रायबरेली से बड़ी खबर: विवाहिता के घर में रहते दूसरी औरत भगा ले जाना बना हत्या का कारण।। Raebareli news ।।

रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: शादीशुदा बहन को भगा ले जाने की वजह से भाई अशोक कुमार ने अपने जिगरी दोस्त रामकेवल के साथ मिलकर लवलेश कुमार की ऐन होली के दिन हत्या करके शव को कुएं में फेंक दिया था।    महराजगंज पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज हो जाने के महज 3 दिन के भीतर ही घटना का खुलासा करते हुए दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर मृतक का मोबाइल फोन व घटना में प्रयुक्त शराब की टूटी हुई बोतल बरामद कर ली है। 
      आपको बता दें कि, घटना का अनावरण करते हुए पुलिस क्षेत्राधिकारी राघवेंद्र चतुर्वेदी महराजगंज ने कोतवाली परिसर में हत्या का खुलासा करते हुए पत्रकारों को बताया कि, थाना क्षेत्र के पहाड़पुर गांव का रहने वाला लवलेश 22 पुत्र रामबहादुर विगत होली के दिन गांव से लापता हो गया था। लवलेश के चाचा विजय कुमार द्वारा उसकी गुमशुदगी की सूचना 13 मार्च को थाना महराजगंज में दर्ज कराई थी। जिसमें पुलिस लवलेश की खोजबीन कर रही थी।
     13 मार्च 2020 को खैरा गांव के निकट आम के पेड़ के बगल में स्थित सूखे कुएं में लाश की दुर्गंध आने पर लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी। जिस पर कोतवाली प्रभारी अरुण कुमार सिंह, पुलिस फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे थे। ग्रामीणों की मदद से लाश बाहर निकलवाया था। वहीं मृतक की जेब से बरामद आधार कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस के आधार पर मृतक के परिजनों को सूचना दी गई थी। मृतक के पिता राम बहादुर कोरी ने मौके पर पहुंचकर शव की शिनाख्त अपने पुत्र लवलेश के रूप में की थी।
     पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। उधर घटना में गुमशुदगी की पंजीकृत प्रथम सूचना मुकदमा अपराध संख्या 66/2020 धारा 364 आईपीसी में धारा 302, 201 की बढ़ोतरी कर दी थी।
     सीओ श्री चतुर्वेदी ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि, पुलिस अधीक्षक स्वप्निल ममगई ने घटना के शीघ्र अनावरण के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में कोतवाल महराजगंज अरुण कुमार सिंह ने अपनी टीम के साथ मुकदमे की छानबीन शुरू कर दी, तो चकित करने वाले तथ्य उभर कर सामने आए। घटना की पृष्ठभूमि के बारे में पुलिस का कहना है कि, मृतक लवलेश का अभियुक्त अशोक की बहन से प्रेम प्रसंग चल रहा था। बावजूद इसके की मृतक लवलेश पहले से शादीशुदा था और उसकी पत्नी से 8 माह का एक बच्चा भी है। किंतु विगत 8 महीने पहले लवलेश अशोक की बहन को लेकर भाग गया था। बाद में जब वह बहन को लेकर घर लौटा तो पिता राम बहादुर ने उसको यहां रहने की इजाजत नहीं दी। तो मृतक लवलेश अशोक की बहन सुमन को लेकर ऊंचाहार चला गया और वहां अपने चाचा विजय कुमार के साथ रहता था।
    घटना होली वाले दिन वह गांव में होली खेलने आया था, तभी अशोक कुमार उर्फ छोटू पुत्र रामबहादुर निवासी सोथी तथा उसके जिगरी दोस्त राम कमल पुत्र रामबरन निवासी याकूब गंज थाना महराजगंज रायबरेली को साथ लेकर लवलेश के पास पहुंच गया था। तीनों ने मिलकर पहले पहाड़पुर में शराब पी, उसके बाद शराब के नशे में होने के बाद लवलेश कुमार ने अभियुक्त अशोक कुमार को यह कहकर चिढ़ाना शुरु कर दिया कि, तुम्हारी बहन सुमन भी मां बनने वाली है। अब तुम भी मामा बनने वाले हो। इस पर अशोक अंदर ही अंदर चिढ़ गया। उसके उपरांत लगभग दिन में 1:00 बजे अपने साथी रामकमल के साथ लवलेश को यह कहते हुए कि, यहां से चलो दूसरी जगह दारू और पी जाएंगी। जिसके बाद तीनों साथ साथ पहाड़पुर छोड़कर भोला के पुरवा मजरे खैरा में रामकेवल के खेत के पास लवलेश को लेकर आ गए।
    अभियुक्त का कहना है कि, लवलेश कुमार रामकेवल की मोटरसाइकिल लेकर निकला और शराब की बोतल लेकर वापस लौटा। तीनों वहीं आम के पेड़ के नीचे बैठकर बातें करने लगे। इस दरमियान मृतक लवलेश कुमार ने पुनः अशोक को जल्द ही मामा बनने की बातें कहीं। जिससे अशोक और चिढ़ उठा। दोनों में पहले कहासुनी हुई। उसके बाद अशोक ने शराब की बोतल लवलेश के सिर पर जोर से मार दी। जिससे लवलेश गिरकर तड़पने लगा। अभियुक्तों अशोक और रामकेवल को लगा कि, यह मर भी सकता है, तो रामकेवल ने अपने अगौछे से मृतक के दोनों हाथ पीठ की ओर खींचकर बांध दिए, और गले पर पैर का घुटना रखकर उसकी सांस रोक दी। जब दोनों को इत्मीनान हो गया कि, लवलेश मर चुका है। तो दोनों ने उसकी लाश को घसीट कर बगल में ही स्थिति सूखे कुएं में गिरा दिया और घटनास्थल से निकल गए।
     अभियुक्तों ने मृतक के जूतों को एक पड़ोस के खेत में फेंक दिया और मोबाइल अपने साथ ले गए। जो अभियुक्त रामकेवल के पास से पुलिस ने बरामद किया है। पुलिस ने दोनों अभियुक्तों की निशानदेही पर मृतक का मोबाइल रामकेवल के कब्जे से और शराब की बोतल घटनास्थल से बरामद किया है। मामले में पुलिस का कहना है कि, घटना होली के दिन ही लगभग 2:30 बजे दिन में घटित हुई है। दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
    वहीं सीओ राघवेंद्र चतुर्वेदी ने बताया है कि, घटना के त्वरित और सही खुलासे के लिए प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार सिंह, उप निरीक्षक प्रमोद कुमार, उप निरीक्षक विजय प्रताप सिंह, आरक्षी रविकुमार, आरक्षी बृजेश यादव, आरक्षी रोहित गौतम, रिक्रूट आरक्षी धर्मेंद्र कुमार थाना महराजगंज को शाबाशी देते हुए उन्हें पुरस्कृत किए जाने की अनुशंसा भी की है।

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