सरकारी तंत्र छुट्टी लेने भी नहीं देगा लिहाजा कशमकश की स्थिति डॉक्टरों में भी देखी गई लेकिन मंगलवार मरीज से ज्यादा अस्पताल स्टाफ के लिए मंगलदायी साबित हुआ और तीन में से 2 की रिपार्ट निगेटिव आई और वे अस्पताल से मुक्त कर दिए गए । इसमें जापान और दुबई का मरीज है । काठमाण्डू वाला अभी आइसोलेशन में एडमिट है । उम्मीद इसकी भी है कि यह भी सकुशल जाएगा । ये तीनों हैं तो भारतीय पर रोजी-रोटी के सिलसिले में परदेश रहते हैं ।
डीएम और एसपी भी मुआयने पर निकले---
मंगलवार को डीएम श्री सुशील कुमार पटेल और एसपी डॉ धर्मवीर सिंह मंडलीय अस्पताल की रूटीन चेकिंग किया । उस वार्ड में गए जिस वार्ड में इन दिनों कदम रखने में अच्छे अच्छे कांप रहे हैं ।
तरुणाई डरी सहमी-बूढ़ाई बेफ्रिक---
सामान्यतया कोरोना का आक्रमण का वार बूढ़े तथा बच्चों पर ज्यादा होने की बातें सामने आई हैं क्योंकि इन दोनों उम्र का प्रतिरक्षण तंत्र कमजोर रहता है लेकिन डरे-सहमे नौजवान लोग ज्यादा दिखे । सड़क पर चलने वालों में जितने लोग मास्क लगाए दिखे उसमें शतप्रतिशत 20 से 40-45 उम्र के लोग दिखे ।
काठमांडू वाले की रिपोर्ट गुरुवार को आएगी--
बीएचयू स्थित लैब में भारी दवाब के चलते तीसरे मरीज की रिपोर्ट गुरुवार को आएगी । यह भी निगेटिव आ गई तो यह फक्र से कहा जाएगा कि शक्तिधाम में कोरोना ने आद्या शक्ति की उपस्थिति से घुटने टेक दिया । यहां उसकी माया नहीं काम आई।
हलचल व्यापार जगत में--
बड़े कड़े लहजे में डीएम श्री पटेल का वार्निंग लेटर मंगलवार को दोपहर से वायरल हो गया कि 2 अप्रैल तक मल्टीप्लेक्स, सिनेमाहाल, स्वीमिंग पुल, क्लब हाउस, डिस्को, जिम में ताले लगे दिखने चाहिए । जो ताला नहीं लगेगा वह कानूनी हथकड़ी और क़ानूनघर के ताले में दिखेगा, सो व्यापार जगत में बिना कोरोना के कोरोना बीमारी लगी दिख रही है ।
-सलिल पांडेय, मिर्जापुर ।
©कॉपीराइट नियमों के तहत लेखन-चोर को सजा का प्रविधान है ।


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