समाज सेविका रंजना सिंह महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा स्रोत
रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: शिवगढ़ क्षेत्र के गौरन खेड़ा मजरे गोविंदपुर के रहने वाले पूर्व प्रधान एवं कई बार क्षेत्र पंचायत सदस्य रह चुके राजकुमार सिंह की बहू एवं युवा समाजसेवी आशू सिंह की पत्नी समाज सेविका रंजना सिंह ने कोरोना महामारी के विरुद्ध लड़ी जंग में सहयोग करते हुए उत्तर प्रदेश कोविड-19 केयर फण्ड में 11000 की सहायता राशि जमा करके मिसाल पेश कर दी है।
आपको बता दें कि, वैश्विक महामारी का रूप ले चुके कोरोना वायरस कोविड-19 का संक्रमण भारत में तेजी से फैलने के साथ ही लगातार मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। इस राष्ट्रीय संकट में वैश्विक महामारी के विरुद्ध लड़ी जा रही जंग में शासन- प्रशासन के साथ ही समाजसेवी बढ़-चढ़कर अपना सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
वैश्विक महामारी से उत्पन्न हुए इस राष्ट्रीय संकट में समाज सेविका रंजना सिंह ने अपने निजी बजट से कटौती करके उत्तर प्रदेश कोविड-19 केयर फण्ड में 11000 रुपए जमा किए हैं। अपने इस काम से रंजना सिंह महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन गई हैं।
विदित हो कि, समाज सेविका रंजना सिंह ने अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद से पढ़ाई की है। बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रही रंजना सिंह अवध विश्वविद्यालय में पढ़ाई करने के दौरान से लेकर आज तक महिलाओं के लिए रोल मॉडल बनी हुई हैं। प्रभु श्री राम की भक्ति में समर्पित रहने वाले रंजना सिंह के अंदर अन्दर समाजसेवा तो कूट-कूट कर भरी है। किंतु रंजना सिंह ने कभी जरूरतमंदों की मदद करते समय ना ही कभी फोटो सेशन की और ना ही कभी किसी से जिक्र किया।
जिनका कहना है कि, या तो किसी की मदद ना करो, अगर मदद करो तो किसी से कहो ना। क्योंकि व्यक्ति चाहे जितना गरीब क्यों ना हो, हर व्यक्ति का सामाजिक स्तर होता है। किसी की मदद करके उस पर ऐहसान लादना या उसका सामाजिक स्तर गिराना अच्छी बात नहीं है। यही कारण है कि, लॉकडाउन के दौरान समाज सेविका रंजना सिंह व उनके पति आशू सिंह ने अपने निजी खर्चो को रोककर गांव-गांव जरूरतमंदों की मदद की, किंतु कभी किसी से कोई जिक्र नहीं किया।
रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: शिवगढ़ क्षेत्र के गौरन खेड़ा मजरे गोविंदपुर के रहने वाले पूर्व प्रधान एवं कई बार क्षेत्र पंचायत सदस्य रह चुके राजकुमार सिंह की बहू एवं युवा समाजसेवी आशू सिंह की पत्नी समाज सेविका रंजना सिंह ने कोरोना महामारी के विरुद्ध लड़ी जंग में सहयोग करते हुए उत्तर प्रदेश कोविड-19 केयर फण्ड में 11000 की सहायता राशि जमा करके मिसाल पेश कर दी है।
आपको बता दें कि, वैश्विक महामारी का रूप ले चुके कोरोना वायरस कोविड-19 का संक्रमण भारत में तेजी से फैलने के साथ ही लगातार मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। इस राष्ट्रीय संकट में वैश्विक महामारी के विरुद्ध लड़ी जा रही जंग में शासन- प्रशासन के साथ ही समाजसेवी बढ़-चढ़कर अपना सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
वैश्विक महामारी से उत्पन्न हुए इस राष्ट्रीय संकट में समाज सेविका रंजना सिंह ने अपने निजी बजट से कटौती करके उत्तर प्रदेश कोविड-19 केयर फण्ड में 11000 रुपए जमा किए हैं। अपने इस काम से रंजना सिंह महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बन गई हैं।
विदित हो कि, समाज सेविका रंजना सिंह ने अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद से पढ़ाई की है। बचपन से ही पढ़ाई में अव्वल रही रंजना सिंह अवध विश्वविद्यालय में पढ़ाई करने के दौरान से लेकर आज तक महिलाओं के लिए रोल मॉडल बनी हुई हैं। प्रभु श्री राम की भक्ति में समर्पित रहने वाले रंजना सिंह के अंदर अन्दर समाजसेवा तो कूट-कूट कर भरी है। किंतु रंजना सिंह ने कभी जरूरतमंदों की मदद करते समय ना ही कभी फोटो सेशन की और ना ही कभी किसी से जिक्र किया।
जिनका कहना है कि, या तो किसी की मदद ना करो, अगर मदद करो तो किसी से कहो ना। क्योंकि व्यक्ति चाहे जितना गरीब क्यों ना हो, हर व्यक्ति का सामाजिक स्तर होता है। किसी की मदद करके उस पर ऐहसान लादना या उसका सामाजिक स्तर गिराना अच्छी बात नहीं है। यही कारण है कि, लॉकडाउन के दौरान समाज सेविका रंजना सिंह व उनके पति आशू सिंह ने अपने निजी खर्चो को रोककर गांव-गांव जरूरतमंदों की मदद की, किंतु कभी किसी से कोई जिक्र नहीं किया।

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