बीके शुक्ला वरिष्ठ पत्रकार
शिवगढ़/रायबरेली: थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोटवा में संदिग्ध कोरोना संक्रमित की मौत के मामले में ग्राम वासियों ने जिला अस्पताल से शव लाकर गांव में रख दिया और परीक्षण की मांग करने लगे। ग्राम प्रधान की मांग पर क्षेत्रीय विधायक राम नरेश रावत व पूर्व एम एलसी राजा राकेश प्रताप सिंह की दखल पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी रायबरेली ने कोरोनावायरस जांच टीम भेजी है।
आपको बता दें कि, कोटवा ग्राम निवासी रमेश सिंह उम्र लगभग 48 वर्ष। आए हुए प्रवासी मजदूरों के लगातार संपर्क में रहा यह व्यक्ति। पेट दर्द व बुखार के कारण छह-सात दिन नॉर्मल दवाइयां लेते रहे। बीती रात अचानक तकलीफ बढ़ जाने से प्रातः काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवगढ़ परिजनों ने पहुंचाया। वहां कोरोना संदिग्ध समझकर प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर एलपी सोनकर ने जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
जिला अस्पताल पहुंचते ही उनकी मृत्यु हो गई। मृत्यु की सूचना से पूरे क्षेत्र में हाहाकार मच गया। सुबह 9:00 बजे शव लेकर गांव चले आए और उसे भूतेस्वर महादेव मंदिर पर रखकर ग्राम पंचायत के लोग उसका अंतिम संस्कार न करते हुए कोरोनावायरस के जांच की मांग करने लगे।
ग्राम प्रधान कोटवा प्रधान संघ अध्यक्ष विनोद सिंह ने क्षेत्रीय विधायक राम नरेश रावत से कोरोनावायरस जांच कराये जाने की सूचना दी। क्षेत्रीय विधायक राम नरेश रावत व पूर्व एमएलसी राकेश प्रताप सिंह की दखल के बाद स्वास्थ्य विभाग जागा और कोरोना की जांच के लिए क्षेत्रीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ एलपी सोनकर की अगुवाई में रायबरेली से टीम भेजी। विनोद सिंह ने बताया कि, सुबह से ही ग्राम पंचायत के लोग इस मसले को लेकर परेशान हैं और कोरोना जांच कराने की मांग कर रहे हैं। ग्रामवासियों के अनुसार 3 दिन पहले ही स्लैप डालने का भी कार्य हुआ था। जिसमें रमेश सिंह सहित 75 लोग शामिल थे।
यदि रमेश सिंह के शव से कोरोना की पुष्टि होती है, तो, 75 लोगों की जांच तत्काल होना चाहिए। वही 77 लोग और भी प्रवासी मजदूर के रूप में गांव पंचायत में आए हुए हैं। उनका भी परीक्षण होना अत्यंत आवश्यक है। ग्रामवासियों की मांग पर शव को रखकर क्षेत्रीय विधायक को सूचना दी गई। जिस पर क्षेत्रीय विधायक राम नरेश रावत व पूर्व एमएलसी राजा राकेश प्रताप सिंह ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से जांच कराने का कार्य किया है।
शिवगढ़/रायबरेली: थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत कोटवा में संदिग्ध कोरोना संक्रमित की मौत के मामले में ग्राम वासियों ने जिला अस्पताल से शव लाकर गांव में रख दिया और परीक्षण की मांग करने लगे। ग्राम प्रधान की मांग पर क्षेत्रीय विधायक राम नरेश रावत व पूर्व एम एलसी राजा राकेश प्रताप सिंह की दखल पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी रायबरेली ने कोरोनावायरस जांच टीम भेजी है।
आपको बता दें कि, कोटवा ग्राम निवासी रमेश सिंह उम्र लगभग 48 वर्ष। आए हुए प्रवासी मजदूरों के लगातार संपर्क में रहा यह व्यक्ति। पेट दर्द व बुखार के कारण छह-सात दिन नॉर्मल दवाइयां लेते रहे। बीती रात अचानक तकलीफ बढ़ जाने से प्रातः काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवगढ़ परिजनों ने पहुंचाया। वहां कोरोना संदिग्ध समझकर प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर एलपी सोनकर ने जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
जिला अस्पताल पहुंचते ही उनकी मृत्यु हो गई। मृत्यु की सूचना से पूरे क्षेत्र में हाहाकार मच गया। सुबह 9:00 बजे शव लेकर गांव चले आए और उसे भूतेस्वर महादेव मंदिर पर रखकर ग्राम पंचायत के लोग उसका अंतिम संस्कार न करते हुए कोरोनावायरस के जांच की मांग करने लगे।
ग्राम प्रधान कोटवा प्रधान संघ अध्यक्ष विनोद सिंह ने क्षेत्रीय विधायक राम नरेश रावत से कोरोनावायरस जांच कराये जाने की सूचना दी। क्षेत्रीय विधायक राम नरेश रावत व पूर्व एमएलसी राकेश प्रताप सिंह की दखल के बाद स्वास्थ्य विभाग जागा और कोरोना की जांच के लिए क्षेत्रीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ एलपी सोनकर की अगुवाई में रायबरेली से टीम भेजी। विनोद सिंह ने बताया कि, सुबह से ही ग्राम पंचायत के लोग इस मसले को लेकर परेशान हैं और कोरोना जांच कराने की मांग कर रहे हैं। ग्रामवासियों के अनुसार 3 दिन पहले ही स्लैप डालने का भी कार्य हुआ था। जिसमें रमेश सिंह सहित 75 लोग शामिल थे।
यदि रमेश सिंह के शव से कोरोना की पुष्टि होती है, तो, 75 लोगों की जांच तत्काल होना चाहिए। वही 77 लोग और भी प्रवासी मजदूर के रूप में गांव पंचायत में आए हुए हैं। उनका भी परीक्षण होना अत्यंत आवश्यक है। ग्रामवासियों की मांग पर शव को रखकर क्षेत्रीय विधायक को सूचना दी गई। जिस पर क्षेत्रीय विधायक राम नरेश रावत व पूर्व एमएलसी राजा राकेश प्रताप सिंह ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से जांच कराने का कार्य किया है।





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