गए थे प्रदेश कमाने चले गये परलोक, संपूर्ण लाकडाउन में गरीब मजदूरों का बुरा हाल।। Raebareli news ।।

रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: जनपद से रोजी रोटी कमाने मध्य प्रदेश गए दो नवयुवकों लाकडाउन के दौरान घर वापसी के समय दुर्घटना में मौत हो गई। दोनों के शव  किराए पर एंबुलेंस के द्वारा उनके घर लाए गए, तो पूरे गांव में कोहराम मच गया।
       आपको बता दें कि, थाना क्षेत्र महराजगंज के सलेूथू के रहने वाले रामफेर के लडके रामकुमार 25 के साथ गांव के ही जयकेस 23, मोहित 22 के अलावा रामकुमार की मौसी का लड़का बेहटा गांव निवासी राहुल 24 उसके साथ अभिषेक 26 पांचों युवक मध्य प्रदेश के मैहर स्थान पर किसी फैक्ट्री में काम करते थे।
     विगत 25 मार्च को संपूर्ण लाक डाउन  लागू होने के साथ फैक्ट्री बंद हो गई। लेकिन यह पांचों नवयुवक इस उम्मीद में कि, जब लाकडाउन खत्म होगा तो फैक्ट्री फिर से शुरू होगी वहीं रुके रहे। धीरे धीरे पास में जो जमा पूंजी थी वह पूरी की पूरी खत्म हो गई।
      लाक डाउन का दूसरा फेस भी शुरू हो गया, जब तक  व्यवस्था चली  वह  लोग भोजन का इंतजाम कर लेते थे। जब स्थिति बस से बाहर हो गई तो पांचों युवकों ने घर वापसी का इरादा बनाया और सतना से लखनऊ जा रहे एक ट्रक ड्राइवर से बातचीत कर  पांचो ट्रक में सवार वापस चले।
      बताते हैं कि, रास्ते में पड़ने वाली एक पुलिस चौकी को देखकर ड्राइवर ने पांचों युवकों को यह कहकर उतार दिया कि, तुम लोग 500 मीटर पैदल चल कर आगे आओ फिर से तुमको बैठा लेंगे। पांचों सड़क पर पुनः ट्रक पर बैठने के लिए पैदल जा रहे थे कि, अचानक एक अनियंत्रित  डीसीएम वाहन ने टक्कर मार दी। जिससे रामकुमार और राहुल की मौके पर ही मौत हो गई। शेष तीनों लोग अभिषेक जयकेस और मोहित यह मामूली रूप से चोटिल हो गए।
      मौके पर पहुंची सतना पुलिस ने दोनों मृतकों का पोस्टमार्टम कराया, उसके बाद युवकों ने अपने साथी रामकुमार और राहुल व केशव को एंबुलेंस किराए पर करके यहां गांव ले आए। रामकुमार को सलेथू लाए जाने पर गांव में कोहराम मच गया। परिजनों का रो रो कर बुरा हाल हो गया। परिजन दहाड़ दहाड़ कर कह रहे थे कि, अच्छा होता की रामकुमार वहीं और कुछ दिन रुक गया होता। रामकुमार के परिजनों ने बताया कि, राम कुमार का विवाह विगत वर्ष 7 मई को ही हुआ था। पत्नी का भी रो रो कर बुरा हाल है।

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