खास खबर: वृद्धाश्रम में रह रही महात्मा गांधी की पौत्रवधू का इलाज के दौरान अस्पताल में निधन।। Raebareli news ।।

रजनीकांत अवस्थी
रायबरेली: महात्मा गाँधी की पौत्रवधू शिवालक्ष्मी ने 94 साल की उम्र में सूरत के ग्लोबल हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली। वे लंबे समय से बीमार थीं। 
      आपको बता दें कि, महात्मा गांधी के तीसरे बेटे रामदास गांधी थे, जिनका जन्म 1897 में साउथ अफ्रीका में हुआ था। रामदास की शादी निर्मला से हुई थी। दोनों के तीन बच्चे सुमित्रा गांधी, कनुभाई गांधी और उषा गांधी थे। 14 अप्रैल 1969 को रामदास गांधी का देहांत हुआ था। इनके एकमात्र पुत्र कनुभाई गाँधी की शादी शिवालक्ष्मी से हुई थी।
        महात्मा गांधी के पौत्र कनुभाई और शिवालक्ष्मी वर्ष, 2013 में अमेरिका से भारत आ गए थे। वे लंबे समय तक दिल्ली और बैंगलोर के बाद मरोली के आश्रम में रहीं। नवंबर 2016 में पति कनु गांधी की मृत्यु के बाद अकेले जिंदगी बिता रही 95 साल की डॉक्टर शिवा लक्ष्मी गांधी का इरादा था कि, बची हुई जिंदगी दिल्ली में ही बिताएंगी। लेकिन वह दिल्ली के माहौल से परेशान थीं और 2 वर्ष पहले वह दिल्ली छोड़कर सूरत चली गईं। सूरत में ये भारती मैया आनंदधाम वृद्धाश्रम में रहने लगी थी।
       महात्मा गांधी ‘बापू’ अपने परिवार में सबसे छोटे थे। उनकी एक बड़ी बहन रलियत और दो बड़े भाई लक्ष्मीदास और कृष्णदास थे। साथ ही दो भाभियां नंद कुंवरबेन, गंगा भी थीं।     गांधीजी और कस्तूरबा के चार बेटे हरिलाल, मणिलाल, रामदास, देवदास और 13 पोते-पोतियां हैं।
      एक जानकारी अनुसार गांधीजी के परिवार में उनके पोते-पोतियां और उनके लगभग 153 वंशज आज भारत, दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, कनाडा, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में हैं। इनमें 12 चिकित्सक, 12 प्रोफेसर, 5 इंजीनियर, 4 वकील, 3 पत्रकार, 2 आईएएस, 1 वैज्ञानिक, 1 चार्टड एकाउंटेंट, 5 निजी कंपनियों मे अच्छे पदों पर काम कर रहे हैं। साथ ही इस परिवार में 4 पीएचडी धारक भी हैं।
        महात्मा गांधी की बेटी नहीं थी, इस बात का उन्हें अफसोस भी रहा। लेकिन उनकी पीढ़ी में बेटों से ज्यादा बेटियों की संख्या है।

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