निमोनिया का टीका बच्चों के हिप में नहीं जंघे में लगाएं

प्राइवेट स्तर पर सही टीकाकरण नहीं हो पा रहा है

इंजेक्शन के रखने की विधि ज़रकारी ही सही है- ACMO डॉ नीलेश

मिर्जापुर । CMO ऑफिस में डेढ़ से नौ माह तक के बच्चों के लिए शुरू हो रहे  पीसीवी-Pneumococcol Canjugate Vaccin (न्यूमोकॉकस कान्जूगेट वैक्सीन) अभियान की जानकारी देते हुए अपर मुख्य चिकित्साधिकारी *डॉ नीलेश श्रीवास्तव* ने कहा कि बच्चों को यह टीका जंघे में विशेष स्थान पर लगाया जाना चाहिए । डॉ श्रीवास्तव ने हिप में टीका लगाने की पद्धति को घातक बताया तथा कहा कि हिप में इंजेक्शन लगाने में त्रुटि हुई तो बच्चे के मस्तिष्क पर बहुत बुरा असर पड़ता है।

प्राइवेट लेविल पर टीका सुरक्षित नहीं- डॉ नीलेश श्रीवास्तव ने सोमवार को आहूत प्रेस-ब्रीफिंग में स्पष्ट किया कि सरकारी स्तर पर इंजेक्शन रखने की बड़ी उत्तम व्यवस्था है। 12 घण्टे तक बिजली न भी रहे तो फ्रीज में दवा सुरक्षित रहती है। जबकि प्राइवेट दवा रखने की व्यवस्था सही नहीं रहती है। टीकाकरण केंद्र पर यदि बिजली नहीं है तो जेनरेटर का प्रयोग होता है और यह नहीं हो सका तो विभाग के *एप* पर सन्देश आने लगता है जो सिर्फ जिला मुख्यालय ही नहीं बल्कि केंद्रसरकार तक को मालूम हो जाता है।

टीका सरकारी ही लगवाएं

ACMO डॉ नीलेश ने कहा कि प्राइवेट लेविल पर ढाई हजार से चार हजार तक अभिभावकों से ले लिया जाता है जबकि सरकारी टीका मुफ्त है।

13 अगस्त से शुरू होगा अभियान

डॉ नीलेश श्रीवास्तव ने बताया कि यह अभियान 13 अगस्त से शुरू होगा। लोग जन्माष्टमी मनाकर डेढ़ हफ्ते के शिशु को टीकाकरण केंद्र पर ले जाएं । इसके लिए 262 केंद्र स्थापित किए गए हैं । हर केंद्र पर कोरोना से बचाव की व्यवस्था है। 400 एएनएम मास्क लगाएंगी। अभिभावक भी मास्क लगाकर ही आएं । वरना लौटा दिया जाएगा।

बीच के बच्चों को नहीं लगाएंगे

 डेढ़ हफ्ते से 9 माह के बीच बच्चों को गम्भीर बीमारी निमोनिया से बचाने  के लिए टीका लगाया जाएगा। इसके तरह जिले में 74 हजार बच्चों को टीका लगाने का आकलन किया गया है।लेकिन कोई साढ़े तीन माह और 9 माह के बच्चों को लाएगा तो टीका नहीं लग पाएगा।

अन्य बीमारियों में भी लाभ

    डॉ नीलेश के अनुसार इससे बच्चों में 13 प्रकार के रोगों से बचाने में सहायक मिलेगी। इसमें न्यूमोकोकल बैक्टीरिया गर्भवती महिलाओं व नवजात शिशुओं को संपूर्ण सुरक्षा देगा। 

वहीं इनफ्लूएंजा की बीमारी के अलावा मैनिन्जाइटिस के रोग से भी व्यक्ति को हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाएगा जिसका कोई भी साइड इफेक्ट नहीं है। टीकाकरण को लेकर जिला चिकित्सालय सहित ग्रामीण क्षेत्र में कार्यरत एएनएम बच्चों का टीकाकरण करेंगी। पीसीवी वैक्सीन बच्चों में निमोनिया के साथ दिमागी बुखार व कान-नाक के संक्रमण से भी बचाव करेगी।  

पुलिस नहीं रोकेगी

हर शनिवार लाकडाउन की समस्या के संदर्भ में उन्होंने कहा कि जिसके पास टीका-कार्ड होगा, उसे पुलिस नहीं रोकेगी।

                         ©सलिल पांडेय, मिर्जापुर ।

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