रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: स्कूल प्रमुखों और शिक्षकों की समग्र उन्नति के लिए राष्ट्रीय पहल महराजगंज के हैदरगढ़ रोड पर स्थित बीआरसी सभागार में चल रहे निष्ठा प्रशिक्षण के द्वितीय बैच के पांचवे चरण शुभारंभ और समापन सोमवार को सरस्वती पूजा से किया गया।
आपको बता दें कि, महराजगंज क्षेत्र के बीआरसी सभागार में द्वितीय बैच के अंतिम चरण यानी पांचवे निष्ठा प्रशिक्षण का शुभारंभ और समापन हुआ जिसमें 150 शिक्षकों के सापेक्ष 150 शिक्षक मौजूद रहे। प्रशिक्षक दिनेश शुक्ला स्वेता तथा उमाकांत वर्मा ने संयुक्त रूप से बताया कि, इससे पहले 4 फेरो का प्रशिक्षण हो चुका है, यह पांचवा यानी अंतिम फेरे का प्रशिक्षण हो रहा है। जिसमें 150 में से 150 अध्यापकों ने प्रतिभाग किया है।
वहीं खंड शिक्षा अधिकारी डॉ सुरेश कुमार से जब बात की गई तो, उन्होंने बताया कि, इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण के पांचवे यानी अंतिम फेरे में 150 अध्यापकों के सापेक्ष 150 अध्यापक उपस्थित रहे। अध्यापकों को विद्यालय में कैसे पढ़ाना है, बच्चों के साथ कैसे घुलना मिलना एवं सरकारी शिक्षा के गिरते हुए स्तर को मजबूत करना आदि को मुख्य आधार मानकर प्रशिक्षण दिया गया।
इस मौके पर मुख्य रुप से राकेश त्रिवेदी, आलोक कुमार सिंह, पुष्पावती, रविशंकर तिवारी, सहित 150 शिक्षक मौजूद रहे।
महराजगंज/रायबरेली: स्कूल प्रमुखों और शिक्षकों की समग्र उन्नति के लिए राष्ट्रीय पहल महराजगंज के हैदरगढ़ रोड पर स्थित बीआरसी सभागार में चल रहे निष्ठा प्रशिक्षण के द्वितीय बैच के पांचवे चरण शुभारंभ और समापन सोमवार को सरस्वती पूजा से किया गया।
आपको बता दें कि, महराजगंज क्षेत्र के बीआरसी सभागार में द्वितीय बैच के अंतिम चरण यानी पांचवे निष्ठा प्रशिक्षण का शुभारंभ और समापन हुआ जिसमें 150 शिक्षकों के सापेक्ष 150 शिक्षक मौजूद रहे। प्रशिक्षक दिनेश शुक्ला स्वेता तथा उमाकांत वर्मा ने संयुक्त रूप से बताया कि, इससे पहले 4 फेरो का प्रशिक्षण हो चुका है, यह पांचवा यानी अंतिम फेरे का प्रशिक्षण हो रहा है। जिसमें 150 में से 150 अध्यापकों ने प्रतिभाग किया है।
वहीं खंड शिक्षा अधिकारी डॉ सुरेश कुमार से जब बात की गई तो, उन्होंने बताया कि, इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण के पांचवे यानी अंतिम फेरे में 150 अध्यापकों के सापेक्ष 150 अध्यापक उपस्थित रहे। अध्यापकों को विद्यालय में कैसे पढ़ाना है, बच्चों के साथ कैसे घुलना मिलना एवं सरकारी शिक्षा के गिरते हुए स्तर को मजबूत करना आदि को मुख्य आधार मानकर प्रशिक्षण दिया गया।
इस मौके पर मुख्य रुप से राकेश त्रिवेदी, आलोक कुमार सिंह, पुष्पावती, रविशंकर तिवारी, सहित 150 शिक्षक मौजूद रहे।



0 टिप्पणियाँ