राजू सिंह के नेतृत्व में विकास के शिखर पर पहुंचा ताजुद्दीनपुर गांव।। Raebareli news ।।

 

रजनीकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: महराजगंज ब्लाक का लगभग ढाई हजार की आबादी वाली ग्राम पंचायत ताजुद्दीनपुर का विगत 5 वर्षों के दौरान विकास के मामले में जिस प्रकार से कायाकल्प हो गया है, वह आस-पास के गांव वालों के लिए खासी चर्चा का विषय बना हुआ है, साथ ही ग्राम प्रधान राजकुमारी सिंह के प्रतिनिधि उनके पति राजू सिंह की चारों तरफ प्रशंसा ही प्रशंसा हो रही है। सबसे बड़ा खतरा उन विरोधियों के लिए पैदा हो गया है, जोकि आने वाले प्रधानी के चुनाव में किस मुद्दे पर चुनाव लड़े। विरोधी मुद्दा ही नहीं तलाश पा रहे हैं। गांव के विकास में चाहे पेयजल की समस्या हो, चाहे पक्की नालियों के निर्माण का मामला हो, चाहे आने जाने के लिए इंटरलॉकिंग और खड़िंजा बिछवाने की बात हो, और चाहे सोलर लाइटों से रात के दौरान गांव को जगमगाने की बात हो, और चाहे गरीबों की शादी में जात पात का भेदभाव भुलाकर प्रत्येक परिवार को आर्थिक सहायता पहुंचाने का काम हो, किसी भी क्षेत्र में राजू सिंह की भागीदारी छिपी नहीं है। अब उनके विरोधी भी दबी जबान यह चर्चा करते हैं कि, आगामी चुनाव में कौन सा मुंह लगाकर राजू सिंह का विरोध करने जनता के बीच जाएंगे।


     आपको बता दें कि, महराजगंज ब्लॉक मुख्यालय से महज 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ताजुद्दीनपुर गांव में ताजुद्दीनपुर के अलावा अन्दूपुर, पूरे तोमर दास, पूरे हनुमंत सिंह, पूरे चिरैंधा कुल 5 मजरे शामिल है। मिश्रित आबादी वाले इस गांव में ठाकुरों की तादाद अच्छी खासी है। 5 साल पहले राजनीति में अनजान चेहरा जाने जाने वाले राजू सिंह ने महिला सीट होने के कारण अपनी पत्नी राजकुमारी सिंह को चुनाव लड़वाया, चुनाव में राजनीति के धुरंधर माने जाने वाले पूर्व प्रमुख महेंद्र सिंह, पूर्व प्रधान राकेश सिंह जैसी हस्तियां भी मैदान में उतरी, लेकिन अपने नायाब प्रचार के तरीके से प्रचार करने वाले राजू सिंह जनता के दिलों में उतर गए, और परिणाम यह रहा कि, राजकुमारी सिंह भारी बहुमत से प्रधान का चुनाव जीत गई। इस दौरान राजू सिंह ने जन-जन से वादा किया था कि, प्रधानी का चुनाव जीतने के बाद गांव सभा का हर व्यक्ति अपने को प्रधान समझे और विकास कार्यों के बारे में बेहिचक उनको सुझाव दें, तथा सहयोग करें। ताकि ब्लॉक की सबसे पिछड़ी ग्राम पंचायतों में से एक ताजुद्दीनपुर को विकास की मुख्यधारा में लाया जा सके, और इसके तहत राजू सिंह ने टीम वर्क के साथ काम करना शुरू किया। 


     परिणाम यह रहा कि, ग्राम सभा के उन पुरवों में 13 से ज्यादा हैंड पंप लगवा दिए गए, हालत यह है कि, अब 14 वां हैंडपंप आवे, तो लगाया कहां जाए। क्योंकि सभी आवश्यक स्थान पर इंडिया मार्क हैंडपंप स्थापित कराए जा चुके हैं। इसके अलावा मलिन बस्तियों में जहां जरा सी बरसात होने पर घुटनों घुटनों पानी भर जाया करता था। इस समस्या को हमेशा के लिए दूर करने के लिए ग्राम प्रधान ने 230 मीटर इंटरलॉकिंग सड़क का कार्य करवा दिया। जिससे अब इन बस्तियों में रहने वाले लोगों को कभी कीचड़ का सामना करना नहीं पड़ेगा।


