आजाद भारत के इतिहास में जो दुर्दशा आज किसानों की है, ऐसी दुर्दशा, ऐसा दुर्व्यवहार किसी अन्य सरकारों में देखने को नहीं मिली-अकेला
अगर समय से किसानों को खाद मुहैया नहीं हुई तो, समाजवादी पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता सड़कों पर उतर कर आंदोलन करने को बाध्य होगा-अकेला
कोविड-19 महामारी को लेकर भाजपा सरकार ने देश में लगा रखी इमरजेंसी-अकेला
रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: आजाद भारत के इतिहास में जो दुर्दशा आज किसानों की है, ऐसी दुर्दशा, ऐसा दुर्व्यवहार किसी अन्य सरकारों में देखने को नहीं मिली। अन्नदाता को फसलों के लिए जब पानी की जरूरत थी, तो नहरों में पानी नहीं था, और आज जब यूरिया और डीएपी खाद की जरूरत है, तो किसान रात रात भर सो नहीं पा रहा है। खाद केंद्रों पर किसान तथा बच्चे लाइन लगाए खड़े हैं। पूरा दिन मजदूरी का नुकसान हो रहा है, उसके बाद भी किसानों को खाद मुहैया नहीं हो पा रही है। मौजूदा केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा महंगाई की मार, बेरोजगारी की मार झेलनी पड़ रही है, चारों तरफ से अगर हमला हो रहा है, तो किसानों और नौजवानों पर हो रहा है। उन्होंने सरकार से सवाल किया है कि, देश के अन्नदाता और नौजवानों के साथ यह दुर्व्यवहार क्यों हो रहा है। एक तरफ देश कोविड-19 के संक्रमण से जूझ रहा है, तो दूसरी तरफ किसान के पैदावार की लूट हो रही है। उसे उसकी पैदावार का मुनासिब दाम नहीं मिल रहा है। मजदूर को काम नहीं मिल पा रहा है। किसानों के धान की फसलें खाद न मिलने से बर्बाद हो रही है। अन्नदाता पर यह अत्याचार क्यों, समाजवादी पार्टी की सरकार में किसानों को मुफ्त पानी देने का काम किया गया, खाद का भंडार आवश्यकता से ज्यादा रहता था। उन्होंने चैलेंज भरे शब्दों में कहा कि, बछरावां विधानसभा में उनके विधायक रहते न किसानों को अपनी आवश्यकताओं के लिए लाइन लगाना पड़ा, और न मजदूरों को काम के लिए दर-दर भटकना पड़ा और ना ही नौजवान बेरोजगार था, सबको समय पर उसकी आवश्यकता के अनुसार खाद, बीज, बिजली पानी रोजगार मुहैया कराने का काम किया गया है। उक्त उद्गार महराजगंज के बछरावां रोड पर स्थित एक सपा नेता के प्रतिष्ठान पर के पूर्व विधायक रामलाल अकेला ने पत्रकार वार्ता में व्यक्त किए हैं।
आपको बता दें कि, पत्रकार वार्ता के दौरान श्री अकेला ने प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए अधिकारियों को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि, खाद की कालाबाजारी बंद करो, किसानों के दर्द को समझने का प्रयास करो, अगर समय से किसानों को खाद मुहैया नहीं हुई तो, समाजवादी पार्टी का एक-एक कार्यकर्ता सड़कों पर उतर कर आंदोलन करने को बाध्य होगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेता कार्यकर्ता लगातार किसानों की समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं। मौजूदा भाजपा की सरकार ने कोविड-19 महामारी को लेकर देश में इमरजेंसी लगा रखा है। इसके बावजूद कोरोना पर रोक नहीं लगा पा रही है। आज कोरोना महामारी भारत में विश्व के पार जा रही है। करोड़ों प्रवासी मजदूर मारे मारे घूम रहे हैं। क्षेत्र की सड़कें बदहाल हैं। आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, बहू बेटियों के साथ बलात्कार हो रहा है, लूट हत्याएं और छिनैती की घटनाएं चरम पर है, पूरे प्रदेश में जंगलराज कायम है। अपराधियों के हौसले बुलंद है। प्रदेश सरकार पूरी तरह से फेल साबित हो रही है।
पूर्व विधायक श्री अकेला ने आगे कहा कि, उत्तर प्रदेश में किसानों की आर्थिक हालत खराब है, और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार के रहते उनका भला भी होने वाला नहीं है। अकेला ने मंगलवार को यहां जारी बयान में कहा कि, किसान को उसकी फसल का लागत मूल्य तक नहीं मिल रहा है, जबकि लागत का ड्योढ़ी दिए जाने का भाजपा सरकार ने वादा किया था। उन्होंने कहा कि, किसानों को उनकी उपज का लाभकारी दाम नहीं मिलने से किसान बदहाल हैं। किसान को गन्ना बकाया पर ब्याज भी नहीं मिल रहा है। श्री अकेला ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि, अन्नदाता को उसकी उपज की कीमत काफी मिल रही है, और सरकार उद्योगपतियों से मिलकर किसानों को लुटवा रही है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भाजपा सरकार ने बर्बाद करके रख दिया है। समाजवादी सरकार में किसानों के हितों को वरीयता दी गई थी। राज्य सरकार पूंजीपतियों को रियायतें बांटती है। किसान, खेती और गांवों की दशा दिन पर दिन बिगड़ती जा रही है। सपा सरकार ने कुल बजट का 75 प्रतिशत भाग कृषि क्षेत्र पर खर्च किया था। भाजपा ने किसानों को कर्जदार बना दिया और उसे आत्महत्या करने को विवश कर दिया है।

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