◆सही बोले लेकिन बोतल में नहीं बाहर तो है झूमने-झुमाने की ताकत--
'मधुशाला' की खासियतों के शोधपरक काव्य-ग्रन्थ के रचने वाले स्व हरिवंश बच्चन के बहुआयामी, लोक-प्रसिद्धि प्राप्त शाहबज़ादे फ़िल्म जगत में अवतार-पुरुष सम्माननीय, अनुकरणीय, अग्रणीय अमिताभ बच्चन जब फरमाते हैं- नशा शराब में होता तो नाचती बोतल तो अबतक कोई नहीं इस मन्त्रस्वरूप गीत-पंक्ति को काट सका । वे साक्ष्य में कौन नहीं है नशे में है बताओ तो जरा? पेश करते हैं तो बड़े बड़े दिमाग वाले हारे हुए मुकदमे के वकील साहब की तरह मुंह लटकाए नज़र आते हैं ।
हम क्या चीज हैं यह पहले जान लीजिए- यह इसलिए लिखना पड़ रहा है कि जब इस दलील के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक कोई वकील दलील नहीं
उठाने की हिम्मत जुटा सका तो हम नाचीज़ की क्या हैसियत ?
लेकिन जब लॉकडाउन टूट गया तब क्या क्या क्या हुआ ? -खुद पर बड़ा घमंड करने वाले कोरोना को तब जोर का झटका हौले से लगा कि बोतल के दीवानों ने उसे शिकस्त दे ही दी । सरकार के फैसले की खबर लॉकडाउन-थ्री की पूर्व संध्या पर लगते ही पेज-थ्री की तरह दीवानों के चेहरे लाल-गुलाबी होंने लगे । बेचारी बोतल की रिहाई तो चार मई से की गई और बोतल अपने दीवानों को याद कर इस अंतराल की घड़ी में कसमसाई जरूर होगी । तरंगों से चलने वाली दुनियां में जब सात समंदर पार ही नहीं अंतरिक्ष तक तरंगे धमाल मचा रही है तो बाहर झूमते दीवानों की तरंगों का असर मयखानों में सिसक रही बोतल पर न पड़ा हो, यह संभव नहीं ।
दीवानगी की गली की दलील- दीवानों की गली की गणित बड़ी विचित्र है । यहां एक और एक मिलकर दो नहीं बल्कि एक ही होते हैं । इसलिए तो दो जिस्म और एक जान के पोस्टर कभी लगते थे। चोली के नीचे क्या है जब तक लोग नाक-भौं सिकोड़ते तब तक गीतकार ने धोबियापाट मारा और विद्योतमा के आगे कालीदास सा तर्क प्रस्तुत कर दिया कि *दिल है मेरा*। सब हुए चारो खाने चित्त ।
कमाने वाला ललकारेगा- ज़ाहिर है कि आज के दौर में दिलवाले नहीं बल्कि कमाने वाले दुल्हनियां ले जा सकेंगे । कैसे कमाते हैं यह कोई मायने नहीं । बोतलवाले तो ठहरे कमाऊ पूत । अन्य बाना वाले तिकड़म से टैक्स बचाने के फ़िराक में रहते है जबकि ये दीवाने राजा दिल मांगे रुपैया उछाल के सिद्धांत के हिमायती हैं । इसलिए इनसे तुलना कर अवसाद कोई मोल न ले । वरना अस्पताल जाना पड़ेगा वहां पॉजिटिव वाले मिल जाएंगे ।
सलिल पांडेय, मिर्जापुर
इस व्यंग्यात्मक आलेख में नाम एडिट कर अन्य का लगाना कानूनी पचड़े में फंसने की संभावना है।
'मधुशाला' की खासियतों के शोधपरक काव्य-ग्रन्थ के रचने वाले स्व हरिवंश बच्चन के बहुआयामी, लोक-प्रसिद्धि प्राप्त शाहबज़ादे फ़िल्म जगत में अवतार-पुरुष सम्माननीय, अनुकरणीय, अग्रणीय अमिताभ बच्चन जब फरमाते हैं- नशा शराब में होता तो नाचती बोतल तो अबतक कोई नहीं इस मन्त्रस्वरूप गीत-पंक्ति को काट सका । वे साक्ष्य में कौन नहीं है नशे में है बताओ तो जरा? पेश करते हैं तो बड़े बड़े दिमाग वाले हारे हुए मुकदमे के वकील साहब की तरह मुंह लटकाए नज़र आते हैं ।
हम क्या चीज हैं यह पहले जान लीजिए- यह इसलिए लिखना पड़ रहा है कि जब इस दलील के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक कोई वकील दलील नहीं
उठाने की हिम्मत जुटा सका तो हम नाचीज़ की क्या हैसियत ?
लेकिन जब लॉकडाउन टूट गया तब क्या क्या क्या हुआ ? -खुद पर बड़ा घमंड करने वाले कोरोना को तब जोर का झटका हौले से लगा कि बोतल के दीवानों ने उसे शिकस्त दे ही दी । सरकार के फैसले की खबर लॉकडाउन-थ्री की पूर्व संध्या पर लगते ही पेज-थ्री की तरह दीवानों के चेहरे लाल-गुलाबी होंने लगे । बेचारी बोतल की रिहाई तो चार मई से की गई और बोतल अपने दीवानों को याद कर इस अंतराल की घड़ी में कसमसाई जरूर होगी । तरंगों से चलने वाली दुनियां में जब सात समंदर पार ही नहीं अंतरिक्ष तक तरंगे धमाल मचा रही है तो बाहर झूमते दीवानों की तरंगों का असर मयखानों में सिसक रही बोतल पर न पड़ा हो, यह संभव नहीं ।
दीवानगी की गली की दलील- दीवानों की गली की गणित बड़ी विचित्र है । यहां एक और एक मिलकर दो नहीं बल्कि एक ही होते हैं । इसलिए तो दो जिस्म और एक जान के पोस्टर कभी लगते थे। चोली के नीचे क्या है जब तक लोग नाक-भौं सिकोड़ते तब तक गीतकार ने धोबियापाट मारा और विद्योतमा के आगे कालीदास सा तर्क प्रस्तुत कर दिया कि *दिल है मेरा*। सब हुए चारो खाने चित्त ।
कमाने वाला ललकारेगा- ज़ाहिर है कि आज के दौर में दिलवाले नहीं बल्कि कमाने वाले दुल्हनियां ले जा सकेंगे । कैसे कमाते हैं यह कोई मायने नहीं । बोतलवाले तो ठहरे कमाऊ पूत । अन्य बाना वाले तिकड़म से टैक्स बचाने के फ़िराक में रहते है जबकि ये दीवाने राजा दिल मांगे रुपैया उछाल के सिद्धांत के हिमायती हैं । इसलिए इनसे तुलना कर अवसाद कोई मोल न ले । वरना अस्पताल जाना पड़ेगा वहां पॉजिटिव वाले मिल जाएंगे ।
सलिल पांडेय, मिर्जापुर
इस व्यंग्यात्मक आलेख में नाम एडिट कर अन्य का लगाना कानूनी पचड़े में फंसने की संभावना है।


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