यह कोटेदार डकार गया गरीबों का 1 महीने का निवाला
रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूर ग्रामसभा पूरासी में कोटेदार खुलेआम गरीबों के साथ मनमानी कर रहा है। पुरासी कोटेदार संतराम पुत्र बाबू की कार्यशैली से पूरी ग्राम सभा के लोगों में है आक्रोश व्याप्त है।
आपको बता दें कि, विगत पिछले बटे राशन में पूरे 1 महीने का राशन गरीबों का काट लिया गया। दबंग कोटेदार का आलम यह है कि, वह कैमरे पर खुलेआम कुबूल कर रहा है कि, सप्लाई इंस्पेक्टर के कहने पर उसने 1 महीने का राशन काटा है और दिलचस्प बात यह है कि, इस दबंग कोटेदार की दबंगई इसी बात से साबित होती है कि, ऑन कैमरा जो कोटेदार इस बात को स्वीकार कर रहा है, तो इस बात को समझना मुश्किल नहीं कि, कोटेदार की दबंगई किस हद तक है।
वही खुलेआम सप्लाई इंस्पेक्टर का नाम लेने से यह भी साबित होता है कि, कोटेदार के इस खेल में फूड विभाग महकमा भी पूरी तरह से शामिल है। आश्चर्य तो तब हो गया जबकि, पूरे भारत में कोरोना जैसी महामारी पांव पसार रही है, तो वहीं इस दबंग कोटेदार द्वारा सरकार द्वारा निशुल्क जॉब कार्ड धारकों को दिए गए आदेश को धता बताते हुए लगभग तीन दर्जन जॉब कार्ड धारकों से पैसा लेकर राशन दिया गया, तथा प्रति राशन कार्ड धारक से घटतौली भी इस कोटेदार के लिए आम बात है।
पत्रकार जब इस कोटेदार के कोटा बांटने के स्थल पर पहुंचे तो वहां का नजारा यह कि, सोशल डिस्टेंसिंग का कोई नामोनिशान नहीं, अपनी नाकामी को कोटेदार द्वारा यह कहकर छुपाया जाना कि, वह सिर्फ पांचवी पास है। किसी तरह इस मशीन को चला लेता है, यही बहुत बड़ी बात है। यानी उसके कहने का तात्पर्य यह हुआ कि, वह कोई बेईमानी नहीं करता है, मशीन ही बेईमानी कर रही है।
पुरासी गांव का ही एक मजरा है, सुखलिया जाने पर तमाम ग्रामीणों ने इस कोटेदार के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाए है, अब क्योंकि यह पांचवी पास कोटेदार विगत 8 वर्षो से इस धांधली को लगातार कर रहा है। सप्लाई इंस्पेक्टर का नाम लेने का मतलब सप्लाई इंस्पेक्टर का इसके ऊपर पूरा पूरा हाथ है। जिसका फायदा यह कोटेदार गरीब लोगों का राशन डकार अपनी व फूड विभाग की जेब भर रहा है। इस लॉक डाउन में जहां कमिश्नर के सीधे-सीधे आदेश हैं कि, किसी भी कोटे में घटतोली या किसी भी तरह की अनियमितता पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई कर मुकदमा लिखने के है। अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में रायबरेली में कमिश्नर ने दिए है।
लेकिन फूड विभाग गरीबों के मुंह से निवाला छीनने वाले इस कोटेदार के खिलाफ कोई भी कार्यवाही न कर पाना इस बात को मजबूती प्रदान करता है कि, कोटेदार फूड इंस्पेक्टर की छत्रछाया में अपना खेल चला रहा है। जहां अनपढ़ होने की बात है, तो क्या पुरासी ग्राम सभा में ऐसा कोई सक्षम व्यक्ति नहीं है जो कि, कोटा चला सके। अब यहां यह देखना दिलचस्प होगा की कोटेदार के विरुद्ध किस तरह की कार्रवाई प्रशासन करता है। मामले में संवाददाता द्वारा जिलाधिकारी सुभ्रा सक्सेना से बात करने पर डीएम साहिबा ने बताया कि, मामले की जांच पूर्ति निरीक्षक को दी गई है। जांच रिपोर्ट आने पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूर ग्रामसभा पूरासी में कोटेदार खुलेआम गरीबों के साथ मनमानी कर रहा है। पुरासी कोटेदार संतराम पुत्र बाबू की कार्यशैली से पूरी ग्राम सभा के लोगों में है आक्रोश व्याप्त है।
