1 दिन की बनी कोतवाल श्वेता शुक्ला के तीखे तेवर।। Raebareli news ।।

भारतीय प्रशासनिक सेवा अथवा भारतीय पुलिस सेवा में शामिल होकर देश और समाज की सेवा करना चाहती है श्वेता शुक्ला

रजनीकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: कोतवाली महराजगंज में आज पति द्वारा मारपीट कर उत्पीड़ित किए जाने व घर से निकाल दिया जाने की शिकायत लेकर आई एक महिला की फरियाद पर 1 दिन की बनी कोतवाल श्वेता शुक्ला ने पुलिस वालों को ही आड़े हाथों लेते हुए कहा कि, तुरंत मौके पर जाकर इस महिला को इंसाफ दिलाया जाए। जब महिलाएं इस प्रकार से उत्पीड़ित होती रहेगी, तो  समाज कैसे अच्छा बनेगा।

     आपको बता दें कि, मामला कोतवाली क्षेत्र के गांव चिरैधा मजरे ताजुद्दीनपुर की रहने वाली एक महिला अपने पिता रामरतन के साथ थाने पहुंची, तो वहां कोतवाल की कुर्सी पर एक लड़की को सिविल ड्रेस में बैठा देख, पहले तो पुत्री और पिता हिचकी,  किंतु पुलिस वालों के कहने पर उन्होंने प्रार्थना पत्र नवागंतुक कोतवाली प्रभारी श्वेता शुक्ला को सौंपा। पहले शिकायती पत्र को श्वेता शुक्ला ने गौर से पढ़ा उसके बाद बगल में बैठे एस एस आई प्रमोद कुमार को शिकायती पत्र सौंपते हुए कहा कि, दरोगा साहब इस महिला के साथ  बहुत अन्याय हो रहा है। तत्काल पुलिस भेज कर मामले को दिखवाइए। इसे आज ही न्याय मिलना चाहिए। जब इस प्रकार  पति ही अपनी पत्नी के साथ करेगा, तो महिलाएं सुरक्षित कैसे रहेगी।

      इसी प्रकार के दो तीन मामले और आए, सब में श्वेता शुक्ला ने सख्त एक्शन लेने की बात कही। इसके बाद  श्वेता शुक्ला ने कस्बे के मुख्य बाजार और बैंक की शाखाओं का भ्रमण किया। उन्होंने कस्बे में अतिक्रमण की समस्या को संज्ञान में लेने की हिदायत भी दी। इसके अलावा बैंकों में जमा भीड़ को कोरोना के मद्देनजर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाने के लिए भी कहा। इसके अलावा पुलिस कर्मियों के साथ श्वेता शुक्ला ने क्षेत्र के मुख्य गांव मऊ बाजार, डेपार मऊ चौराहा, मोन आदि में भी पुलिस बल के साथ भ्रमण किया।

     आपको बता दें कि, श्वेता शुक्ला न्यू स्टैंडर्ड पब्लिक स्कूल सलेथू  में इस बार इंटर उत्तीर्ण करने वाली टॉप 5 छात्र छात्राओं में से एक हैं। उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा महिलाओं की सुरक्षा के लिए चलाई गई मिशन शक्ति अभियान के तहत महराजगंज कोतवाली का 1 दिन का प्रभारी बनाया गया था। इसके उपरांत एसएसआई प्रमोद कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल श्वेता शुक्ला को उनके गांव खेखरुआ थाना शिवरतनगंज जनपद अमेठी में उनके आवास पर छोड़ा गया। श्वेता शुक्ला के पिता हरिशंकर शुक्ला शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें अपनी बेटी की उपलब्धि पर गर्व है। श्वेता शुक्ला भविष्य में भारतीय प्रशासनिक सेवा अथवा भारतीय पुलिस सेवा में शामिल होकर देश और समाज की सेवा करना चाहती है।

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