¶ "फ्री में दवा मिले अब शिक्षा"
¶ मैं कहता हूँ तुम सब बोलो, है सच्ची यदि तो मुँह खोलो,
¶ मेरा देश चलाते हम सब, हैं अभाव में कैसे अब तक ।
¶ आम आदमी पिसता मरता, कोई ध्यान नहीं है धरता,
¶ भरते टैक्स मिले ना सुविधा, जीवन में दुविधा ही दुविधा ।
¶ सरकारों कुछ तो अब सोचो, जनता के आँसू अब पोछो,
¶ इनकी दवाई और पढ़ाई, अपने जिम्मे कर लो भाई ।
¶ आगे यह इंकलाब बने, सबकी यह आवाज बने,
¶ है यदि सच्ची मेरी बात, करो समर्थन मिलकर आप ।
¶ नेता मन्त्री सब हैं पाते, नौकर भी सब लाभ उठाते,
¶ फ्री में दवा मिले अब शिक्षा, जन का अधिकार नही है भिक्षा ।
¶ रचयिता~कमल बाजपेई

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