रजनीकांत अवस्थी
रायबरेली: राष्ट्रीय सनातन महासभा भारत के राष्ट्रीय सचिव ज्ञान प्रकाश तिवारी ने कहा कि, आरक्षण कहीं हमारे देश के लिए है नासूर ना बन जाए। उन्होंने कहा कि, आज देश में आरक्षण की जो स्थिति है वह वास्तव में भयानक रूप लेती जा रही है। जिसका समाज में बहुत बड़ा असर पड़ेगा।
आपको बता दें कि, इस संवाददाता को दिए गए बयान में उन्होंने कहा कि, सरकार को इस ओर जरूर ध्यान देना चाहिए अन्यथा स्थिति खराब हो सकती है। उन्होंने कहा कि, व्यक्ति का चयन करने में आरक्षण एक बहुत बड़ी बीमारी बन रहा है। जिसमें आज आरक्षण की वजह से सही युवाओं का चयन नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि, आज देश मे मौजूदा राजनीति जाति के आधार पर समाज को बांटने का काम किया जा रहा है। आरक्षण अब देश के लिए एक बड़ी समस्या के रूप में उभर रहा है। इसे इस प्रकार से देखा जाये तो वह दिन दूर नहीं जब देश के हर वर्ग के लोग आरक्षण की मांग करने लगेंगे। आज देश में सरकार और समाजसेवियों को जरूर यह सोचना चाहिए कि, जातिगत आरक्षण की नीति देश को विकास की ओर ले जा रही है या फिर पतन की ओर।
इस अवसर पर जिला संयोजक संतोष मिश्रा ने कहा कि, समस्या यह है कि, आरक्षण के चलते योग्य उम्मीदवार का चयन न होकर अयोग्य उम्मीदवार का चयन हो जाता है। उन्होंने कहा कि, प्रायः ऐसा ही होता है कि, जिस वर्ग के लिये जो आरक्षण है। उसे उस आरक्षण का लाभ देने के लिए यदि उस वर्ग विशेष में योग्य उम्मीदवार नहीं है, तो अयोग्य उम्मीदवार को चुन लिया जाता है, भले ही उसका परिणाम जो भी हो।
उन्होंने आगे कहा कि, इस प्रकार की नीति शिक्षा, सरकारी नौकरी से लेकर राजनीति तक में चल रही है। अब आप ही देख लीजिए कि, चुनाव में जो सीट किसी वर्ग विशेष के लिए आरक्षित रहती है, उस क्षेत्र में उस वर्ग विशेष के बाहर का कोई व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकता। इसका परिणाम यह होता है कि, उस वर्ग विशेष में यदि योग्य व्यक्ति नही भी है, तो उस वर्ग का कोई भी अयोग्य व्यक्ति चुनाव लड़ने का हकदार हो जाता है और जीतने के बाद वह उम्मीदवार क्या कर सकता है, यह जग-जाहिर है।
जहां महिला सीट होती है वहां योग्य महिला के अभाव में आरक्षण के कारण अयोग्य महिला को ही जनप्रतिनिधि बना दिया जाता है और चुनाव जीतने के बाद या तो उसका पति या फिर उसका कोई रिश्तेदार ही उसके तमाम कार्यो को देखता है। ऐसे में आरक्षण का औचित्य क्या है। अयोग्य लोगों के हाथों जिम्मेदारी सौंपे जाने का खामियाजा आज एक आम नागरिक को भुगतना पड़ रहा है। इसलिए आज आवश्यक है कि, समाज से आरक्षण को खत्म करके योग्य व्यक्ति का चयन हो, वह चाहे किसी भी जाति का हो अगर उसके अंदर काबिलियत है, तो उसे उसका हक मिलना चाहिए। समाज में सभी को बराबर हक मिलना चाहिए, यही हमारा संविधान कहता है।
हम सब को मिलकर इस आरक्षण को खत्म करना चाहिए राष्ट्रीय सनातन महासभा के राष्ट्रीय सचिव ज्ञान प्रकाश तिवारी ने सरकार से मांग की है कि, आरक्षण को खत्म कर एक सुंदर भारत का निर्माण करें। भारत एक सोने की चिड़िया है, रहेगी। लेकिन उसके लिए हमें आरक्षण जैसी बीमारी को खत्म करना होगा, और एक सही दिशा में नए युवाओं को भारत का सही ज्ञान देते हुए भारत को विश्व गुरु बनाने की तरफ ले जाना होगा।
इस अवसर पर प्रदेश सचिव चंदन सिंह प्रदेश उपाध्यक्ष, धनंजय कुमार पांडेय, जिला अध्यक्ष शिवम त्रिवेदी, जिला उपाध्यक्ष गीतेश दीक्षित, जिला अनुशासन मंत्री पारस गुप्ता, जिला संयोजक संतोष मिश्रा, विधि सलाहकार नीतीश शुक्ला आदि पदाधिकारी उपस्थित रहे।
