स्कूल खोलने का दावा नहीं पहुंची पाठ्य पुस्तकें।। Raebareli news ।।

 

रजनीकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: अब जबकि योगी सरकार के निर्देश पर आगामी 14 अक्टूबर से प्रदेश के विद्यालयों को संचालित करने की घोषणा कर दी गई है। इसके लिए अधिकतर विद्यालयों से अभिभावकों को आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए जा चुके हैं, बावजूद इसके परिषदीय विद्यालयों समेत सरकारी वित्तीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में सालाना 6 से 8 तक के बच्चों को मिलने वाली निशुल्क पुस्तकों का वितरण अभी तक नहीं हो सका है। अब सवाल यह उठता है कि, विद्यालय में आने के बाद बच्चे कैसे पढ़ाई करेंगे, जबकि इस संबंध में महराजगंज ब्लॉक के पुस्तक वितरण प्रभारी का दावा है कि, शासन द्वारा पर्याप्त मात्रा में पुस्तके उपलब्ध नहीं कराई जा सकी हैं। जितनी पुस्तके आई हैं, उतनी विद्यालयों में भेज दी गई हैं।


    आपको बता दें कि, महराजगंज ब्लॉक में 33 परिषदीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय तथा लगभग आधा दर्जन सरकारी वित्तीय सहायता प्राप्त पूर्व माध्यमिक विद्यालय स्थित है, जिनमें हर साल जुलाई माह से ही विद्यार्थियों को निशुल्क पाठ्य पुस्तकें वितरित होने का सिलसिला शुरू हो जाता था। किंतु इस बार कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन लागू होने के बाद ना, तो विद्यालय खुले और न ही पुस्तकों का वितरण समय से हो सका। अनलॉक के दौरान धीरे-धीरे गतिविधियां शुरू हुई, तो कुछ पुस्तकें सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई। लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा पहले परिषदीय विद्यालयों को वरीयता देते हुए वितरण कराया गया है। अभी पूरी तरह से परिषदीय विद्यालयों को ही पुस्तकें उपलब्ध नहीं हो पाई हैं, तो ऐसे में वित्तीय सहायता प्राप्त राजा चंद्रचूर सिंह इंटर कॉलेज विद्यापीठ, राजा जीतेंद्र सिंह इंटर कॉलेज अटरा, तथा जनता विद्यालय मऊ गर्बी और चंदापुर एसएसएन स्कूल में एक भी पाठ्य पुस्तक नहीं पहुंची है।

      जानकारी करने पर राजा चंद्रचूर सिंह विद्यापीठ इंटर कॉलेज के प्राचार्य डॉ विनय कुमार सिंह ने बताया कि, यहां पुस्तके नहीं आई है। ऐसे में छात्र छात्राओं को आगामी 14 अक्टूबर से शिक्षण कार्य में दिक्कत तो आएगी, हालांकि इसके लिए पत्राचार किया गया है। उधर ब्लॉक संसाधन केंद्र पाली में तैनात पुस्तक वितरण प्रभारी बिवेक कुमार का कहना है कि, जितनी तादात में पुस्तकें आई हैं, उनका वितरण कर दिया गया है। कुछ पुस्तकें अभी आई हैं, जिनका वितरण होना शेष है। अभी तक सभी 33 विद्यालयों में पुस्तक पर्याप्त संख्या में पहुंचाना हमारा लक्ष्य है। इस बारे में एबीएसए सुरेश कुमार से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल नंबर आउट ऑफ कवरेज एरिया बताता रहा, अभिभावकों राजा श्रीवास्तव, सोहनलाल पासी , सभासद हीरालाल पासी, जमुना प्रसाद पासवान आदि ने शासन से मांग की है कि, सभी विद्यालयों में शीघ्र अति शीघ्र पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