     ग्राम प्रधान राजू सिंह ने बताया कि, गांव सभा में गरीब लोगों को व्यापक रोजगार देने के लिए मनरेगा स्कीम से 7 किलोमीटर कच्चा संपर्क मार्ग का निर्माण भी कराया गया। वहीं 350 मीटर नालियां बनाकर गांव में जलभराव की समस्या को हमेशा के लिए दूर कर दिया गया। कई स्थानों पर खड़ंजा की जरूरत थी, वहां 1000 मीटर खड़ंजे का निर्माण किया गया, इसके अलावा एक पुरवे से दूसरे पुरवे को सीसी रोड से जोड़ने का काम भी किया गया, और लगभग 2000 मीटर सीसी रोड का निर्माण भी कराया गया। बिजली की लचर आपूर्ति व्यवस्था को देखते हुए प्रायः गांव में शाम ढलते ही अंधेरागुप हो जाया  करता था, जिससे ग्राम वासियों में असुरक्षा की भावना फैल जाति थी, जिसपर राजू सिंह ने अपने व्यक्तिगत संपर्क का लाभ उठाते हुए पांचो पुरवों में 156 स्ट्रीट लाइटों के अलावा शौर ऊर्जा भी लगवाने का काम किया।

    5 सालों के दौरान ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल पिलाने का संकल्प लेने वाले राजू सिंह ने 22 इंडिया मारका टू हैंडपंपों को रिबोर कराने का भी काम किया। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि, उनकी गांव सभा में एक भी इंडिया मार्का हैंडपंप ऐसा नहीं है, जो पानी ना दे रहा हो। राजू सिंह के प्रयासों से गांव सभा में 112 लोग वृद्धावस्था, विधवा, विकलांग पेंशन योजनाओं का लाभ भी ले रहे हैं।

      वही निराश्रित और बगैर आवास के झोपड़ियों में जीवन यापन कर रहे 22 लोगों को प्रधानमंत्री आवास तथा 26 लोगों को लोहिया आवास दिला कर राजू सिंह ने झुग्गी झोपड़ियों में रहने वालों की संख्या शून्य कर दी है। बच्चों के शिक्षण व्यवस्था के लिए ताजुद्दीनपुर में एक पूर्व माध्यमिक विद्यालय का सुंदरीकरण भी कराया गया है। प्रधानमंत्री द्वारा प्रत्येक घर में शौचालय की अनिवार्यता और स्वच्छता कार्यक्रम के तहत गांव में ढाई सौ शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है। वहीं सार्वजनिक शौचालय का निर्माण भी किया जा रहा है। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्र भी बनाया जा चुका है। इन सारी योजनाओं के पूरा होने पर भी अभी राजू सिंह को संतोष नहीं है। उनका यह संकल्प है कि, ग्राम पंचायत में दो और आंगनबाड़ी केंद्र, एक पंचायत घर तथा एक बारात घर के अलावा उच्च माध्यमिक विद्यालय की स्थापना कराना उनका लक्ष्य है। इसके साथ ही गांव सभा के सभी पुरवों को राजमार्गों से जोड़ना भी उनका सपना है, और लगभग दो से ढाई किलोमीटर तक की सड़क का और निर्माण करा दिया जाए, तो गांव में आवागमन की समस्या पूरी तरह से हल हो जाएगी।

 

    ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राजू सिंह की इन तमाम सफलताओं को लेकर गांव में ग्रामीण बेहद खुश हैं। हमारे संवाददाता ने जब ग्राम सभा ताजुद्दीनपुर का दौरा किया, तो गांव निवासी रामसिंह, विजय प्रताप, मनोहर, धुन्नी जगजीवन, दीपक, श्रवण कुमार, गया प्रसाद आदि ने कहा कि, वह लोग राजू सिंह के विकास की नीति से पूरी तरह संतुष्ट हैं, और गांव को और अधिक चमकाना है, तो आगामी चुनाव में राजू सिंह के हाथों ही गांव समाज की बागडोर सौंपने के लिए वह लोग तन मन धन से तैयार हैं। इस बारे में जब राजू सिंह से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि, वह रामायण की एक चौपाई को ध्यान में रखकर ही जन सेवा कर रहे हैं। चौपाई को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि..... जेहि बिधि सुखी होय पुर लोगा, करो कृपा निधि सोई संजोगा।......इस चौपाई पर वह दिन रात स्वयं व अपनी पत्नी राजकुमारी सिंह तथा पिता डल्लन सिंह व पूरे परिवार के साथ काम कर रहे हैं।

      उन्होंने यह भी बताया कि, उनका प्रयास रहता है कि, गांव में किसी भी जाति बिरादरी का कोई भी गरीब विपन्न परिवार हो उसके लड़की की शादी व अन्य कार्यक्रमों में यथोचित सहायता नियमित रूप से करते हैं। इसके अलावा गांव सभा में रहने वाले उन 2 गरीब परिवारों की लड़कियों की शादी कराने का पूरा जिम्मा उनका परिवार उठाता है। भगवान ने उन्हें और आगे बढ़ाया, तो यह संख्या तथा धनराशि और बढ़ाई जाएगी। लोगों का आशीर्वाद और प्यार इसी तरह मिलता रहा, तो ताजुद्दीनपुर को विकास के मामले में विकासखंड ही नहीं जनपद में अव्वल नंबर पर ले जाने का काम करेंगे।

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