बछरावां/रायबरेली: जाको राखे साइयां मार सके ना कोय, यह पंक्तियां बछरावां विकासखंड क्षेत्र की ग्राम सभा शेखपुर समोदा में उस समय चरितार्थ हुई, जब कोठरी के अंदर 2 वर्षीय बेटी के साथ लेटे एक युवक की जान छत गिर जाने के बाद भी बच गई।
आपको बता दें कि, घटनाक्रम के अनुसार उक्त गांव निवासी अवधेश उम्र 25 वर्ष अपनी पत्नी शालिनी तथा 2 वर्षीय बेटी के साथ मां बाप से अलग एक कच्ची कोठरी में गुजर बसर कर रहा है। बीते सायंकाल खाना खाने के बाद अवधेश बेटी को साथ लेकर कोठरी के अंदर लेट गया और उसकी पत्नी बर्तन मांजने के लिए बाहर चली गई। इसी बीच कोठरी की छत भरभरा कर नीचे आ गिरी। गनीमत यह रही कि अवधेश जहां लेटा हुआ था, उस तरफ की लगभग 4 फीट छत रुकी रह गई। जिसके चलते बाप बेटी की जान बच गई। छत गिरते ही अगल बगल के लोग दौड़ पड़े और मलबे के बीच से बाप बेटी को बाहर निकाला। ईश्वर के इस चमत्कार को देख कर लोग हतप्रभ रह गए। किसी ने सच ही कहा है कि, ईश्वर जिसे बचाना चाहता है, उसका बाल भी बांका नहीं होता। हालांकि इस घटना की सूचना जब स्थानीय लेखपाल को दी गई, लेकिन शासन का कोई भी आलाधिकारी खबर लिखे जाने तक मौके पर नहीं पहुंचा था।




1 टिप्पणियाँ
Good job
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