या देवी सर्वभूतेषु बुद्धि रूपेण संस्थिता नमः तस्यै नमः तस्यै नमः तस्यै नमोSनमः---
मिर्जापुर। लेखनी का वही सच्चा उपासक माना जाता है जो शब्दों और वाक्यों को मां सरस्वती की मूर्तियां समझता हो तथा पुस्तक, अखबार या समाचार प्रसारण के अन्य संसाधनों को माता सरस्वती का मंदिर । वरना अनेकानेक क्षेत्रों में लोग-बाग शब्द और वाक्यों के बल पर हल्कापन दिखा जाते हैं ।
हर देवी-देवता के पीठ, गले और पैरों तले बसती हैं नकारात्मक शक्तियां- धर्मशास्त्रों के अनुसार नकारात्मक लोगों पर मा सरस्वती की बहन अविद्या की कृपा होती है लिहाजा उनकी सोच निचले स्तर की हो जाती है। माँ लक्ष्मी की बड़ी बहन दरिद्र लक्ष्मी लक्ष्मी जी के पीठ पर रहती हैं । इसलिए ऋषियों ने कहा कि नारी के पीठ की ओर नहीं देखना चाहिए । मां महाकाली के गले में दुष्टों का मुंड रहता है ।
शुभकामनाएं सरस्वती के उपासक प्रगतिशील पत्रकारों को - जिले में उन पत्रकारों को शुभकामनाएं इसलिए देना लाजिमी लगता है जो विकृतियों भरे माहौल का मुक़ाबला करने में साहित्य और कला को संजीवनी-बूटी बनाने में आगे रहते हैं ।
प्रमुखता दी हिंदी गौरव डॉ भवदेव पांडेय की जयंती की खबर को- बुद्ध पूर्णिमा को सम्पन्न गोष्ठी की ख़बर को प्रयागराज से प्रकाशित 'अमृत-प्रभात' के ब्यूरो चीफ श्री मनोज शुक्ल, 'गांडीव' के ब्यूरो चीफ श्री शशि गुप्ता, 'हिदुस्तान' के ब्यूरो चीफ श्री वीरेंद्र दुबे, 'अमर उजाला' के ब्यूरो चीफ श्री जयेंद्र चतुर्वेदी, 'जनसंदेश टाइम्स' के ब्यूरो चीफ श्री संजय दुबे, 'स्वतंत्र चेतना' के ब्यूरोचीफ श्री शिवशंकर उपाध्याय, 'हर बात' प्रयागराज के सम्पादक श्री हिमांशु त्रिपाठी ने विशेष महत्त्व देते हुए प्रकाशित किया । इसी तरह आन-लाइन पत्रकारिता में अहम् भूमिका अदा करने वाले श्री राजन गुप्त ने यू-ट्यूब के जरिए, गाजीपुर से वरिष्ठ पत्रकार श्री रवींद्र सिंह, रायबरेली से श्री शिवाकांत अवस्थी, मुंबई से श्रीयम नेटवर्क तथा मिर्जापुर के युवा पत्रकार श्री मुकेश पांडेय ने साहित्य का परचम लहराने में योगदान किया । सभी कलमकारों के मन-मस्तिष्क को मां विंध्यवासिनी अपना आवास बनाएं, यह कामना 'या देवी सर्वभूतेषु बुद्धि रूपेण संस्थिता...' के साथ की जाती है ।
सलिल पांडेय, मिर्जापुर
मिर्जापुर। लेखनी का वही सच्चा उपासक माना जाता है जो शब्दों और वाक्यों को मां सरस्वती की मूर्तियां समझता हो तथा पुस्तक, अखबार या समाचार प्रसारण के अन्य संसाधनों को माता सरस्वती का मंदिर । वरना अनेकानेक क्षेत्रों में लोग-बाग शब्द और वाक्यों के बल पर हल्कापन दिखा जाते हैं ।
हर देवी-देवता के पीठ, गले और पैरों तले बसती हैं नकारात्मक शक्तियां- धर्मशास्त्रों के अनुसार नकारात्मक लोगों पर मा सरस्वती की बहन अविद्या की कृपा होती है लिहाजा उनकी सोच निचले स्तर की हो जाती है। माँ लक्ष्मी की बड़ी बहन दरिद्र लक्ष्मी लक्ष्मी जी के पीठ पर रहती हैं । इसलिए ऋषियों ने कहा कि नारी के पीठ की ओर नहीं देखना चाहिए । मां महाकाली के गले में दुष्टों का मुंड रहता है ।
शुभकामनाएं सरस्वती के उपासक प्रगतिशील पत्रकारों को - जिले में उन पत्रकारों को शुभकामनाएं इसलिए देना लाजिमी लगता है जो विकृतियों भरे माहौल का मुक़ाबला करने में साहित्य और कला को संजीवनी-बूटी बनाने में आगे रहते हैं ।
प्रमुखता दी हिंदी गौरव डॉ भवदेव पांडेय की जयंती की खबर को- बुद्ध पूर्णिमा को सम्पन्न गोष्ठी की ख़बर को प्रयागराज से प्रकाशित 'अमृत-प्रभात' के ब्यूरो चीफ श्री मनोज शुक्ल, 'गांडीव' के ब्यूरो चीफ श्री शशि गुप्ता, 'हिदुस्तान' के ब्यूरो चीफ श्री वीरेंद्र दुबे, 'अमर उजाला' के ब्यूरो चीफ श्री जयेंद्र चतुर्वेदी, 'जनसंदेश टाइम्स' के ब्यूरो चीफ श्री संजय दुबे, 'स्वतंत्र चेतना' के ब्यूरोचीफ श्री शिवशंकर उपाध्याय, 'हर बात' प्रयागराज के सम्पादक श्री हिमांशु त्रिपाठी ने विशेष महत्त्व देते हुए प्रकाशित किया । इसी तरह आन-लाइन पत्रकारिता में अहम् भूमिका अदा करने वाले श्री राजन गुप्त ने यू-ट्यूब के जरिए, गाजीपुर से वरिष्ठ पत्रकार श्री रवींद्र सिंह, रायबरेली से श्री शिवाकांत अवस्थी, मुंबई से श्रीयम नेटवर्क तथा मिर्जापुर के युवा पत्रकार श्री मुकेश पांडेय ने साहित्य का परचम लहराने में योगदान किया । सभी कलमकारों के मन-मस्तिष्क को मां विंध्यवासिनी अपना आवास बनाएं, यह कामना 'या देवी सर्वभूतेषु बुद्धि रूपेण संस्थिता...' के साथ की जाती है ।
सलिल पांडेय, मिर्जापुर

0 टिप्पणियाँ