महावीर स्टडी इस्टेट सीनियर सेकेंडरी कॉलेज में मनाई गई सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती।। Raebareli news ।।

 

रजनीकांत अवस्थी

महराजगंज/रायबरेली: कस्बे के हैदर गढ़ रोड पर स्थित महावीर स्टडी इस्टेट सीनियर सेकेंडरी कॉलेज में सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती हर्षोल्लास से मनाई गई। कक्षा 9 के बच्चों कृति, दिव्यांशी, अभिषेक, पीयूष, कक्षा 10 के आलोक, अनुज, दिव्या तथा कक्षा 11 की श्रुति, शुभी ने सुभाष चंद्र बोस जी पर अपने विचार रखे।

    आपको बता दें कि, प्रधानाचार्य कमल बाजपेई ने बताया कि, सुभाष चंद्र बोस ने आईसीएस की परीक्षा प्रभावशाली ढंग से पास की, इसे छोड़कर 1921 में कांग्रेस में शामिल हुए, असहयोग आंदोलन में भाग लिया। 1939 में विचार धारा में अंतर के कारण भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से हटा दिया गया। यह पूर्वी एशिया की तरफ गए, वहां द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान जर्मनी में नाजी नेतृत्य जापान में शाही सेनाओं से सहायता की मांग की।

    एग्लो अमेरिकन बलों के बीच हिंसक लड़ाई हुई, उसमें नेताजी को समर्पण करना पड़ा। नेता जी कहते थे कि, महात्मा गांधी की अहिंसा नीति सक्षम नहीं है, 25 सितंबर 1945 को आजाद हिंद फौज के 2300 सिपाही जिन्होंने समर्पण किया था। उन्हें बर्बरता से नीलगंज की बनी अस्थाई जेलों में तोपों संगीनों से उड़ा दिया गया। जानकार बताते हैं कि, उक्त जलिया वाले बाग कांड से भी बड़ा नरसंहार था। जिसे इतिहास में स्थान नहीं दिया गया। नेता जी कहते थे कि, तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा, राष्ट्रवाद मानव जाति के उच्चतम आदर्श सत्यम शिवम सुंदरम से प्रेरित है। आजादी की रक्षा करने की ताकत होनी चाहिए।

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