जनपद में पराली जलाए जाने पर एफ0आई0आर0 के साथ होगी दंडात्मक व विधिक कार्यवाही-वैभव श्रीवास्तव
पराली जाने वाले कृषक पर आर्थिक दण्ड के साथ प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ0आई0 आर0) एवं अन्य विधिक कार्यवाही की जायेगी
रजनीकांत अवस्थी
रायबरेली: जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने कहा कि, उच्चतम न्यायालय एवं राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्देशानुसार पराली जलाना दण्डनीय अपराध है। इस सम्बन्ध में जनपद के कृषक भाइयो को सूचित किया जाता है, कि, पराली जाने पर आर्थिक दण्ड के साथ प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ0आई0 आर0) एवं अन्य विधिक कार्यवाही की जायेगी। इस सम्बन्ध में जनपद के कम्बाइन हार्वेस्टर मालिको को भी सूचित किया जाता है कि, उनके द्वारा कटाई किये गये खेत में कृषक द्वारा पराली जलाया जाता है, तो कृषक के साथ कम्बाइन हार्वेस्टर मालिक को भी दोषी मानते हुए उनकी मशीन सीज करते हुए प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफ0आई0 आर0) एवं अन्य विधिक कार्यवाही की जायेगी। साथ ही उसकी मशीन का पंजीकरण निरस्त कर दिया जायेगा। जिसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार होगा।
आपको बता दें कि, जिस गांव में पराली जलाने की घटना होगी, वहाँ के ग्राम प्रधान तथा ग्राम पंचायत सचिव को भी दोषी माना जायेगा, एवं सम्बन्धित के विरूद्ध भी विधिक एवं अन्य दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी। जिस कम्बाइन हार्वेस्टर मशीन में एस०एम०एस० सिस्टम नही लगा है, तो ऐसे कम्बाइन हार्वेस्टर मशीन के साथ पैडीस्ट्राचापर, मल्चर या बेलन यंत्रो मे से किसी एक यंत्र का प्रयोग अनिवार्य रूप से किया जायेगा। इन यंत्रो के प्रयोग के बिना फसल कटाई करने पर कम्बाइन हार्वेस्टर मशीन सीज कर दी जायेगी, और तब तक नही छोड़ी जायेगी, जब तक उसमें एस०एम०एस० सिस्टम न लगा दिया जाए। साथ ही हारवेस्टर मशीन का पंजीकरण भी निरस्त कर दिया जायेगा। जिसमे हारवेस्टर मालिक स्वंय जिम्मेदार होगे। कृषक भाइयो को यह भी सूचित किया जाना है कि, 02 एकड़ से कम क्षेत्र के लिए रुपए 2500/-प्रति घटना। 02 से 05 एकड़ के लिये रूपये 5000/प्रति घटना। 05 एकड़ से अधिक क्षेत्र के लिए रुपये 15000/- प्रति घटना। पराली जलाये जाने की घटना होने पर सम्बन्धित कृषक के विरूद्ध अर्थदण्ड एवं विधिक कार्यवाही के साथ ही उन्हे कृषि विभाग व अन्य शासकीय लाभो से वंचित कर दिया जायेगा। जिसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार होंगे।
इसके साथ ही जनपद के समस्त ग्राम प्रधानो को भी सूचित किया जाता है कि पराली के अलावा किसी भी प्रकार का कूड़ा करकट जलाना प्रतिबन्धित है, अपनी ग्राम पंचायतो में इस सम्बन्ध में मुनादी एवं बैठक कराके समस्त ग्रामवासियो को अपने स्तर से सूचित करे अगर इसके बाद भी किसी किसान द्वारा पराली जलायी जाती है, तो सम्बन्धित उपजिलाधिकारी द्वारा पराली जलाने पर किसानो के विरूद्व (एफ0आई0आर0) प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराते हुये सम्बन्धित से नियमानुसार दण्डात्मक कार्यवाही कर वसूली की कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी, तथा वसूली कर वसूली की धनराशि को पर्यावरण के निर्धारित लेखाशीर्षक मे जमा किया जायेगा।

0 टिप्पणियाँ