15 सौ लोगों को देख स्थानीय लोगों में मचा हड़कंप

रजनीकांत अवस्थी
मथुरा: आज अचानक मथुरा जिला प्रशासन के द्वारा मथुरा के बीएसए इंजी कॉलेज के अंदर पूरे आगरा मंडल के सभी जिलों से लगभग 1500 लोगों को अलग-अलग जनपदों से बसों के माध्यम से लाया गया। जिससे स्थानीय लोगों ने इतनी बड़ी संख्या में लोगों को देख, पूरे बीएसए इंजन कॉलेज तथा आसपास के क्षेत्र में बनी दर्जनों कॉलोनी में हड़कंप मच गया। आनन-फानन ब्रज यातायात एवं पर्यावरण जनजागरूकता समिति की टीमों ने बीएसए इंजीनियरिंग कॉलेज पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
     आपको बता दें कि, स्थिति का जायजा लेने के बाद स्थानीय नगर निगम वार्ड नंबर 45 पार्षद व ब्रज यातायात पर्यावरण जनजागरूकता समिति के प्रदेश महासचिव चौधरी तिलक वीर को फोन करके बुलाया गया। पार्षद व प्रदेश महासचिव तिलकबीर चौधरी ने  प्रशासन से बात करने के बाद लोगों को शांत करवाया और भविष्य में यहां पर किसी भी प्रकार की प्रशासन के द्वारा भीड़ न इकट्ठी होने की बात कहीं।
      प्रशासन को बार-बार फोन करने के बाद भी लोगों को किसी भी प्रकार के खाने पीने की सुविधा नहीं दे पाया। प्रशासन की अव्यवस्था के कारण बच्चे भूख से परेशान तो वहीं बड़े प्यास से परेशान थे। ब्रज यातायात एवं पर्यावरण जन जागरूकता समिति रजिस्टर्ड उत्तर प्रदेश की टीम ने निर्णय लिया और फिर अपने पास से पार्षद तिलक वीर चौधरी के द्वारा पानी की बोतलें फल, बिस्किट इत्यादि चीजें मंगा कर उन परदेसी लोगों को दी गई।
       जोकि लॉक डाउन के समय पूरे आगरा मंडल में फंसे हुए थे जिनको रेलगाड़ी से कोलकाता जाना था, इसलिए मथुरा से चलने वाली ट्रेन के लिए मथुरा में लाया गया था। जिसके पश्चात सभी लोगों के लिए उनके स्टेशन पहुंचने तक प्रशासन के द्वारा ब्रज यातायात एवं पर्यावरण जन जागरूकता समिति की टीम के द्वारा बसों की व्यवस्था करके उनको मथुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन तक पहुंचाया।
      इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष विनोद दीक्षित ने कहा कि, प्रशासन की इस तरह की लापरवाही लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ है। उन्होंने अचानक सुरक्षित क्षेत्र में भीड़ को गलत घुसा दिया। जिससे पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बन गया। अगर प्रशासन इस तरह की आगे भी कोई कार्रवाई करता है तो, इसका स्थानीय स्तर पर विरोध किया जाएगा।
     इस अवसर पर चंद्र प्रकाश अग्रवाल, संजय सिसोदिया, हेमंत अग्रवाल, गगन अग्रवाल सहित समिति के अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

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