36 घंटे पूर्व बछरावा के बलईमऊ में गुंडों द्वारा खेले गए खूनी संघर्ष के मामले में पुलिस ने 5 आरोपियों को भेजा जेल

 

रजनीकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: बीते 36 घंटे पूर्व बछरावां थाना क्षेत्र के बलईमऊ गांव में एक ब्राह्मण परिवार पर गांव के ही आधा दर्जन दबंग लोगों ने बछरावां पुलिस की मौजूदगी में खूनी संघर्ष का खेल खेला गया, और बछरावां पुलिस तमाशबीन बनी देखती रही। यदि बछरावां पुलिस समय रहते चेत जाती, तो शायद बलईमऊ गांव में गुंडों का एक ब्राह्मण परिवार पर तांडव ना हुआ होता। जिसके कारण ब्राह्मण परिवार की महिला लखनऊ के ट्रामा सेंटर में मौत से जिंदगी की जंग लड़ रही है।

      आपको बता दें कि, बछरावां कोतवाली क्षेत्र के बलईमऊ मजरे सुल्तानपुर गांव में जानवरों को चारा देने वाली चरही बनाने को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ था, जिसमें गांव के ही दबंग प्रतिपक्षीगणों राजेंद्र सिंह पुत्र श्री राम सिंह, धर्मेंद्र सिंह पुत्र राम सिंह, आलोक सिंह पुत्र जगदीश सिंह, बिंदा लाल पुत्र अनोखेलाल, सनी उर्फ रामप्रताप पुत्र ननकू अपने लगभग एक दर्जन साथियों के साथ एक राय होकर आए तथा सुशील बाजपेई व उनकी पत्नी शोभा बाजपेई तथा उनकी बेटी समेत परिवारीजनों को दौड़ा-दौड़ा कर जमकर मारा पीटा। जिसमें ब्राह्मण परिवार से महिला पुरुष मिलाकर 9 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हद तो तब हो गई  जब गुंडों ने चाकू से एक महिला का कान काट लिया तथा एक बेटी की नाक काटने का प्रयास किया और यह सब बछरावां पुलिस व 112 नंबर पुलिस के सामने हुआ और पुलिस तमाशबीन बनी देखती रही।


    पुलिस की मौजूदगी में गुंडें लाठी डंडा व ईट गुम्मा चलाते रहे पुलिस तमाशबीन बनी देखती रही। ऐसे में यह साफ जाहिर होता है कि, प्रदेश की योगी सरकार को बछरावां पुलिस बदनाम करने का काम कर रही है, और गुंडों को संरक्षण दे रही है। मामले को संज्ञान में लेते हुए नवागत तेजतर्रार पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी महराजगंज राघवेंद्र चतुर्वेदी ने 17 अक्टूबर को असनी चौराहे से पांच अभियुक्त राजेंद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह, आलोक सिंह, बिंदा लाल सनी उर्फ रामप्रताप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

      क्षेत्र में चर्चा का विषय यह भी है कि, घटना को अंजाम देने वाले अपराधी बछरावां पुलिस के काफी करीबी हैं, जिसके चलते बेखौफ गुंडों ने ऐसी क्रूर घटना को अंजाम दिया। मामले में क्षेत्राधिकारी राघवेंद्र चतुर्वेदी का कहना है कि, घटना के मामले में नामजद पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया गया है। शेष की तलाश की जा रही है।

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