21 विशिष्ट व्यक्तियों को मिला ग्लोबल गाँधी पीस अवार्ड।। Raebareli news ।।

रजनीकांत अवस्थी

 महराजगंज/रायबरेली: महात्मा गांधी के 151वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन भारत के तत्वावधान में एक दिवसीय "इंटरनेशनल यूथ डेवलपमेन्ट और ग्लोबल गांधी पीस कॉन्फ्रेंस व अवार्ड्स 2020" का आयोजन किया गया। जहां 300 से अधिक भारत के युवा और युवती प्रतिनिधि शामिल हुए,  जिसमें राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, गुजरात, बिहार, महाराष्ट्र केरल सहित 300 से अधिक प्रतिनिधि ने भाग लिया, करीब 21 व्यक्तियों का चयन नेशनल पीस डेलीगेट के रूप में किया गया।


    आपको बता दें कि, मीडिया को जानकारी देते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष भाटी के अनुसार भारतीय स्तर पर शांति कायम करने के लिए चलाये जा रहे प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की एवं विश्व के कई राज्य के युवाओं को ग्लोबल पीस एम्बेस्डर का पद दिया गया, जो पूरे विश्व को शांति का संदेश देंगे तथा व्यक्तिगत स्तर पर शांति स्थापित करने हेतु दिन रात एक करने वाले 21 व्यक्तियों को ग्लोबल गांधी पीस सम्मान 2020 से सम्मानित किया गया। यह आयोजन राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन भारत के सहयोग से ऑनलाइन वेबिनार द्वारा आयोजित किया गया।



     भाटी ने 2 अक्टूबर गाँधी जयंती को युवाओं को समर्पित किया है। ताकि युवाओं को एक नई दिशा और प्रेरणा मिल सके और उनमें एक नए उत्साह का संचार हो। ऐसे मे भाटी जैसे ही जागरूक युवाओं को भी विभिन्न समस्याओं से निजात पाने की मुहिम में आगे आना होगा, उनमें सकारात्मक सोच विकसित करनी होगी। इस लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन भारत परिवार द्वारा भारतीय स्तर पर युवाओं को सम्मानित कर उनकी समस्याओं पर मंथन करने के लिए ही गूगल मीट पर पुरस्कारों के साथ शिखर सम्मेलन आयोजित किया गया। जिसमें कई राज्यों से समाजसेवीयों एवं पत्रकारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। 

      राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन के राष्ट्रीय प्रभारी एवं राष्ट्रीय अनुशासन मंत्री ज्ञान प्रकाश तिवारी ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि, ग्लोबल गांधी शांति पुरस्कार यादगार बना है। 2 अक्टूबर को विश्वशान्ति के अग्रदूत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयन्ती के अवसर पर  राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन भारत परिवार के साथ मिलकर  भारतीय युवा विकास शिखर सम्मेलन का आयोजन करना एवं राज्यों के कोने-कोने से युवाओं के विकास के लिए एवं विश्व शांति के लिए कार्य कर रहे युवाओं को गूगल मीट पर ग्लोबल गांधी पीस पुरस्कार से सम्मानित करना  अत्यंत ही गौरव की बात है।

    इस अवसर पर उन्होंने बताया कि, कोरोना महामारी के चलते इस कार्यक्रम का आयोजन गूगल मीट के माध्यम से ऑनलाइन किया गया, परंतु देश में ये पहला अवसर है, जबकि सम्मानित होने वाले प्रत्येक प्रतिभागी को सेर्टिफिकेट डाक के माध्यम से भेजे जाएंगे, इसमें गाँधी जी का स्मृति चिन्ह, सेर्टिफिकेट की कॉपी और राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन का मास्क होगा। 

     इस अवसर पर उन्होंने कहा कि, आज वर्तमान समय में बालिकाओ पर हो रहे अत्याचार को गंभीरता पूर्वक लेते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन भारत के राष्ट्रीय प्रभारी एवं राष्ट्रीय अनुशासन मंत्री ज्ञान प्रकाश तिवारी ने बालिका शिक्षा एवं आत्म रक्षा के संबंध में अपने विचार रखे, उन्होने बताया कि, अगर हम युवा विकास की बात करते हैं, तो बालिका शिक्षा एवं सशक्तिकरण की बात करना  बहुत जरूरी है, आज जिस तरह से बच्चियां ज्यादती का शिकार हो रही है, उनके लिए आत्म रक्षा में निपुण होना अत्यंत आवश्यक है, और अगर लड़कियां आर्थिक रूप से सक्षम होंगी, तो वो अपने खिलाफ होने वाले हर तरह के अत्याचार के खिलाफ आवाज उठा सकती हैं। 


    राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन भारत परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष

भाटी, पुरस्कार चयन समिति की अध्यक्ष गुमान सिंह सैनी और राष्ट्रीय कमेटी के निर्णय से भारत के कई राज्यों से समाजसेवी और पत्रकार बंधुओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय महासचिव गुमान सिंह सैनी ने कहा कि, राष्ट्र के विकास में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, युवा शक्ति हर युग में और हर समाज में सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। आर्थिक विकास में यह एक वरदान है। भारत में युवा शक्ति की आबादी को सही दिशा व राष्ट्र निर्माण में  सकारात्मक योगदान हेतु कैसे मोड़ा जाए? यह एक ज्वलन्त और विचारणीय प्रश्न है। एक युवा में बढ़ती आयु के साथ-साथ नया रक्त संचार, नया जोश, साहस और बढ़ती महत्वाकांक्षाऐं प्रबल होतीं हैं, ऐसे में इनमें सकारात्मक सोच उत्पन्न कर सही मार्गदर्शन द्वारा यदि सही दिशानोन्मुख कर दिया जाय, तो उनकी ऊर्जा मानव विकास और राष्ट्र कल्याण में लगाई जा सकती है। परन्तु आज एक बड़ा युवा वर्ग अवसादग्रस्त होकर डिप्रेशन का शिकार हो रहा हैं। पढ़ाई का बोझ, गलत संगति, बेरोजगारी, प्रेम में विफलता, जिम्मेदारियों का बोझ, आर्थिक तंगी, शारीरिक बीमारियां, अचानक आ जाने वाली परेशानियां, प्रिय जनों से बिछड़ना अपराध आदि यह युवा जीवन की गंभीर समस्याएं बन चुकी है। जिनका सामना करते करते वह परेशानियों के आगे घुटने टेक देता है, और मानसिक विकारों का शिकार होकर या तो आत्महत्या कर लेता है, या डिप्रेशन में जाकर नशे का आदी हो जाता है, उसकी सोचने समझने की क्षमता प्रभावित होने लगती है, या फिर उसके कदम अपराध जगत की ओर बढ़ने लगते हैं। ऐसे समय में डिप्रेशन के शिकार इन युवाओं को उनकी पीड़ा को समझना बहुत जरूरी है।


    आज का युवा आभासी दुनिया में भी जीने लगा है। आज वह सोशल मीडिया इंटरनेट इत्यादि में उलझ कर अपने वास्तविक संसार से अलग हो गया है, और अपनी नई दुनिया में जी रहा है। ऐसे में राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन भारत परिवार और राष्ट्रीय प्रभारी एवं राष्ट्रीय अनुशासन मंत्री ज्ञान प्रकाश तिवारी ने नई सोच लेकर इनमें ऊर्जा का संचार कर रहे हैं।राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भाटी ने जिस तरह से अपनी विपरीत परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए आज भारत के कई राज्यों में अपना एक मुकाम हासिल कर मिसाल कायम की है, वह अनुकरणीय है। उनकी सोच इन युवाओं को आगे बढ़ाने की है और इसी सोच को ध्यान में रखते हुए भाटी समय-समय पर देश में कुछ न कुछ नए कार्य करते रहते हैं

     राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जयबूता संगठन ने जिन सम्मानित समाजसेवी और पत्रकार बंधुओं को सम्मानित किया। उनके नाम पत्रकार राज तिवारी, संपादक आकाश आनंद, वरिष्ठ पत्रकार शिवाकांत अवस्थी, पत्रकार अंजनी कुमार, संघर्षशील समाजसेवी आरती चौरसिया, समाज में अपनी पहचान बनाने वाली अंकुर निगम, मध्य प्रदेश की इच्छा तिवारी, कानपुर की समाजसेवी नीता, सुनीता यादव, लोकतंत्र सेनानी गया प्रसाद सोनकर, पत्रकार अजहर सिद्दीकी, समाजसेवी शिखा शुक्ला, पत्रकार नवीन कुमार पांडे, वरिष्ठ पत्रकार धनंजय कुमार पांडे, समाजसेवी सुमन वर्मा को ग्लोबल गांधी सम्मान पत्र से सम्मानित किया गया। हमारा संगठन ऐसे समाजसेवी को बहुत-बहुत बधाई देता है, और आपके इस कार्य की भूरी भूरी प्रशंसा करता है।


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