मां भक्तों की इच्छाशक्ति और भक्ति के आगे कोरोना जैसी महामारी का होगा अंत।। Raebareli news ।।

रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: सैकड़ों वर्षों से भक्तों की आस्था का केंद्र बना जसवंती देवी मंदिर महाराजगंज कस्बे के मुख्य चौराहे से चंद कदम दूर रायबरेली रोड पर बना हुआ है। विशाल नीम के वृक्ष से सटे इस मंदिर का दूर-दूर तक धार्मिक महत्व है यह मंदिर लंबे समय के इतिहास को भी अपने आप में समेटे हुए हैं।
      आपको बता दें कि, 25 मार्च 2020  दिन बुधवार से मां के नवरात्रों का शुभारंभ है। किंतु कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते मानव जीवन की सुरक्षा को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा लॉक डाउन कर दिए जाने के बाद मुख्य बाजारों में सन्नाटा पसरा है। हवन पूजन सामग्री से लेकर फल-फूल तथा फलाहार इन सभी दुकानों पर ताला लटक रहा है। अब समस्या यह है कि, लोग व्रत कैसे रखेंगे, पूजा-पाठ कैसे करेंगे। इस संबंध में मां दुर्गा भक्तों, कालिका प्रसाद त्रिपाठी महाराज, त्रिवेणी लाल गुप्ता, प्रेमनाथ वैश्य, सरदार जगजीत सिंह, राम कन कन गुप्ता आदि का कहना है कि, सदियों से महराजगंज कस्बा और आसपास क्षेत्र के लोगों का मां जसवंत्री देवी मंदिर आस्था का प्रतीक माना जाता है। इन सब का मानना है कि, कस्बे में प्रत्येक हिंदू परिवार का कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य पड़ता है तो, शुरुआत यहीं से की जाती है। मां सबकी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं और कस्बे के सुख समृद्धि के लिए हर साल यहां धार्मिक आयोजन किए जाते हैं।
       नवरात्रों के मौके पर हर व्रत रखने वाला या व्रत ना रखने वाला दुर्गा मां का भक्त यहां आकर मां के दर्शन एक बार अवश्य करता है। मां कस्बे के कण-कण में समाई हुई है।
    वहीं कस्बा महराजगंज की रहने वाली अनुपमा पांडेय, शेखपुर समोधा की रहने वाली सन्तोष दुबेदी तथा इसी गांव की रहने वाली मनोरमा ने हमारे संवाददाता को बताया कि, इस बार कोरोना का प्रकोप चरम पर है। पूजा और व्रत रखने के दौरान फलाहार आदि की समस्या तो होगी ही, लेकिन हम लोग कुआं पूजन हवन सामग्री का प्रबंध पहले से ही कर लिया है और फलाहार के लिए प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। आवश्यक सामग्री हेतु हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर व्यवस्था जुटाई जाएगी। कुछ महिलाओं का यह भी कहना है कि, इस बार हुए लोग कोरोना से देश के लोगों की रक्षा के लिए भी मां से प्रार्थना करेंगे फिलहाल कोरोना के चरम प्रकोप पर मां भक्तों की दृढ़ इच्छाशक्ति और भक्ति भारी पड़ती दिखाई दे रही है।

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