पार्टी का दृष्टिकोण धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक है-आलू महराज।
मुलायम सिंह ने सपा की स्थापना एकाएक नहीं की थी। यह उनके संघर्ष की लंबी राजनीति का नया पड़ाव था-अकेला।
समाजवादी बिरवा प्रचंड बटवृक्ष की तरह फैल कर युवा जोश, युवा सोच के साथ अखिलेश यादव के नेतृत्व में समतामूलक समाज बनाने में कामयाब हो रहा-रामलाल अकेला।
रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: बछरावां विधानसभा अध्यक्ष राकेश त्रिवेदी उर्फ आलू महाराज तथा पूर्व विधायक बछरावां रामलाल अकेला के नेतृत्व में तहसील क्षेत्र के ओसाह स्थित पार्टी कार्यालय पर सैकड़ों समाजवादी कार्यकर्ताओं के साथ 28वां स्थापना दिवस मनाया गया। जिसमें सभी ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी।
आपको बता दें कि, बिखरे हुए समाजवादी आंदोलन को सहेजने के लिए 4 व 5 नवंबर 1992 को लखनऊ के बेगम हजरत महल पार्क में हुए दो दिवसीय अधिवेशन में प्रदेश ही नहीं देश भर के समाजवादी नेता एकत्र हुए थे। उन्होंने समाजवादी पार्टी की स्थापना की, और मुलायम सिंह को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना। उनकी टीम में जनेश्वर मिश्र उपाध्याय और बिहार के कपिल देव सिंह महासचिव चुने गए थे। तब से लेकर अब तक यानी 28 सालों में मुलायम और अखिलेश की अगुवाई में सपा ने शानदार सियासी सफर तय किया। स्थापना के बाद हुए सभी विधानसभा चुनाव में सपा या तो सत्ता में आई या फिर मुख्य विपक्षी दल रही। दो ढाई दशक के राजनीतिक पड़ाव में सिर्फ इतना फर्क आया है कि, दूसरी पीढ़ी के नेता आगे बढ़ गए हैं। मुलायम सिंह के बाद अखिलेश यादव पार्टी का चेहरा बन कर उभरे। खास बात यह रही कि, संघर्ष के साथ अंतर्विरोध सपा की पहचान बनते गए और पार्टी आगे बढ़ती रही। आज रविवार को स्थापना के 28 साल में समाजवादी पार्टी प्रवेश कर रही है। इसकी शुरुआत रविवार को बछरावां विधानसभा क्षेत्र के ओसाह स्थित पार्टी कार्यालय में भव्य और विशाल रजत जयंती समारोह संपन्न हुआ। इसी क्रम में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बछरावां विधानसभा से दो बार विधायक रह चुके रामलाल अकेला ने पार्टी कार्यकर्ताओं के समक्ष अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि, मुलायम सिंह ने सपा की स्थापना एकाएक नहीं की थी। यह उनके संघर्ष की लंबी राजनीति का नया पड़ाव था। आज 4 अक्टूबर है, और मैं आपको बता देना चाहता हूं कि, यह वह दिन है, जब लोहिया के लोगों और बिखरे हुए समाजवादियों को एकत्र कर समतामूलक समाज की स्थापना के लिए तथा युगदृष्टा डॉ राम मनोहर लोहिया के सपनों का भारत बनाने के लिए स्वर्गीय बाबू कपिल देव सिंह व मुलायम सिंह यादव ने समाजवादी अक्स को पहचानकर समाजवादी पार्टी का गठन करवाया था। जो बिरवा प्रचंड बटवृक्ष की तरह फैल कर युवा जोश, युवा सोच के साथ अखिलेश यादव के नेतृत्व में समतामूलक समाज बनाने में कामयाब हो रहा है। क्योंकि आज ही के दिन देश की गरीब जनता की समस्याओं को दूर करने व उनके हित में काम करने के लिए एक संगठन की नींव रखी गई थी, जिसका नाम समाजवादी पार्टी है। वहीं समाजवादी पार्टी के 28वें स्थापना दिवस पर पार्टी के बछरावां विधानसभा अध्यक्ष तथा सपा प्रबुद्ध सभा के जिला अध्यक्ष राकेश त्रिवेदी उर्फ आलू महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि, मुलायम सिंह यादव ने कहा है कि, समाजवादी पार्टी एक ऐसा समाज बनाने में विश्वास करती है, जहां समानता के सिद्धांत पर काम हो। पार्टी का दृष्टिकोण धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक है। समाजवादी पार्टी समाज के कमजोर वर्ग के उत्थान की दिशा में लगातार काम करने में विश्वास करती है, और सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ पूरी ताकत से खड़ी है। श्री त्रिवेदी ने अपने संबोधन के दौरान यह भी कहा कि, समाजवादी पार्टी के 28वें स्थापना दिवस रूपी दिन 4 अक्टूबर 1992 को हम सभी पार्टी की विचारधारा और लोगों की तरफ से बधाई देते हुए, समाजवादी पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी के रूप में देखना चाहते हैं। आज का दिन हम सभी समाजवादी जनों के लिए उत्साह और प्रेरणा का दिन है। अंत में उन्होंने उपस्थित कार्यकर्ताओं का आवाहन करते हुए कहा कि, आगामी 2022 के चुनाव के दृष्टिगत बछरावां विधानसभा को मजबूत करने के लिए हम सबको मिलजुल कर कार्य करना है, और अपने प्रत्याशी को रिकॉर्ड तोड़ मतों से विजई बनाकर विधानसभा भेजना है। आज यहां 28वें स्थापना दिवस के मौके पर बछरावां विधानसभा के कार्यकारिणी की घोषणा भी की गई है। स्थापना दिवस समारोह के अंत में सपा के युवा नेता व क्षेत्र पंचायत सदस्य मनोज त्रिवेदी ने आए हुए लोगों का अभिवादन करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। इस मौके पर पूर्व विधायक श्याम सुंदर भारती, जिला उपाध्यक्ष शिव शंकर पटेल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष मेहरबान, हरीश चौरसिया, वीरेंद्र यादव, लोकसभा और विधानसभा के विधानसभा अध्यक्ष बापू शुक्ला, राजीव शुक्ला ब्लॉक अध्यक्ष शिवगढ़ तथा समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।








0 टिप्पणियाँ