मिर्जापुर । तन-मन-धन के त्रिकोणात्मक जीवन में बाधा आने पर करुणामयी मां काली, मां लक्ष्मी और मां अष्टभुजा के त्रिकोणधाम में अर्जी लगती है लेकिन इस समय खुद धाम समस्याओं का त्रिकोणधाम हो गया है जिसमें एक कोण सरकारीतंत्रका, दूसरा पण्डा समाज और तीसरा श्रद्धालु लोगों का बन रहा है ।
सरकारीतंत्र- 10 जून को एक पुरोहित परिवार पर कोरोना की काली छाया पड़ते परिवार के 23 लोग क्वारन्टीन हो गए हैं । जिसमें 22 को देवरहा बाबा आश्रम के पास स्थित परसिया सेंटर पर क्वारन्टीन किया गया है । इस क्वारन्टीन सेंटर को पण्डा समाज बदतरीन सेंटर बता कर गुरुवार को पुरोहित वर्ग के ही नगर विधायक श्री रत्नाकर मिश्र के यहां पहुंचा तथा परसिया को आफ़तिया सेंटर डिक्लेयर करने लगा । बताया गया कि यहां विद्युत की समस्या है। 22 लोगों में छोटे बच्चे, कुछ गोंद में दुधमुंहे बच्चे भी हैं । सब ने व्यवस्था की बेहतरी की मांग की जिसपर श्री मिश्र ने उच्च अधिकारियों को फोन कर व्यवस्था मानव के रहने लायक बनाने के लिए कहा । लेकिन शुक्रवार की सुबह तक समस्याओं की विकरालता बनी रही।
मुख्य मरीज- मुख्य मरीज का लगातार सन्देश सोशल मीडिया पर मिल रहा है कि यहां एक पॉजिटिव दूसरे पॉजिटिव को खाना परोसा रहा है। सरकारी स्टॉफ नहीं यह काम कर रहा । मुख्य मरीज का कहना है कि वे पॉजिटिव का रिपोर्ट देखना चाहते हैं लेकिन कहा जा रहा कि रिपोर्ट नहीं दिखाया जाएगा । दूसरी तरफ मरीज के बच्चों की ओर से मैसेज आ रहा है कि 'मेरे पापा को कोरोना नहीं हुआ है ।' इस स्थिति में मरीज को रिपोर्ट की छाया प्रति दे दी जाए तो समस्या का निदान हो जाए ।
दर्शनार्थी वर्ग- तमाम श्रद्धालु 8 जून से ही आने लगे थे लेकिन मंदिर खुलने की औपचारिकता के अभाव में सभी मंदिर की सीढ़ियों पर शीश झुका कर आस्था प्रकट कर रहे थे । वह भी अब बंद हो गया है । क्योंकि मंदिर की ओर जाने वाली गलियों में बॉस-बल्ली का बंद-द्वार बना दिया गया है।
पण्डा समाज- अब स्थिति पलट गई है। जल्द मंदिर खोलने की मांग करने वाले पण्डा समाज में से ही अब कहने लगे है कि जब तक पीड़ित परिवार का सब कुछ OK का रिपोर्ट न आ जाए तब तक मंदिर खोलने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए । क्योंकि यदि पण्डा ही सुरक्षित नहीं तो फिर गैरों की सुरक्षा कैसे होगी। विंध्य पण्डा समाज स्थिति पर नजर बनाए है। अध्यक्ष श्री पंकज द्विवेदी एवं मंत्री भानू पाठक भी पण्डा वर्ग के ही पीड़ित परिवार को स्वस्थ होने के बाद निर्णायक कदम उठाने का मन बनाए हैं ।
सरकारीतंत्र- 10 जून को एक पुरोहित परिवार पर कोरोना की काली छाया पड़ते परिवार के 23 लोग क्वारन्टीन हो गए हैं । जिसमें 22 को देवरहा बाबा आश्रम के पास स्थित परसिया सेंटर पर क्वारन्टीन किया गया है । इस क्वारन्टीन सेंटर को पण्डा समाज बदतरीन सेंटर बता कर गुरुवार को पुरोहित वर्ग के ही नगर विधायक श्री रत्नाकर मिश्र के यहां पहुंचा तथा परसिया को आफ़तिया सेंटर डिक्लेयर करने लगा । बताया गया कि यहां विद्युत की समस्या है। 22 लोगों में छोटे बच्चे, कुछ गोंद में दुधमुंहे बच्चे भी हैं । सब ने व्यवस्था की बेहतरी की मांग की जिसपर श्री मिश्र ने उच्च अधिकारियों को फोन कर व्यवस्था मानव के रहने लायक बनाने के लिए कहा । लेकिन शुक्रवार की सुबह तक समस्याओं की विकरालता बनी रही।
मुख्य मरीज- मुख्य मरीज का लगातार सन्देश सोशल मीडिया पर मिल रहा है कि यहां एक पॉजिटिव दूसरे पॉजिटिव को खाना परोसा रहा है। सरकारी स्टॉफ नहीं यह काम कर रहा । मुख्य मरीज का कहना है कि वे पॉजिटिव का रिपोर्ट देखना चाहते हैं लेकिन कहा जा रहा कि रिपोर्ट नहीं दिखाया जाएगा । दूसरी तरफ मरीज के बच्चों की ओर से मैसेज आ रहा है कि 'मेरे पापा को कोरोना नहीं हुआ है ।' इस स्थिति में मरीज को रिपोर्ट की छाया प्रति दे दी जाए तो समस्या का निदान हो जाए ।
दर्शनार्थी वर्ग- तमाम श्रद्धालु 8 जून से ही आने लगे थे लेकिन मंदिर खुलने की औपचारिकता के अभाव में सभी मंदिर की सीढ़ियों पर शीश झुका कर आस्था प्रकट कर रहे थे । वह भी अब बंद हो गया है । क्योंकि मंदिर की ओर जाने वाली गलियों में बॉस-बल्ली का बंद-द्वार बना दिया गया है।
पण्डा समाज- अब स्थिति पलट गई है। जल्द मंदिर खोलने की मांग करने वाले पण्डा समाज में से ही अब कहने लगे है कि जब तक पीड़ित परिवार का सब कुछ OK का रिपोर्ट न आ जाए तब तक मंदिर खोलने में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए । क्योंकि यदि पण्डा ही सुरक्षित नहीं तो फिर गैरों की सुरक्षा कैसे होगी। विंध्य पण्डा समाज स्थिति पर नजर बनाए है। अध्यक्ष श्री पंकज द्विवेदी एवं मंत्री भानू पाठक भी पण्डा वर्ग के ही पीड़ित परिवार को स्वस्थ होने के बाद निर्णायक कदम उठाने का मन बनाए हैं ।
सलिल पांडेय, मिर्जापुर ।


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