"हामिद गिफ्ट चिमटा - मेरा मास्क- करवा खास"

 "हामिद गिफ्ट चिमटा - मेरा मास्क- करवा खास"

पत्नी ने ब्रत रखा है, पति की उमर हो ज्यादा, करवा का ब्रत रखा है, जल- अन्न को है त्यागा ।

कई साल पहले मन में मेरे ये ख्याल आया, पत्नी ही ब्रत रखे क्यों अपराध बोध छाया ।

गाड़ी के हम दो पहिए, कह ब्याह करके लाया, हम अर्धनारीश्वर हैं, पूरा कहाँ निभाया ।

पत्नी ने ब्रत रखा है, मैं भी ब्रती बनूँगा, है कर्ज मेरे ऊपर उसको उतार दूंगा ।

मैंने भी ब्रत रखा है, औरो को भी रखाया, हम दूसरे का सोचे सबको यही बताया ।

मेरे साथ वाले प्रियजन हैं गिफ्ट लेकर आये, कोई जड़ाऊ साड़ी गहने हैं कोई लाये ।

मैं था फकीर तबियत थी सोच मगर आला, जेबों को खूब टटोला एक मास्क खरीद डाला ।

हामिद ने गिफ्ट माँ को चिमटा कभी दिया था, उस गिफ्ट का वजन आज मैंने तोल डाला ।

रचयिता ~ कमल बाजपेयी

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