सुहागिन स्त्रियों ने वट सावित्री व्रत रखकर की पति की दीर्घायु की कामना।। Raebareli news ।।

रजनीकांत अवस्थी
शिवगढ़/रायबरेली: पति की दीर्घायु और सलामती की कामना को लेकर शुक्रवार को सुहागिन स्त्रियों ने सोलह श्रृगांर करके विधि विधान पूर्वक वट वृक्ष की पूजा-अर्चना की। शिवगढ़ क्षेत्र के बैंती, शिवली, देहली सहित गांवों में सुबह 6 बजे से ही सुहागिन स्त्रियों ने वटवृक्ष की पूजा अर्चना शुरू कर दी। 
     आपको बता दें कि, प्रतिवर्ष जेष्ठ मास की अमावस्या को वट सावित्री व्रत पूजन किया जाता है। वट सावित्री व्रत को स्त्रियां विशेष पर्व के रूप में मनाती हैं। इस व्रत में स्त्रियां बरगद के वृक्ष का विधिवत पूजन कर 11, 21 या 108 परिक्रमा करते हुए भगवान विष्णु और यम देव से सौभाग्य को अखण्ड और अक्षुण्य बनाए रखने की कामना करती हैं। 
      यह भी मान्यता है कि, वट वृक्ष के नीचे बैठकर पूजन एवं व्रत कथा करने एवं सुनने से मनोकामना पूर्ण होती। वटवृक्ष का पूजन सत्यवान - सावित्री की कथा का स्मरण करने के विधान के कारण यह व्रत वट सावित्री व्रत के नाम से जाना जाता।
      मान्यता है कि, वटवृक्ष सावित्री पूजा लम्बी आयु, सुख-समृद्धि और अखण्ड सौभाग्य देने के साथ ही हर तरह की कलह और संताप मिटाने वाली होती है। लॉकडाउन के चलते जहां कुछ सुहागन स्त्रियों ने वट वृक्ष के नीचे पूजा-अर्चना की तो वहीं कुछ स्त्रियों ने लॉकडाउन एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए बरगद की टहनी मंगाकर अपने घर में ही टहनी की विधि-विधान पूर्वक पूजा अर्चना करके अपना व्रत पूरा किया।

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