आपको बता दें कि, विगत पिछले बटे राशन में पूरे 1 महीने का राशन गरीबों का काट लिया गया। दबंग कोटेदार का आलम यह है कि, वह कैमरे पर खुलेआम कुबूल कर रहा है कि, सप्लाई इंस्पेक्टर के कहने पर उसने 1 महीने का राशन काटा है और दिलचस्प बात यह है कि, इस दबंग कोटेदार की दबंगई इसी बात से साबित होती है कि, ऑन कैमरा जो कोटेदार इस बात को स्वीकार कर रहा है, तो इस बात को समझना मुश्किल नहीं कि, कोटेदार की दबंगई किस हद तक है।
वही खुलेआम सप्लाई इंस्पेक्टर का नाम लेने से यह भी साबित होता है कि, कोटेदार के इस खेल में फूड विभाग महकमा भी पूरी तरह से शामिल है। आश्चर्य तो तब हो गया जबकि, पूरे भारत में कोरोना जैसी महामारी पांव पसार रही है, तो वहीं इस दबंग कोटेदार द्वारा सरकार द्वारा निशुल्क जॉब कार्ड धारकों को दिए गए आदेश को धता बताते हुए लगभग तीन दर्जन जॉब कार्ड धारकों से पैसा लेकर राशन दिया गया, तथा प्रति राशन कार्ड धारक से घटतौली भी इस कोटेदार के लिए आम बात है।
पत्रकार जब इस कोटेदार के कोटा बांटने के स्थल पर पहुंचे तो वहां का नजारा यह कि, सोशल डिस्टेंसिंग का कोई नामोनिशान नहीं, अपनी नाकामी को कोटेदार द्वारा यह कहकर छुपाया जाना कि, वह सिर्फ पांचवी पास है। किसी तरह इस मशीन को चला लेता है, यही बहुत बड़ी बात है। यानी उसके कहने का तात्पर्य यह हुआ कि, वह कोई बेईमानी नहीं करता है, मशीन ही बेईमानी कर रही है।
पुरासी गांव का ही एक मजरा है, सुखलिया जाने पर तमाम ग्रामीणों ने इस कोटेदार के विरुद्ध गंभीर आरोप लगाए है, अब क्योंकि यह पांचवी पास कोटेदार विगत 8 वर्षो से इस धांधली को लगातार कर रहा है। सप्लाई इंस्पेक्टर का नाम लेने का मतलब सप्लाई इंस्पेक्टर का इसके ऊपर पूरा पूरा हाथ है। जिसका फायदा यह कोटेदार गरीब लोगों का राशन डकार अपनी व फूड विभाग की जेब भर रहा है। इस लॉक डाउन में जहां कमिश्नर के सीधे-सीधे आदेश हैं कि, किसी भी कोटे में घटतोली या किसी भी तरह की अनियमितता पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई कर मुकदमा लिखने के है। अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में रायबरेली में कमिश्नर ने दिए है।
लेकिन फूड विभाग गरीबों के मुंह से निवाला छीनने वाले इस कोटेदार के खिलाफ कोई भी कार्यवाही न कर पाना इस बात को मजबूती प्रदान करता है कि, कोटेदार फूड इंस्पेक्टर की छत्रछाया में अपना खेल चला रहा है। जहां अनपढ़ होने की बात है, तो क्या पुरासी ग्राम सभा में ऐसा कोई सक्षम व्यक्ति नहीं है जो कि, कोटा चला सके। अब यहां यह देखना दिलचस्प होगा की कोटेदार के विरुद्ध किस तरह की कार्रवाई प्रशासन करता है। मामले में संवाददाता द्वारा जिलाधिकारी सुभ्रा सक्सेना से बात करने पर डीएम साहिबा ने बताया कि, मामले की जांच पूर्ति निरीक्षक को दी गई है। जांच रिपोर्ट आने पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


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