कोटा (राजस्थान) से वापस आ रहे बच्चों के परिवार में दीवाली और होली-सी खुशी

परिजनों ने DM, MZP को कहा-थैंक्स--
मिर्जापुर। राजस्थान प्रान्त के कोटा जिले में कोचिंग पढ रहे स्थानीय बच्चों के परिवारों में कोरोना के भयव्यापी माहौल में दीवाली और होली जैसे उल्लास का माहौल इसलिए बना दिखा क्योंकि लॉकडाउन की वजह से ये बच्चे घर नहीं आ पा रहे थे तथा हर रोज अपने परिवार के लोगों को फोन कर अपना कष्टपूर्ण दास्तां बयान कर रहे थे । 
रविवार को ब्रह्म-मुहूर्त में आएगी बसें
   कोटा से लेकर चली बसों में विंध्याचल मन्डल के तीनों जिलों के बच्चे और कुछ के साथ अभिभावक भी है । बसे 18/19 अप्रैल को ब्रह्ममुहूर्त 3-4 के बीच यहां आ जाएगीं । ये बच्चे कहां उतरेंगे तथा इनका परीक्षण आदि होगा या नहीं इसको लेकर अभिभावकों में उहापोह बना हुआ था ।
DM ने स्थिति स्पष्ट की- बस शनिवार, 18 अप्रैल को रात 9 बजे कानपुर आई तो तमाम अभिभावक यह जानने की कोशिश कर रहे थे कि बच्चे अपने अपने घर कैसे जाएंगे ? कोरोना मामले में किसी भी तरह की उलझन के शिकार लोगों की मदद में हर वक्त मोबाइल रिसीभ कर रहे DM श्री सुशील कुमार पटेल ने स्पष्ट किया कि सारी स्थिति की उनको जानकारी है । कुल 105 बच्चे हैं । तीनों जिलों के बच्चों को यथास्थान पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं कि सभी को मंडल मुख्यालय पर उतार दिया जाएगा ।
10-11बजे अपने घर पहुंच जाएंगे बच्चे- DM श्री पटेल ने बताया कि इन बच्चों का परीक्षण कर उन्हें हर स्थिति में 19 अप्रैल को पूर्वाह्न 10-11 बजे तक घर भेज दिया जाएगा ।
थैंक्स !- 25 मार्च से परेशान हाल परिवारों ने DM श्री पटेल को थैंक्स कहा ।
                      सलिल पांडेय, मिर्जापुर ©

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