लेखक वरिष्ठ पत्रकार है
शिवगढ़/रायबरेली: विकाश खण्ड क्षेत्र के कस्बा स्थित जलनिगम द्वारा 30 हजार लोगों के लिए लगाई गई पानी की टंकी सफेद हांथी साबित हो रही है, वहीं जिम्मेदार मौन है।
आपको बता दें कि, विकासखंड क्षेत्र में 43 ग्राम पंचायतें हैं। यहां लगभग सवा लाख आबादी निवास करती है। लगभग चार दशक पूर्व तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा विकासखंड शिवगढ़ में तीन शुद्ध पेयजल के लिए टंकियों का निर्माण कराया गया था। जिसमें शिवगढ़, नेरथुवा, राजापुर सीवन थी, जिसमें दो परियोजनाएं पहले ही बंद पड़ी हैं। शिवगढ़ वर्तमान में भी संचालित है, इस टंकी पर आधी आबादी आश्रित है। उस पर भी संक्रमण काल चल रहा है।
विभाग के आंकड़ों के अनुसार 18 ग्राम पंचायतों में लगभग 30 हजार आबादी के लिए शिवगढ़ जल निगम टंकी की स्थापना हुई। वर्तमान में भी कई ग्राम पंचायतों में सप्लाई ठप कर देने के बाद भी 219 कनेक्शन संचालित हैं। कोरोना काल में भी चार महीने से पानी की टंकी ठप पड़ी है। उपभोक्ताओं को पैसा भी देना पड़ रहा है।
अनवरत शुद्ध पेयजल का माध्यम आज भी क्षेत्र में जल निगम के द्वारा सप्लाई का जल ही है, किंतु विभागीय उदासीनता के चलते लगातार 3 वर्षों से संकटकाल मंडरा रहा है।
क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों पुर्वप्रधान विष्णुुुु कुमार गोस्वामी, राज नरेश चतुर्वेदी, सुरेश चतुर्वेदी, ज्ञान बहादुर सिंह ने इस संवाददाता को बताया कि, विगत 3 वर्षों से शुद्ध पेयजल की व्यवस्था चरमरा सी गई है। इस जल निगम टंकी से शिवगढ़ ,भवानीगढ़, शिवली, पिपरी, कुम्हरावां, कसना, कुंभी, ढेकवा, ऐमापुर, ढोढवापुर, सरायक्षत्रधारी, दहिगावां, जगदीशपुर, कोटवा सहित 18 ग्राम पंचायतों में शुद्ध पेयजल की सप्लाई की जाती थी।
विभागीय उदासीनता के कारण यह सप्लाई बाधित हो रही है। यही कारण है कि, आए दिन टंकी का पानी बंद रहता है, कहीं मोटर जल जाना, तो कहीं पाइप लीकेज होना आम बात हो गई है।इधर अवर अभियंता आर कुमार ने बताया कि, 2017 से सरकार द्वारा जल निगम की टंकी के शुद्ध पेयजल की सप्लाई में आने वाले अवरोधों के मरम्मत का कार्य ग्राम पंचायतों को दिया गया है, ग्राम पंचायत से धन मिल नहीं पाता, यही कारण है कि, सही तरीके से शुद्ध पेयजल की सप्लाई नहीं हो पा रही।
कुछ दिन पहले मोटर जली थी, वर्तमान में इंटरनेट लाइन बिछाने वाली कंपनी के द्वारा खुदाई से कई जगह पाइप लीकेज की समस्या आ गई है। यही कारण है कि, पानी का संचालन ठप कर दिया गया है। इधर अधिशासी अभियंता जनार्दन सिंह ने बताया कि, उनके पास किसी प्रकार का कोई बजट नहीं है। जल निगम द्वारा कनेक्शन धारकों से जो वसूली की जाती थी, उससे कुछ मरम्मत का कार्य कराया जाता था। लॉकडाउन के कारण वह भी नहीं की जा रही है। ऐसे में जब तक धन नहीं मिलेगा, तो संचालन करा पाना संभव नहीं है।
प्रधान रामपुर खास हनुमान सिंह, रतीपाल रावत, अवधेश कुमार मिश्रा, पंकज तिवारी, रामनरेश सिंह आदि ने जिलाधिकारी व संबंधित मंत्री से शुद्ध पेयजल की सप्लाई बहाल कराते हुए सही संचालन कराने की मांग की है।
