प्रशांत शर्मा
डलमऊ/रायबरेली: डलमऊ कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कल्याणपुर बेती गांव में शनिवार को सुबह करीब 7:00 बजे गांव के ही श्रीधर की बाग में अज्ञात लोगों द्वारा नवजात शिशु को फेंक दिया गया। नवजात इसके फेंके जाने के बाद उसकी रोने की आवाज पास में महुआ बिन रही शन्नो देवी पत्नी गंगा विशुन दंपति को सुनाई पड़ी। जिसके पश्चात दोनों दंपत्ति नवजात शिशु को गोद में लेकर सीएचसी पहुंची। जहां चिकित्सक ने नवजात शिशु को नाजुक अवस्था में देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया है।
आपको बता दें कि, ग्रामीणों ने नवजात शिशु के मिलने की सूचना पुलिस को दी। सूचना पाकर डलमऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची पुलिस ने खुद की मौजूदगी में उसे जिला अस्पताल ले गई, जहां से नवजात शिशु की हालत ठीक होने पर चिल्ड्रेन सोसाइटी को सौंप दिया जाएगां।
शन्नो की चार बेटी और एक पुत्र होने के बावजूद भी उस नवजात शिशु लड़की को गोद लेना चाह रहे हैं। इतना ही नहीं नवजात शिशु की भोली सूरत देखकर कस्बे के एक नि:संतान व्यक्ति द्वारा नवजात शिशु को गोद लेने के लिए उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई है।
डलमऊ/रायबरेली: डलमऊ कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कल्याणपुर बेती गांव में शनिवार को सुबह करीब 7:00 बजे गांव के ही श्रीधर की बाग में अज्ञात लोगों द्वारा नवजात शिशु को फेंक दिया गया। नवजात इसके फेंके जाने के बाद उसकी रोने की आवाज पास में महुआ बिन रही शन्नो देवी पत्नी गंगा विशुन दंपति को सुनाई पड़ी। जिसके पश्चात दोनों दंपत्ति नवजात शिशु को गोद में लेकर सीएचसी पहुंची। जहां चिकित्सक ने नवजात शिशु को नाजुक अवस्था में देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया है।
आपको बता दें कि, ग्रामीणों ने नवजात शिशु के मिलने की सूचना पुलिस को दी। सूचना पाकर डलमऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंची पुलिस ने खुद की मौजूदगी में उसे जिला अस्पताल ले गई, जहां से नवजात शिशु की हालत ठीक होने पर चिल्ड्रेन सोसाइटी को सौंप दिया जाएगां।
शन्नो की चार बेटी और एक पुत्र होने के बावजूद भी उस नवजात शिशु लड़की को गोद लेना चाह रहे हैं। इतना ही नहीं नवजात शिशु की भोली सूरत देखकर कस्बे के एक नि:संतान व्यक्ति द्वारा नवजात शिशु को गोद लेने के लिए उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई है।


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