कोरोना वध का महायुध्द जारी, एक मरीज के चलते विजय-पताका फहराने में हो रहा विलम्ब

BHU पर दबाव से लग रहा वक्त----
मिर्जापुर। जिले में कोरोना निशाचर के वध के लिए लगातार युध्द चल रहा है । प्रशासन अपने अस्त्र-शस्त्र से इस वायरस पर कभी अग्नि-वाण, कभी महादेव का पिनाक शस्त्र चला रहा है । जिससे बहुतेरे कोरोना संवाहकों का अस्तित्व समाप्त हो रहा है लेकिन एक रक्तबीज रह-रहकर ललकारता अभी भी दिख रहा है ।
अहरौरा का मरीज राह में रोड़ा बना है- अहरौरा का एक मरीज जिले को कोरोना मुक्त होकर विजय-पताका फहराने के रास्ते में अभी भी रोड़ा बना है ।
टेस्ट चार पर तीसरी-चौथी रिपोर्ट पेंडिंग- तब्लीगी समाज के जहाँ 2 मरीज निगेरिव होकर अपने घर जाकर बाल-बच्चों के बीच जीवन जी रहे हैं वहीं अहरौरा के इस मरीज की तीसरी रिपोर्ट की टेलीफोनिक सूचना आई है कि वह पॉजिटिव ही है जबकि 29 अप्रैल के टेस्ट पर अभी BHU में हाथ ही नहीं लगा है । कारण यह है कि वाराणसी में वायरस खौफनाक रुप दिखा रहा है और उसी जिले की जांच को प्राथमिकता दी जा रही है क्योंकि अभयदान देने काशी खुद भयग्रस्त है ।
पॉजिटिव मिर्जापुरी अभी क्वारन्टीन ही रहेगा- अहरौरा के इस मरीज के तीन पॉजिटिव रिपोर्ट के बाद पेंडिंग चौथी रिपोर्ट के बाद भी इलाज प्रक्रिया चलती रहेगी । क्योंकि लगातार 2 निगेटिव रिपोर्ट के बिना मुक्ति का प्रश्न ही नहीं उठता । इस मरीज के अलावा सामान्य प्रक्रिया के तहत 17 लोगों की जांच अभी पेंडिंग में है । इनकी यह पहली जांच है। 
गैर स्थानों के लोगों का रैंडम टेस्ट होगा- गैर जनपद/प्रांत से आने वाले श्रमिक/छात्रों का जिले के विभिन्न सेंटरों में थर्मल स्कैनिंग अभी तक जांच हुई है जिसमें फिलहाल ओके मामला ही है लेकिन 7 दिनों के क्वारन्टीन के बाद इनकी रैंडम-जांच होगी तब इनके बारे में निर्णय लिया जाएगा ।
प्रशासनिक हेड कोरोना-डेड अभियान में लगे- कोरोना से हो रहे युध्द के मैदान में महानायक की भूमिका में DM श्री सुशील कुमार पटेल रंच-मात्र कहीं ढीले नहीं पड़ना चाह रहे । स्कूलों को क्वारन्टीन सेण्टर चयन कर चाक-चौबंद व्यवस्था की कमान खुद सम्हाले हैं । बाजार में ढील देने के दवाब पर जरा भी ढीले नहीं होते दिख रहे हैं ताकि 40 दिन की मेहनत पानी में न फिर जाए और फिर कहीं ज्यादे कठिनाइयां  झेलने की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी ।
                    सलिल पांडेय, मिर्जापुर

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