कोतवाल साहब मऊ पोस्टर कांड का कब होगा खुलासा-क्षेत्रवासी।। Raebareli news ।।

रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: मऊ में असामाजिक तत्वों द्वारा जिला पंचायत सदस्य प्रभात साहू के लापता होने के पोस्टर लगवाए जाने की घटना को लगभग 15 दिन हो गए हैं। लेकिन महराजगंज पुलिस जिसने घटना के बाद से ही मामले को उजागर करने का वादा किया था, पुलिस चार-पांच दिन सक्रियता के साथ मामले की छानबीन में जुटी थी, लेकिन लग रहा है कि, या तो कोई राजनैतिक दबाव ने पुलिस के हाथ बांध दिए हैं, या पुलिस अब तक सही निशाने पर पहुंच नहीं सकी है, यह सवाल प्रभात समर्थकों के मन में ही नहीं बल्कि आम जनता में भी तेजी से पूछा जा रहा है। लोग पूछ रहे हैं कि, अपनी धाकड़ कार्यशैली के लिए जाने जाने वाले कोतवाल अरुण कुमार सिंह कब इस घटना का अनावरण करेंगे। तो कुछ लोगों का यह भी कहना है कि, मामले में सफेदपोश लोगों के दबाव में पुलिस चाह कर भी अभियुक्तों का नाम सार्वजनिक नहीं करना चाहती है।
     आपको बता दें कि, महराजगंज प्रथम क्षेत्र से भारी बहुमत से निर्वाचित हुए कर्मठ और जनप्रिय भाजपा नेता प्रभात साहू जिला पंचायत सदस्य चुने गए थे। उन्होंने इस चुनाव में तत्कालीन भारी भरकम एक महिला नेता को पराजित किया था।
     श्री साहू ने क्षेत्र के उन चुनिंदा नेताओं में गिने जाते हैं जिनका पब्लिक से सीधा सरोकार रहता है। इस तरह रातों-रात उनके विरोध में पोस्टर चिपकाए जाने से उनके समर्थक और आम जनता में काफी आक्रोश फैल गया था, और प्रभात साहू ने अज्ञात तत्वों के खिलाफ कोतवाली महाराजगंज में लिखित शिकायत भी की थी।
     महराजगंज के तेजतर्रार कोतवाल अरुण कुमार सिंह ने तत्काल मऊ बाजार का दौरा कर काफी तेजी दिखाई थी, और लोगों को आश्वस्त किया था कि, घटना में शामिल लोगों के नाम उजागर करके उनके विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्यवाही कराई जाएगी।
      कोतवाल ने मऊ बाजार जहां पर यह पोस्टर चिपकाए गए थे। वहां के रहने वालों से पूछताछ भी की थी। पुलिसिया तेजी को देखकर आम लोगों को विश्वास हो चला था कि, इस पोस्टर कांड का रहस्योद्धाटन जरूर होगा, और असामाजिक तत्व बेनकाब होंगे। लेकिन अब घटना के 15 दिन बीत गए हैं, अभी तक एक भी षड़यंत्रकारी का नाम उजागर नहीं हुआ है। जिससे महराजगंज पुलिस की कार्यशैली को लेकर उंगलियां उठने लगी है। 
     इस बारे में हमारे संवाददाता ने कोतवाल अरुण कुमार सिंह से जब बात की, तो उन्होंने बताया कि, संपूर्ण लाक डाउन के कार्यक्रम के तहत पिछले कई दिनों तक काफी व्यस्तता रही है। शीघ्र ही इस मामले पर कार्यवाही करके दोषियों को सार्वजनिक रूप से उजागर किया जाएगा, और नियमानुसार वैधानिक कार्यवाही जरूर की जाएगी। कोतवाल ने हमारे संवाददाता से यह भी कहा कि, वह नियम और कानून के तहत ही कार्य करते हैं, और अपने उच्चाधिकारियों के आदेश और निर्देश को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं। राजनीतिक दबाव में कार्य करने का आरोप मिथ्या है। वह किसी दबाव में आकर काम नहीं करते है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