न्यू स्टैंडर्ड ऑफ हायर एजुकेशन कॉलेज में प्रतिबिंब रामचरित मानस के सुंदरकांड का किया गया पाठ।। Raebareli news ।।

गुरु गृह पढ़न गए रघुराई, अल्प काल विद्या सब पाई

रजनीकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: क्षेत्र के सलेथू गांव स्थित न्यू स्टैंडर्ड ऑफ हायर एजुकेशन कॉलेज में वैश्विक महामारी कोविड-19 के दुष्प्रभाव के कारण अध्ययन बाधित रहा, अब पुनः 23 नवंबर 2020 से शैक्षिक कार्य आरंभ होने के उपलक्ष में भगवान श्रीराम के आशीर्वाद हेतु महाविद्यालय में वर्तमान शिक्षण सत्र का भौतिक रूप से शिक्षण कार्य आरंभ करने से पूर्व पवन तनय, बुद्धि के निधान "हनुमान" जी के स्मरण के साथ ही भारतीय मानवीयता के सच्चे आदर्श को परिलक्षित करने वाले हिंदू संस्कृति एवं सभ्यता का प्रतिबिंब रामचरित मानस के सुंदरकांड का पाठ किया गया।


     आपको बता दें कि, छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रति संकल्पित शिक्षण संस्थान के प्रबंधक डॉ0 शशिकांत शर्मा एवं संयुक्त प्रबंधिका डॉ0 रश्मि शर्मा सपत्नीक अपने इष्ट एवं कलयुग के देव "महावीर" की मंत्रमुग्ध होकर पूजा अर्चना कर समस्त अध्ययनरत छात्र-छात्राओं और प्रशिक्षुओं के जीवन की मंगल कामनाएं किया। प्राचीन काल में विद्या आरंभ करने से पूर्व छात्रों का विद्यारंभ संस्कार का आयोजन किया जाता था, ताकि वह बालक निर्विकार पवित्र मन से गुरु आश्रम में विद्या अध्ययन करने के योग्य बन सके। 


   विद्यालय में ऐसी ही संकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से इस मांगलिक कार्य का नियोजन कर छात्रों में अच्छे संस्कार अंकुरित करके श्रेष्ठ नागरिकता के गुणों से युक्त करना ही भावी उद्देश्य का अभिन्न अंग है। प्राचार्य डॉ0 एस0 के0 पांडेय के कुशल नेतृत्व में दिन-प्रतिदिन महाविद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में अग्रसर होते हुए जनपद रायबरेली को गौरवान्वित कर रहा है, "रामदूत" हमारी संकल्पना को साकार करें।


    इस पुनीत धार्मिक कार्य में न्यू स्टैंडर्ड पब्लिक स्कूल सलेथू के प्रधानाचार्य राजीव सिंह, मुख्य लिपिक गिरीश चंद्र श्रीवास्तव, धीरेंद्र कुमार सिंह, डॉ अरुण कुमार चौधरी, डॉ0 जितेंद्र सिंह, आर एन सिंह, देवेंद्र कुमार बाजपेई, खुशबू सिंह, आरती अग्रहरि, प्रियंका श्रीवास्तव, जे0सी0 श्रीवास्तव, संदीप सोनकर आशीष वर्मा, सौरभ कुमार, अनीता मौर्या, प्रेम कांत, अशोक सिंह, गौरव मिश्रा, प्रेम शंकर जायसवाल, सुमित कुमार, रविंद्र सिंह, संजय कुमार, धनीराम के साथ आचार्य इंद्र कुमार त्रिपाठी आदि उपस्थित रहकर प्रभु के चरणों में विनती को समर्पित किया।

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