किस्मत का लिखा, तो मिल ही जाता है यारो! मैं तो वो चीज मॉग रहा हूँ, जो मुक्कदर में नही हेै

●कवि कुमार केशव शर्मा
●"चमक न किरन में रवि के, शशि की चांदनी फीकी, कि उस जैसा सितारा! तो अम्बर में  नही है।
●मिलेगी और न उपमा, धरा पर ढूँढ लो चाहे, उस जैसा मोती, तो समन्दर में  नही है। 
●किस्मत का लिखा तो, मिल ही जाता है यारो!
●किस्मत का लिखा तो,.....मिल ही जाता है यारो!
मैं तो वो चीज मॉग रहा हूँ, जो मुक्कदर में नही हेै।

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