महराजगंज/रायबरेली: जिले का चर्चित रवि हत्याकांड एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। पुलिस द्वारा नामजद अभियुक्तों के लाइसेंसी असलहे अब तक ना जमा कराए जाने से मृतक के परिजन सहमे हुए हैं। परिजनों का आरोप है कि, पुलिस पुराने ढर्रे पर काम कर रही है। अपराधियों पर उसकी मेहरबानी बनी हुई है। इसी का नतीजा है कि, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिए गए निर्देशों के बावजूद मुलजिमोंं के हथियार अभी तक जमा नहींं कराए गए हैं। जबकि मुल्जिमों ने लगातार जमानत पर छूटकर आने के लिए पूरी ताकत लगाएं हैं। यदि वे जमानत से छूटकर वापस आ गए, तो इन्हीं हथियारों का इस्तेमाल वो मृतक के परिजनों के साथ किसी बड़ी घटना के रूप में कर सकते हैं। मृतक रवि सिंह के बाबा रिटायर्ड शिक्षक वासुदेव सिंह चौहान ने हमारे संवाददाता से बातचीत करते हुए पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
आपको बता दें कि, कोतवाली महराजगंज क्षेत्र के गांव महाबलगंज मजरे सिकंदरपुर के रहने वाले 22 वर्षीय रवि सिंह की हत्या विगत वर्ष 9/10 की रात थाना हरचंदपुर के गढ़ी खास गांव के पास लोहे के राड और मुकीले हथियारों से बेरहमी से कत्ल कर दिया गया था। मामले में आरोप सोमू ढाबा के मालिक सुरेश यादव सहित कई लोगों को नामजद किया गया था। मामले को लेकर जिला स्तर पर काफी हंगामा मचा था। लोमहर्षक हत्याकांड की गूंज प्रदेश सरकार तक पहुंची थी।
मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मृतक के परिजनों ने मुलाकात कर पूरी घटना की जानकारी उनको दी थी। सीएम ने पुलिस को मामले में कड़ी कार्यवाही करने तथा नामजद सभी मुलजिमों को गिरफ्तार कर जेल भेजने तथा कड़ी कार्यवाही करने का निर्देश दिया था।पुलिस ने इसी मामले में सपा के पूर्व जिला अध्यक्ष आरपी यादव को भी अभियुक्त बनाते हुए जेल भेज दिया था। मृतक के बाबा वासुदेव सिंह चौहान का कहना है कि, मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए थे कि, नामजद मुलजिमों में जिनके पास लाइसेंसी असलहे हो उनके लाइसेंस निरस्त करवा कर असलहे जमा कराए जाएं। लेकिन अब साल भर बीतने को हैं। पुलिस ने अब तक एक भी अभियुक्त का असलहा जमा नहीं कराया है। इस बात को लेकर मृतक का परिवार काफी सशंकित है। मृतक के बाबा वासुदेव सिंह चौहान ने हमारे चैनल को दिए गए बयान में आरोप लगाया है कि, भले ही सरकार और पुलिस अपने आप को सक्षम बताएं, लेकिन उनके मामले से लगता है कि, इस मामले के नामजद अभियुक्त पुलिस और सरकार से बढ़कर है, तभी तो पुलिस आज तक उनके असलहे ना तो निरस्त करा पाई है, और ना ही असलहे जमा हुए। अब उनकी जान-माल को भयंकर खतरा है।
उन्होंने पुनः योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाई है कि, पुलिस प्रशासन को इस बात के लिए कड़े निर्देश दिए जाएं, ताकि अभियुक्तों के असलहे और लाइसेंस निरस्त करा कर जमा कराए जाएं।

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