मिर्जापुर । ये सावन में कैसी हवा चल पड़ी है कि नगर के लोग ठंडी हवाओं की जगह जेठ की दुपहरिया की तरह झुलसते दिखाई पड़ रहे हैं । कई-कई लक्ष्मीपुत्रों को महालक्ष्मी के नगर को छोड़कर लक्ष्मीपति नारायण के वैकुंठ लोक जाना पड़ा है।
सावन का चतुर्थ सोम (अमृत)वार लगा जहर भरे दिन की तरह- सुबह हवा तो हल्की-हल्की चल रही थी कि एकाएक गांडीव के पत्रकार शशि गुप्ता ने होटल संघ के अध्यक्ष तथा नगर विधायक के प्रतिनिधि चंद्रांशु गोयल के हवाले से खबर प्रसारित की कि जाने माने उद्यमी विजय बर्णवाल (70) की रविवार को सांसें पूरी हो गई । इस खबर से अचानक शहर की सांसें थम सी गईं ।
तुरत बाद शेम्फोर्ड स्कूल के संचालक *विवेक वर्णवाल* ने उन्हें बर्णवाल समाज का नगीना बताते मार्मिक शोक व्यक्त किया तो स्थायी अदालत की सदस्य और पुलिस परिवार परामर्श केंद्र की सदस्य डॉ कृष्णा सिंह, सीता हॉस्पिटल के संचालक डॉ एस एन पाठक श ने फोन कर गहरा दुःख जताया तो मुरादाबाद से खाद्य सैमपुलिंग विभाग (अभिहीत) के अधिकारी *धीरज बर्णवाल* ने भी शोक साझा किया ।
स्व विजय बर्णवाल सिर्फ उद्यमी ही नहीं बल्कि सामाजिक सेवक थे । लगभग 25-30 साल पहले रोटरी क्लब के अध्यक्ष के रूप में सामाजिक कार्यक्रमों की छाप छोड़े थे । वे विद्वानों का कद्र करते थे। वे अनेक कार्यक्रमों में पिताश्री हिंदी गौरव डॉ भवदेव पांडेय को जब भी अपने कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि बनाते थे तो उन्हें आवास से आकर खुद ले भी जाते थे ।
शहर का अति प्रतिष्ठित परिवार है स्व विजय बर्णवाल का । इनसे छोटे भाई डॉक्टर ओपी बर्णवाल नामी चिकित्सक तो तीसरे भाई जनार्दन बर्णवाल सेवा निवृत्त IAS अधिकारी हैं तथा सर्वश्रेष्ठ होटल कोर्णाक के संस्थापक भी है।
स्व राजकृष्ण अग्रवाल उर्फ गिल्लू बाबू का महाप्रस्थान- नागपंचमी के दिन नगर के अत्यंत उच्चकोटि के उद्यमी राजकृष्ण अग्रवाल को मृत्यु के सर्प ने डंस लिया। वे 60 वर्ष के थे। जाने माने व्यापारी स्व दाऊजी के पुत्र थे राजकृष्ण अग्रवाल । इनके छोटे भाई डॉ अमित अग्रवाल नगर के श्रेष्ठ सर्जन हैं । स्व राजकृष्ण अग्रवाल इंडियन ऑयल के गैस, पेट्रोल पंप आदि के सफल कारोबारी थे । अत्यंत मृदु और सौम्य स्वभाव के थे । पिता दाऊजी की तरह ये भी किसी को ना नहीं कह पाते थे। जिसने जो मदद मांगी, उसे इन्होंने पूरा ही किया। व्यापार जगत इनके निधन से आघात में है।
किरन गुप्ता- डंकीनगंज मुहल्ले में स्थित होटल आशुतोष के संचालक सुधीर गुप्ता की पत्नी किरन (50) भी 19 जुलाई को चल बसीं। ये परिवार के हर कारोबार में सक्रिय रहती थीं। ट्रक टायर की एजेंसी रही हो, वर्कशाप का कारोबार रहा हो या होटल का, हर कारोबार की देखभाल में वे करती थीं।
राजेश गुप्त उर्फ ब्लाऊ का प्रस्थान- गणेशगंज के कार्पेट व्यवसाई राजेश गुप्ता (58) भी इसी सावन में प्रभु के पावनधाम गए ।
माताप्रसाद दुबे- सावन लगते ही जिले के लिए अपावन सा तब हो गया जब सावन के दूसरे ही दिन प्रथम मंगलवार आया लेकिन अमंगल बन कर आया । जननेता माताप्रसाद दुबे को लेते गया अनन्त सत्ता के पास ।
