राकेश कुमार सिंह उर्फ रन्नू को जाता है विकास की मुख्यधारा से दूर रहे कुबना गांव को विकास की पटरी पर लाने का श्रेय।। Raebareli news ।।

 

पिछले 5 सालों में काफी हद तक बदल चुकी कुबना गांव की तस्वीर।

रन्नू सिंह ने गांव के गरीबों, आम नागरिकों की सेवा में दिन और रात की परवाह न करते हुए 24 घंटे जी तोड़ मेहनत की।

नागेश और रन्नू दोनों भाइयों ने गांव का कायाकल्प करने के लिए ले लिया था संकल्प।

रजनीकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: क्षेत्र पंचायत के कुबना गांव की तस्वीर पिछले 5 सालों में काफी हद तक बदल चुकी है। विकास की मुख्यधारा से दूर रहे गांव को विकास की पटरी पर लाने का श्रेय यदि किसी को जाता है, तो वह प्रधान प्रतिनिधि राकेश कुमार उर्फ रन्नू सिंह को जाता है। इन्होंने गांव के गरीबों, आम नागरिकों की सेवा में दिन और रात की परवाह न करते हुए 24 घंटे जी तोड़ मेहनत की है। जिसकी तस्वीर अब सामने आ पाई है।

    आपको बता दें कि, इससे पहले राकेश कुमार सिंह उर्फ रन्नू के छोटे भाई नागेश सिंह विगत पंचायत चुनाव में प्रधान चुने गए थे, प्रधान चुने जाने के बाद नागेश सिंह ने राकेश कुमार सिंह उर्फ रन्नू को अपना प्रतिनिधि नियुक्त करते हुए, दोनों भाइयों ने गांव का कायाकल्प करने के लिए संकल्प ले लिया। जिसका नतीजा है कि, गांव में निर्धन लोगों के लिए 42 प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कराए गए, बगैर एक नया पैसा किसी लाभार्थी से लिए उनके आवास बनवाने का काम किया गया। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वच्छ भारत मिशन योजना को साकार रूप देते हुए गांव में उन लोगों के घरों में शौचालय बनाए गए, जिनके लोग खुले में शौच के लिए जाते थे। यहां पर 285 परिवारों के मकानों में शौचालय निशुल्क रूप से बनवाए गए, साथ ही 3 लाख रुपए की लागत से सामुदायिक शौचालय का निर्माण भी कराया गया है, इसके अलावा मनरेगा योजना के तहत गांव के लोगों को रोजगार देने के साथ-साथ लगभग गायब हो चुके रास्तों में मिट्टी का काम करा कर 5 किलोमीटर लंबाई की सड़कों को बनवाया गया। प्रधान द्वारा स्वीकृत कराए गए मार्गो को 22 सौ मीटर मार्ग में खड़ंजा विछवाने का काम किया गया।

     इसके अलावा विभिन्न पुरवों को एक दूसरे से जोड़ने के लिए तीन हजार मीटर खड़ंजों की रिपेयरिंग भी कराई गई। रन्नू सिंह के प्रयास से 322 गरीबों के राशन कार्ड बनवाए गए, साथ ही 40 लोगों को वृद्धा, विधवा और विकलांग पेंशन स्वीकृत कराई गई। गांव में शिक्षा का माहौल अच्छा बने इसके लिए जूनियर हाई स्कूल का कायाकल्प कराया गया। इसके अतिरिक्त चंद्र कुमार पुत्र रामानंद को मुख्यमंत्री आवास स्वीकृत कराकर साढ़े तीन लाख रुपए की लागत से अच्छा मकान बनवाया गया।

    ग्रामीणों ने बताया कि, प्रधान ने विकास की गंगा बहाते हुए 300 मीटर नई नाली का निर्माण कराया, वहीं 800 मीटर ध्वस्त हो चुकी नालियों की रिपेयरिंग भी कराई गई। गांव में अब तक स्ट्रीट लाइटें लगवाने के साथ-साथ 3 हाई मास्क सोलर लाइट लगवाने के अलावा पांच इंडिया मार्का हैंडपंपों की स्थापना भी कराई गई।

    नागेश सिंह की असामयिक मृत्यु हो जाने के कारण गांव में पंचायत सदस्यों द्वारा प्रधान का चयन किया गया। जिसमें प्रधान प्रतिनिधि रन्नू सिंह की विकास परक सोच को देखते हुए सदस्यों ने बहुमत के साथ रन्नू सिंह के दाहिने हाथ ग्राम पंचायत सदस्य मिहीलाल को शेष बचे कार्यकाल के लिए प्रधान चुन लिया, ताकि विकास के रथ की पहिए को चलायमान रखा जा सके।

   गांव की समस्याओं के बारे में पूछे जाने पर प्रधान प्रतिनिधि राकेश कुमार उर्फ रेन्नू सिंह ने बताया कि, उनके गांव में सबसे बड़ी समस्या दबंग और भू माफियाओं द्वारा सरकारी जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा कर लेने का मामला है। इस बारे में वे उप जिलाधिकारी और तहसीलदार से मिल भी चुके हैं, उनके आदेश के बावजूद भी नीचे के अधिकारी, कर्मचारी इन दबंगों से सरकारी भूमि को मुक्त नहीं करा पाए हैं, जोकि चिंता का विषय है। अभी भी समय है यदि सरकारी अमला अवैध कब्जे को हटवा सके, तो खाली की हुई उस भूमि पर नरेगा के द्वारा अच्छा विकास कार्य कराया जा सकता है।

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