●कवि कुमार केशव शर्मा
●"चमक न किरन में रवि के, शशि की चांदनी फीकी, कि उस जैसा सितारा! तो अम्बर में नही है।
●मिलेगी और न उपमा, धरा पर ढूँढ लो चाहे, उस जैसा मोती, तो समन्दर में नही है।
●किस्मत का लिखा तो, मिल ही जाता है यारो!
●किस्मत का लिखा तो,.....मिल ही जाता है यारो!
मैं तो वो चीज मॉग रहा हूँ, जो मुक्कदर में नही हेै।
●"चमक न किरन में रवि के, शशि की चांदनी फीकी, कि उस जैसा सितारा! तो अम्बर में नही है।
●मिलेगी और न उपमा, धरा पर ढूँढ लो चाहे, उस जैसा मोती, तो समन्दर में नही है।
●किस्मत का लिखा तो, मिल ही जाता है यारो!
●किस्मत का लिखा तो,.....मिल ही जाता है यारो!
मैं तो वो चीज मॉग रहा हूँ, जो मुक्कदर में नही हेै।

1 टिप्पणियाँ
Hii bro good post agar kiya mujhe apana no de sakate ho 7452971889
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