महराजगंज/रायबरेली: तहसील परिसर में शनिवार को दोपहर लगभग एक बजे उस समय बड़ा हंगामा खड़ा हो गया, जबकि एक महिला ने अपने दो तीन साथियों के साथ मिलकर दहेज उत्पीड़न के एक मामले में पंचायत करने आए अपने समधी को ही सरेआम चप्पलों से पीटना शुरू कर दिया, साथ ही उसके साथ आए युवकों ने लात घुसों से जमकर पिटाई की, जिससे वह घायल हो गया। मौके पर तमाशा देख कुछ तहसील कर्मी और अधिवक्ता तथा अन्य लोगों ने पहुंचकर समधी को समधन व उसके साथी गुंडों के कब्जे से किसी तरह बचाया, तब जाकर उसकी जान बची। मौके पर सैकड़ों की भीड़ इकट्ठा हो गई। लगभग 15 मिनट तक यह तमाशा चलता रहा। बाद में पिटे हुए समधी ने थाने में जाकर शिकायती पत्र भी दिया है। लेकिन देर शाम तक मामले में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई थी।
आपको बता दें कि, मामला क्षेत्र के गांव पूरे पलटगीर मजरे मोन से जुड़ा है। मामले में भुक्तभोगी रमेश कुमार यादव पुत्र सूरजपाल निवासी दादूपुर थाना शिवरतन गंज जनपद अमेठी के रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी पुत्री शैल कुमारी 22 की शादी विगत डेढ़ वर्ष पूर्व पल्ट गीर का पुरवा मजरे मोन के रहने वाले चंद्रशेखर के लड़के जितेंद्र कुमार के साथ की थी।
रमेश कुमार यादव का आरोप है कि, दहेज में उसने लगभग छह लाख रुपए खर्च किए थे। शादी विगत 8 जून 2019 को हुई थी। यह भी आरोप है कि, ससुराली जन दहेज में कमी की बात कहते हुए 2 लाख नगद एवं एक कार मांग रहे थे। इसी बात को लेकर उन लोगों ने उसकी पुत्री शैल कुमारी का उत्पीड़न शुरू कर दिया था, और उसे आए दिन मारा पीटा करते थे।एक दिन प्रति पक्षी गणों ने जिसमें उसका दामाद जितेंद्र कुमार उसके दो भाइयों राकेश कुमार व वीरेंद्र कुमार तथा पिता चंद्रशेखर और उसकी मां मुन्नी देवी तथा बहन फूलमती व देवरानी मझिला पत्नी वीरेंद्र तथा शिव बहादुर पुत्र जगन्नाथ ने इतनी ज्यादा पिटाई की कि, शैल कुमारी मरणासन हो गई, और 1-8-2019 को रमेश कुमार सूचना मिलने पर अपनी पुत्री को घर ले आया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस मामले में उसने पुलिस को लिखित तहरीर भी दी थी। लेकिन प्रति पक्षी गणों के दबाव में कोई कार्यवाही नहीं हुई। इसके बाद मामला पंचायत के माध्यम से निपटाने की बात चली।
इसी क्रम में आज महराजगंज ब्लॉक में प्रमुख के सामने पंचायत करने के लिए उसे बुलाया गया था, वह टेंपो से उतर कर जैसे ही तहसील होकर ब्लॉक जाने लगा, तभी पहले से मौजूद मुन्नी देवी ने उसे रोक लिया, और बातचीत में ही चप्पल उतार कर उसको सरेआम पीटना शुरू कर दिया। वह कुछ समझ पाता कि, मुन्नी देवी के साथ आए दो तीन गुंडों ने उसे गिरा गिरा कर लात जूतों से मारना शुरू किया। उसकी चीख-पुकार सुनकर तहसील में मौजूद लोगों अधिवक्ताओं ने उसकी जान बचाई और सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए। बाद में छिप छिपा कर वह थाने पहुंचा, और मुन्नी देवी समेत अन्य लोगों के विरुद्ध शिकायती पत्र दिया है।
कोतवाल शरद कुमार का कहना है कि, मामला संज्ञान में आया है, जांच कर उचित वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

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