नगर के उक्त रत्नों के खो जाने से मर्द साप्ताहिक परिवार भी दुःख के सागर में डूबा है ।
सलिल पांडेय, मिर्जापुर।
सावन का चतुर्थ सोम (अमृत)वार लगा जहर भरे दिन की तरह- सुबह हवा तो हल्की-हल्की चल रही थी कि एकाएक गांडीव के पत्रकार शशि गुप्ता ने होटल संघ के अध्यक्ष तथा नगर विधायक के प्रतिनिधि चंद्रांशु गोयल के हवाले से खबर प्रसारित की कि जाने माने उद्यमी विजय बर्णवाल (70) की रविवार को सांसें पूरी हो गई । इस खबर से अचानक शहर की सांसें थम सी गईं ।
तुरत बाद शेम्फोर्ड स्कूल के संचालक *विवेक वर्णवाल* ने उन्हें बर्णवाल समाज का नगीना बताते मार्मिक शोक व्यक्त किया तो स्थायी अदालत की सदस्य और पुलिस परिवार परामर्श केंद्र की सदस्य डॉ कृष्णा सिंह, सीता हॉस्पिटल के संचालक डॉ एस एन पाठक श ने फोन कर गहरा दुःख जताया तो मुरादाबाद से खाद्य सैमपुलिंग विभाग (अभिहीत) के अधिकारी *धीरज बर्णवाल* ने भी शोक साझा किया ।
स्व विजय बर्णवाल सिर्फ उद्यमी ही नहीं बल्कि सामाजिक सेवक थे । लगभग 25-30 साल पहले रोटरी क्लब के अध्यक्ष के रूप में सामाजिक कार्यक्रमों की छाप छोड़े थे । वे विद्वानों का कद्र करते थे। वे अनेक कार्यक्रमों में पिताश्री हिंदी गौरव डॉ भवदेव पांडेय को जब भी अपने कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि बनाते थे तो उन्हें आवास से आकर खुद ले भी जाते थे ।
शहर का अति प्रतिष्ठित परिवार है स्व विजय बर्णवाल का । इनसे छोटे भाई डॉक्टर ओपी बर्णवाल नामी चिकित्सक तो तीसरे भाई जनार्दन बर्णवाल सेवा निवृत्त IAS अधिकारी हैं तथा सर्वश्रेष्ठ होटल कोर्णाक के संस्थापक भी है।
स्व राजकृष्ण अग्रवाल उर्फ गिल्लू बाबू का महाप्रस्थान- नागपंचमी के दिन नगर के अत्यंत उच्चकोटि के उद्यमी राजकृष्ण अग्रवाल को मृत्यु के सर्प ने डंस लिया। वे 60 वर्ष के थे। जाने माने व्यापारी स्व दाऊजी के पुत्र थे राजकृष्ण अग्रवाल । इनके छोटे भाई डॉ अमित अग्रवाल नगर के श्रेष्ठ सर्जन हैं । स्व राजकृष्ण अग्रवाल इंडियन ऑयल के गैस, पेट्रोल पंप आदि के सफल कारोबारी थे । अत्यंत मृदु और सौम्य स्वभाव के थे । पिता दाऊजी की तरह ये भी किसी को ना नहीं कह पाते थे। जिसने जो मदद मांगी, उसे इन्होंने पूरा ही किया। व्यापार जगत इनके निधन से आघात में है।
किरन गुप्ता- डंकीनगंज मुहल्ले में स्थित होटल आशुतोष के संचालक सुधीर गुप्ता की पत्नी किरन (50) भी 19 जुलाई को चल बसीं। ये परिवार के हर कारोबार में सक्रिय रहती थीं। ट्रक टायर की एजेंसी रही हो, वर्कशाप का कारोबार रहा हो या होटल का, हर कारोबार की देखभाल में वे करती थीं।
राजेश गुप्त उर्फ ब्लाऊ का प्रस्थान- गणेशगंज के कार्पेट व्यवसाई राजेश गुप्ता (58) भी इसी सावन में प्रभु के पावनधाम गए ।
माताप्रसाद दुबे- सावन लगते ही जिले के लिए अपावन सा तब हो गया जब सावन के दूसरे ही दिन प्रथम मंगलवार आया लेकिन अमंगल बन कर आया । जननेता माताप्रसाद दुबे को लेते गया अनन्त सत्ता के पास ।
नगर के उक्त रत्नों के खो जाने से मर्द साप्ताहिक परिवार भी दुःख के सागर में डूबा है ।
सलिल पांडेय, मिर्जापुर।


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