रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: ब्लॉक सभागार में क्षेत्र पंचायत समिति की बैठक संपन्न हुई। जिसमें तमाम महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी नदारद रहे। वीडीसी की यह बैठक इस मायने में भी महत्वपूर्ण रही, क्योंकि वर्तमान वीडीसी कार्यकाल की यह अंतिम बैठक मानी जा रही है। इस दौरान ग्राम प्रधानों व क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने चुनावी वर्ष को देखते हुए अपने अपने क्षेत्र की समस्याओं को बढ़-चढ़कर सदन में रखा। वहीं कुछ विभागों की कार्यशैली को लेकर तीखी बहस भी हुई। पारित प्रस्ताव में क्षेत्र भर में इंटरलॉकिंग, खड़ंजा सड़कों के लगभग ढाई करोड़ रुपए के बजट का प्रस्ताव पारित किया गया।
आपको बता दें कि, क्षेत्र पंचायत प्रमुख सत्येंद्र प्रताप सिंह की कार्यकाल की अंतिम बीडीसी बैठक में बड़ी तादाद में प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य मौजूद रहे। इनमें महिलाओं की भी अच्छी खासी भागीदारी रही। बैठक में प्रस्तुत एजेंडे में गत बैठक की कार्यवाही की पुष्टि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालय निर्माण प्रगति पर विचार और स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं पर विचार तथा कृषि विभाग की योजनाएं और बाल विकास परियोजना विभाग, मनरेगा राज्य वित्त की कार्य योजना, क्षेत्र निधि केंद्रीय वित्त विकास की कार्य योजना के अलावा कई और विषय थे। बैठक की शुरुआत में विभिन्न विभागों से जुड़े अधिकारियों ने अपने अपने विभाग के विषयों पर सदन को जानकारी दी। वहीं कई सदस्य इस बात को लेकर नाराज हुए कि, क्षेत्र पंचायत समिति की आखिरी बैठक होने के बावजूद कोई भी विधायक सांसद के अलावा जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद नहीं है। ना ही राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, वन विभाग जैसे महत्वपूर्ण महकमे गैरहाजिर रहे। इसके अलावा बैठक में मुख्य मुद्दा पराली को लेकर रहा, सर्वसम्मति से तय किया गया कि, पूरे ब्लॉक के सभी पुरवा में गड्ढा बनाकर फसलों से निकली पराली को उसी में डाल कर कंपोस्ट खाद बनने के लिए छोड़ा जाए। यह कार्य संबंधित ग्राम प्रधान की देखरेख में हो।
वहीं अलीपुर के रविराज सिंह ने अलीपुर गांव में 1 महीने से विद्युत ट्रांसफार्मर फुके रहने का मुद्दा उठाया, तो कई सदस्य उनकी हां में हां मिलाने खड़े हो गए। बैठक में मौजूद एसडीओ आशीष श्रीवास्तव ने कहा कि, वह कोरोना पॉजिटिव हो गए थे। अब नेगेटिव होकर लौटे हैं। शीघ्र ही वह ट्रांसफार्मर ठीक करवाएंगे। इसके अलावा ग्राम प्रधान संघ के अध्यक्ष हरिकरन सिंह उर्फ गुड्डू ने परिषदीय विद्यालयों के कायाकल्प की योजना के बारे में विभागीय अधिकारियों के निर्देश को गलत बताते हुए कहा कि, चुनावी बेला नजदीक है, वे लोग ग्राम सभा के अन्य विकास कार्य कराने में अपना समय लगावे, ना की विद्यालयों के पुनर्निर्माण में। विद्यालयों संबंधी कार्य के लिए विभाग अपने शिक्षकों की मदद ले, जिस पर पूरे सदन ने उनका समर्थन किया। प्रमुख सत्येंद्र प्रताप सिंह द्वारा पिछले 5 साल के दौरान क्षेत्र पंचायत विकास निधि व अन्य स्रोतों से मिली सरकारी मदद से विकास कार्य कराए, जाने का ब्यौरा पेश किया। जिसका पूरी सदन ने हर्ष जताया। इसी क्रम में नए प्रस्ताव में पुरासी गांव में 200 मीटर इंटरलॉकिंग का प्रस्ताव क्षेत्र पंचायत सदस्य महेश प्रसाद उर्फ पप्पू द्वारा व कैड़ावा, कोटवा मोहम्मदाबाद, कुसमहुरा, पूरे अचली, सिरसा, पोखरनी, सिकंदरपुर, ज्योना सहित 9 गांव में लगभग दो करोड़ की लागत से इंटरलॉकिंग सड़कों के निर्माण के अलावा एक गांव में 50 लाख की लागत से खड़िया मार्ग का प्रस्ताव पेश किया गया। जो सर्वसम्मति से पारित हो गया।
कार्यक्रम में प्रमुख सत्येंद्र प्रताप सिंह ने 5 साल तक शानदार तरीके से विकास कार्यों के लिए सभी सदस्यों द्वारा सदन संचालित करने के लिए सब का आभार जताया। वहीं वीडियो प्रवीण कुमार पटेल ने सभी सम्मानित सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया, और आशा जताई कि, पारित प्रस्तावों पर अमलीजामा पहनाया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन ग्राम पंचायत विकास अधिकारी प्रमोद कुमार अवस्थी ने किया। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य राम शंकर चौधरी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों में अनूप बाजपाई, राजकुमारी सिंह ताजुद्दीनपुर ग्राम प्रधान, एडीओ पंचायत जितेंद्र सिंह, एडीओ कोआपरेटिव अरुण श्रीवास्तव, शेखर शुक्ला, पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ एके कनौजिया, डॉ सुरेश कुमार के अलावा जनप्रतिनिधियों में ग्राम प्रधान मऊ नीलम सिंह, ग्राम प्रधान पोखरनी शिवबालक पाल, ग्राम प्रधान ओथी पप्पू पासी, ग्राम प्रधान कैर गंगाराम पासी, ग्राम प्रधान पति ज्योना उमेश उर्फ कुन्नू, ग्राम प्रधान सलेथू जयप्रकाश साहू, ग्राम प्रधान हसनपुर केशव कुमार चौधरी, ग्राम प्रधान पति हलोर संत कुमार चौधरी, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सिकंदरपुर डब्बू सिंह, ग्राम प्रधान पुरासी गंगासागर पांडेय, ग्राम प्रधान मुरैनी रामबरन यादव, ग्राम प्रधान मोन सरोजिनी सिंह, ग्राम प्रधान अश्वनी राजकुमार लोधी, ग्राम प्रधान सुल्तानपुर, ग्राम प्रधान बावन बुजुर्ग बल्ला सहित बड़ी तादाद में ग्राम प्रधान व बीडीसी मौजूद रहे। इनसेट.......नहीं मिला नगद मानदेय: वीडीसी की आखिरी बैठक में मौजूद सदन के सदस्य ने उम्मीद जताई थी कि, उन्हें बैठक में भाग लेने का पांच सौ रुपए मानदेय नगद मिलेगा। कुछ सदस्यों द्वारा बात उठाए जाने पर बताया गया कि, अपने अपने खाते नंबर दे दे, पैसा उसमें भेजा जाएगा। इससे काफी सदस्य मायूस दिखे।

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