शिवगढ़/रायबरेली: विकाश खण्ड क्षेत्र के कस्बा स्थित जलनिगम द्वारा 30 हजार लोगों के लिए लगाई गई पानी की टंकी सफेद हांथी साबित हो रही है, वहीं जिम्मेदार मौन है।
आपको बता दें कि, विकासखंड क्षेत्र में 43 ग्राम पंचायतें हैं। यहां लगभग सवा लाख आबादी निवास करती है। लगभग चार दशक पूर्व तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा विकासखंड शिवगढ़ में तीन शुद्ध पेयजल के लिए टंकियों का निर्माण कराया गया था। जिसमें शिवगढ़, नेरथुवा, राजापुर सीवन थी, जिसमें दो परियोजनाएं पहले ही बंद पड़ी हैं। शिवगढ़ वर्तमान में भी संचालित है, इस टंकी पर आधी आबादी आश्रित है। उस पर भी संक्रमण काल चल रहा है।
विभाग के आंकड़ों के अनुसार 18 ग्राम पंचायतों में लगभग 30 हजार आबादी के लिए शिवगढ़ जल निगम टंकी की स्थापना हुई। वर्तमान में भी कई ग्राम पंचायतों में सप्लाई ठप कर देने के बाद भी 219 कनेक्शन संचालित हैं। कोरोना काल में भी चार महीने से पानी की टंकी ठप पड़ी है। उपभोक्ताओं को पैसा भी देना पड़ रहा है।
अनवरत शुद्ध पेयजल का माध्यम आज भी क्षेत्र में जल निगम के द्वारा सप्लाई का जल ही है, किंतु विभागीय उदासीनता के चलते लगातार 3 वर्षों से संकटकाल मंडरा रहा है।
क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों पुर्वप्रधान विष्णुुुु कुमार गोस्वामी, राज नरेश चतुर्वेदी, सुरेश चतुर्वेदी, ज्ञान बहादुर सिंह ने इस संवाददाता को बताया कि, विगत 3 वर्षों से शुद्ध पेयजल की व्यवस्था चरमरा सी गई है। इस जल निगम टंकी से शिवगढ़ ,भवानीगढ़, शिवली, पिपरी, कुम्हरावां, कसना, कुंभी, ढेकवा, ऐमापुर, ढोढवापुर, सरायक्षत्रधारी, दहिगावां, जगदीशपुर, कोटवा सहित 18 ग्राम पंचायतों में शुद्ध पेयजल की सप्लाई की जाती थी।
विभागीय उदासीनता के कारण यह सप्लाई बाधित हो रही है। यही कारण है कि, आए दिन टंकी का पानी बंद रहता है, कहीं मोटर जल जाना, तो कहीं पाइप लीकेज होना आम बात हो गई है।इधर अवर अभियंता आर कुमार ने बताया कि, 2017 से सरकार द्वारा जल निगम की टंकी के शुद्ध पेयजल की सप्लाई में आने वाले अवरोधों के मरम्मत का कार्य ग्राम पंचायतों को दिया गया है, ग्राम पंचायत से धन मिल नहीं पाता, यही कारण है कि, सही तरीके से शुद्ध पेयजल की सप्लाई नहीं हो पा रही।
कुछ दिन पहले मोटर जली थी, वर्तमान में इंटरनेट लाइन बिछाने वाली कंपनी के द्वारा खुदाई से कई जगह पाइप लीकेज की समस्या आ गई है। यही कारण है कि, पानी का संचालन ठप कर दिया गया है। इधर अधिशासी अभियंता जनार्दन सिंह ने बताया कि, उनके पास किसी प्रकार का कोई बजट नहीं है। जल निगम द्वारा कनेक्शन धारकों से जो वसूली की जाती थी, उससे कुछ मरम्मत का कार्य कराया जाता था। लॉकडाउन के कारण वह भी नहीं की जा रही है। ऐसे में जब तक धन नहीं मिलेगा, तो संचालन करा पाना संभव नहीं है।
प्रधान रामपुर खास हनुमान सिंह, रतीपाल रावत, अवधेश कुमार मिश्रा, पंकज तिवारी, रामनरेश सिंह आदि ने जिलाधिकारी व संबंधित मंत्री से शुद्ध पेयजल की सप्लाई बहाल कराते हुए सही संचालन कराने की मांग की है।





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