दरोगा दम्पति की मदद से प्रवासी मजदूरों ने पलायन न करने का लिया फैसला।। Lucknow news ।।

रजनीकांत अवस्थी
लखनऊ: कोरोना महामारी के चलते हुए लॉक डाउन में जरूरतमंद लोगों को राशन, भोजन और हरसंभव मदद पहुँचाने के लिये बाल चौपाल आनंद भोग मुहिम के तहत पुलिस दम्पति सबइंस्पेक्टर अनूप मिश्रा अपूर्व और रीना पाण्डेय मिश्रा ने रोजीरोटी की खातिर छत्तीसगढ़ , बिहार आदि राज्यों से राजधानी आये तंगहाल दिहाड़ी मजदूर परिवारों का मददगार बन  कर इंसानियत की ऐसी मिशाल पेश की कि, इन परिवारों ने अपनी खुशी से पलायन न करने का फैसला ले लिया। 
       आपको बता दें कि, सब इंस्पेक्टर अनूप मिश्रा अपूर्व पीएसी मुख्यालय में
और उनकी धर्मपत्नी रीना पाण्डेय मिश्रा पुलिस टेलीकॉम मुख्यालय, महानगर में कार्यरत हैं। पुलिस सेवा को बाखूबी निभाने के साथ-साथ ये
पुलिस दंपति कोरोना आपदा में जरूरतमंद लोगों की मदद में तन मन धन से लगे हुए हैं। सरोजनी नगर क्षेत्र में रहने वाले प्रवासी मज़दूरों द्वारा मदद की गुहार लगाने पर अनूप मिश्रा अपूर्व ने अपनी पत्नी रीना पाण्डेय मिश्रा के साथ इन जरूरतमंद लोगों से संपर्क किया  20 से अधिक परिवारों को गोद ले लिया गया, जहां सबसे पहले लगभग 100 लोगों का खाना पहुँचाया गया।
       इन जरूरतमंद प्रवासी मजदूर परिवारों को राशन सामग्री व दैनिक जरूरत की वस्तुओं को उपलब्ध करवाने के लिये आनंद भोग मुहिम की शुरुआत की गयी, राहत सामग्री के पैकेट में  में 5 किलो आटा, 2 किलो दाल, 3 किलो चावल, 1 लीटर सरसों का तेल,  5 किलो आलू , 1 किलो नमक , 1 पैकेट सब्जी मसाला,1 किलो प्याज, 2 साबुन, 1 सेनेटाइजर, 2 कॉटन रुमाल ( मास्क हेतु ), 1 गमछा, 5 बिस्किट के पैक रखकर हर परिवार को उपलब्ध करवाया गया, राशन खत्म होने पर पुनः पहुँचा दिया जाता है। 
       सब इंस्पेक्टर अनूप मिश्रा अपूर्व ने पत्नी सब इंस्पेक्टर रीना पाण्डेय मिश्रा के साथ डॉक्टरों की मदद से इन परिवारों के निःशुल्क इलाज की व्यवस्था की। मदद पहुँचाने के साथ साथ लगातार संपर्क बनाये रखा। दरोगा दम्पति की संजीवनी मदद से सरोजनी नगर क्षेत्र में रहने वाले इन प्रवासी मजदूर परिवारों को सहारा मिला और वे अपने राज्य नहीं गये। दिहाड़ी मजदूरी करने वाले कान्हा, विजय, मुरली आदि ने बताया कि,  लॉक डाउन  में कुछ समय के लिये काम रुका था, जो अब फिर शुरू हो गया है। अपने राज्य वापस जा रहे रिश्तेदार व आस पास के रहने वाले कई परिवार साथ चलने की जिद कर रहे थे। लेकिन बाल चौपाल आनंद भोग मुहिम की मदद पाने के बाद हमने इरादा बदल दिया। 
     छत्तीसगढ़ की रहने वाली सुमन खुद भी अपने गाँव नहीं गई और उसने कुछ परिवारों को पलायन से रोक लिया। उसने इसकी वजह बताते हुए कहा कि, लॉक डाउन के पहले दिन से ही उत्तर प्रदेश पुलिस के दरोगा दम्पति अनूप मिश्रा अपूर्व और रीना पाण्डेय मिश्रा ने राशन , सब्जी, दूध और  दवाई  आदि की मदद देना शुरू कर दिया, उन्होंने हमसे पलायन न करने की अपील करते हुए आगे भी मदद करते रहने का भरोसा दिलाया, जो पूरा करके दिखाया। 
     गाँव चले जाते तो रोजगार के बिना खाने पीने की दिक्कत होती, वहाँ अस्पताल भी बहुत दूर है।सब इंस्पेक्टर अनूप मिश्रा अपूर्व ने बताया कि, लॉक डाउन के मद्देनजर जन सहयोग के जरिये उनके द्वारा शहर में लगातार जरूरतमंदों की हर संभव मदद  की जा रही है, इसी क्रम में इन प्रवासी मज़दूरों के लिये पहल की गई जो लॉक डाउन के कारण काम धंधा बंद होने की वजह से  तंगहाली में थे।  अनूप मिश्रा ने बताया कि, कोरोना वायरस से संबंधित सभी प्रोटोकॉल, सामाजिक दूरी, मास्क एवं सैनीटाइजेशन का खयाल रखते हुए  यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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