रायबरेली: राष्ट्रीय सनातन महासभा भारत के राष्ट्रीय सचिव ज्ञान प्रकाश तिवारी ने कहा कि, आरक्षण कहीं हमारे देश के लिए है नासूर ना बन जाए। उन्होंने कहा कि, आज देश में आरक्षण की जो स्थिति है वह वास्तव में भयानक रूप लेती जा रही है। जिसका समाज में बहुत बड़ा असर पड़ेगा।
आपको बता दें कि, इस संवाददाता को दिए गए बयान में उन्होंने कहा कि, सरकार को इस ओर जरूर ध्यान देना चाहिए अन्यथा स्थिति खराब हो सकती है। उन्होंने कहा कि, व्यक्ति का चयन करने में आरक्षण एक बहुत बड़ी बीमारी बन रहा है। जिसमें आज आरक्षण की वजह से सही युवाओं का चयन नहीं हो पा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि, आज देश मे मौजूदा राजनीति जाति के आधार पर समाज को बांटने का काम किया जा रहा है। आरक्षण अब देश के लिए एक बड़ी समस्या के रूप में उभर रहा है। इसे इस प्रकार से देखा जाये तो वह दिन दूर नहीं जब देश के हर वर्ग के लोग आरक्षण की मांग करने लगेंगे। आज देश में सरकार और समाजसेवियों को जरूर यह सोचना चाहिए कि, जातिगत आरक्षण की नीति देश को विकास की ओर ले जा रही है या फिर पतन की ओर।
इस अवसर पर जिला संयोजक संतोष मिश्रा ने कहा कि, समस्या यह है कि, आरक्षण के चलते योग्य उम्मीदवार का चयन न होकर अयोग्य उम्मीदवार का चयन हो जाता है। उन्होंने कहा कि, प्रायः ऐसा ही होता है कि, जिस वर्ग के लिये जो आरक्षण है। उसे उस आरक्षण का लाभ देने के लिए यदि उस वर्ग विशेष में योग्य उम्मीदवार नहीं है, तो अयोग्य उम्मीदवार को चुन लिया जाता है, भले ही उसका परिणाम जो भी हो।
उन्होंने आगे कहा कि, इस प्रकार की नीति शिक्षा, सरकारी नौकरी से लेकर राजनीति तक में चल रही है। अब आप ही देख लीजिए कि, चुनाव में जो सीट किसी वर्ग विशेष के लिए आरक्षित रहती है, उस क्षेत्र में उस वर्ग विशेष के बाहर का कोई व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ सकता। इसका परिणाम यह होता है कि, उस वर्ग विशेष में यदि योग्य व्यक्ति नही भी है, तो उस वर्ग का कोई भी अयोग्य व्यक्ति चुनाव लड़ने का हकदार हो जाता है और जीतने के बाद वह उम्मीदवार क्या कर सकता है, यह जग-जाहिर है।
जहां महिला सीट होती है वहां योग्य महिला के अभाव में आरक्षण के कारण अयोग्य महिला को ही जनप्रतिनिधि बना दिया जाता है और चुनाव जीतने के बाद या तो उसका पति या फिर उसका कोई रिश्तेदार ही उसके तमाम कार्यो को देखता है। ऐसे में आरक्षण का औचित्य क्या है। अयोग्य लोगों के हाथों जिम्मेदारी सौंपे जाने का खामियाजा आज एक आम नागरिक को भुगतना पड़ रहा है। इसलिए आज आवश्यक है कि, समाज से आरक्षण को खत्म करके योग्य व्यक्ति का चयन हो, वह चाहे किसी भी जाति का हो अगर उसके अंदर काबिलियत है, तो उसे उसका हक मिलना चाहिए। समाज में सभी को बराबर हक मिलना चाहिए, यही हमारा संविधान कहता है।
हम सब को मिलकर इस आरक्षण को खत्म करना चाहिए राष्ट्रीय सनातन महासभा के राष्ट्रीय सचिव ज्ञान प्रकाश तिवारी ने सरकार से मांग की है कि, आरक्षण को खत्म कर एक सुंदर भारत का निर्माण करें। भारत एक सोने की चिड़िया है, रहेगी। लेकिन उसके लिए हमें आरक्षण जैसी बीमारी को खत्म करना होगा, और एक सही दिशा में नए युवाओं को भारत का सही ज्ञान देते हुए भारत को विश्व गुरु बनाने की तरफ ले जाना होगा।
इस अवसर पर प्रदेश सचिव चंदन सिंह प्रदेश उपाध्यक्ष, धनंजय कुमार पांडेय, जिला अध्यक्ष शिवम त्रिवेदी, जिला उपाध्यक्ष गीतेश दीक्षित, जिला अनुशासन मंत्री पारस गुप्ता, जिला संयोजक संतोष मिश्रा, विधि सलाहकार नीतीश शुक्ला आदि पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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