प्राचार्य कमल बाजपेई के नेतृत्व में अभेद्यकिले के रूप में तब्दील कर दिया गया महावीर स्टडी इस्टेट विद्यालय

कोरोना से बचाव के लिए महावीर स्टडी इस्टेट विद्यालय में सभी इंतजामात

कोविड-19 से बचाव के इंतजामात के साथ महावीर स्टडी इस्टेट में कक्षाएं शुरू

रजनीकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: कोविड-19 महामारी के प्रकोप से विगत 7 माह तक बंद रहे, शिक्षण संस्थान अब तेजी से खुलने लगे हैं। विद्यालयों में शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा दी गई गाइडलाइंस को अच्छरश: पालन करते हुए क्षेत्र के सुप्रतिष्ठित विद्यालय महावीर स्टडी इस्टेट सुखई का पुरवा हैदरगढ़ रोड महराजगंज में अब कक्षाएं सुचारू रूप से संचालित होने लगी है। सबसे बड़ी विशेष बात यह है कि, यहां के प्राचार्य कमल बाजपेई के नेतृत्व में कोरोना से बचाव के लिए विद्यालय को अभेद्यकिले के रूप में तब्दील कर दिया गया है। विद्यालय में कोविड-19 से बचाव के लिए इतनी तगड़ी व्यवस्था की गई है कि, पढ़ने वाले छात्र छात्राओं में आत्मविश्वास का संचार हुआ है। आने वाले छात्र बेहिचक विद्यालय आकर अध्ययन कर रहे हैं। वहीं उनके अभिभावक विद्यालय की व्यवस्था को देखकर अपने बच्चों को बेहिचक स्कूल भेज रहे हैं। यह बात पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

    आपको बता दें कि, हमारे संवाददाता ने बुधवार को विद्यालय परिसर जाकर वहां चल रही शिक्षण व्यवस्था का आकलन किया, तो सब कुछ चाक चौबंद मिला। बातचीत में प्राचार्य कमल बाजपेई ने बताया कि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अपील और जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव के द्वारा जारी दिशा निर्देशों के तहत 9 से 12 तक के बच्चों को 19 अक्टूबर से विद्यालय में आकर पढ़ने की शुरुआत की गई है। इनमें वह बच्चे ही स्कूल में प्रवेश पा रहे हैं, जिनके अभिभावकों ने उनके पढ़ने के लिए लिखित अनुमति विद्यालय को दे रखी है। इसके अलावा विद्यालय में 9:00 बजे से लेकर 1:00 बजे तक नियमित रूप से कक्षाएं चलाई जा रही हैं।

     श्री बाजपेई ने बताया कि, विद्यालय में जगह जगह सैनिटाइजर और हैंड वॉश की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त परिसर में सर्किल बनाकर सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा पालन करते हुए छात्रों को खड़ा किया जाता है। साथ ही विद्यालय आने पर उनकी थर्मल स्क्रीनिंग के साथ-साथ 70 फ़ीसदी अल्कोहल वाले सैनिटाइजर से उन्हें सैनिटाइज होने के लिए कहा जाता है। विद्यालय में भी सैनिटाइजर और हैंड वॉश रखे गए हैं। क्लासों में बैठने के लिए प्रत्येक छात्र को एक ही सीट आवंटित की गई है। एक सीट से दूसरे सीट की दूरी पर्याप्त रखी गई है। प्रत्येक छात्र को दी गई सीट पर नंबर डाल दिए गए हैं, और यह कहा गया है कि, वह अपने नंबर की सीट पर बैठकर ही अध्ययन करें। प्रतिदिन पूरे विद्यालय के साथ साथ छात्रों के बैठने वाली सीटों का सैनिटाइजेशन कराया जा रहा है।

     श्री बाजपेई ने बताया कि, इसके अलावां पूरे शिक्षण काल के समय सुरक्षा कवच भी बनाया गया है। जो चार टीमों में विभक्त है। इनमें पहली टीम इमरजेंसी केयर टीम है, उसके बाद दूसरी जर्नल सपोर्ट केयर टीम तथा तीसरी कम्युनिटी सपोर्ट टीम और चौथी हाइजीन इंफेक्शन टीम है, इन चारों टीमों में मुस्तैद सदस्य आपस में अच्छा तालमेल बनाकर हर चुनौती का सामना करने को पूरी तरह तैयार रहते हैं। स्थिति यह है कि, विद्यालय की इस रणनीति से बच्चों का मनोबल काफी ऊंचा उठ गया है।

      विद्यालय के छात्र छात्राओं से जब बात की गई, तो उनका कहना था कि, कोविड-19 से बेफिक्र रह कर डरे नहीं। छात्रों का कहना है कि, वह अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ-साथ अनिवार्य रूप से मास्क पहनने, सैनिटाइजर का लगातार उपयोग करने और भीड़भाड़ वाले इलाकों से परहेज करने जैसे उपायों को अपनाकर कोविड-19 से बच सकते हैं।

    प्राचार्य कमल बाजपेई का कहना है कि, कोविड-19 से डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। लोगों को नियमित रूप से आयुष मंत्रालय का काढ़ा अवश्य प्रयोग करना चाहिए, साथ ही विटामिन सी के लिए नींबू और विटामिन डी के लिए धूप का सेवन अवश्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि, हमारे छात्र छात्राएं पूरी तरह से सुरक्षित हैं, और कोविड-19 से बचाव के बारे में पूरी तरह जागरूक है। इसलिए इस विद्यालय में पठन-पाठन का कार्य सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस के तहत सुचारू रूप से शुरू कर दिया गया है। अब इसके परिणाम सुखद आ रहे हैं।

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