♦️दो अलग-अलग मोर्चों पर डटे रहे सपा के दो पूर्व विधायक।
♦️प्रशासन ने रामलाल अकेला सहित नौ लोगों को लिया हिरासत में और 14 ट्रैक्टर भी कब्जे में लिए।
रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों के द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन के क्रम में उनके समर्थन में कूद पड़े समाजवादी पार्टी के नेताओं ने यहां तहसील स्तर पर ट्रैक्टर रैली निकालने का असफल प्रयास किया। दिन भर पुलिस और प्रशासन ने जगह जगह इनके मंसूबों पर पानी फेरने की पुरजोर कोशिश की। इस दौरान एक मौका ऐसा भी आया जबकि, सपाइयों को समझाने बुझाने के लिए गए एसडीएम को भी सपाइयों के क्रोध का सामना करना पड़ा। हालांकि अंत में एसडीएम ने कड़े तेवर दिखाते हुए भारी मात्रा में पुलिस फोर्स, पीएसी बुलाकर ट्रैक्टर रैली निकालने पर आमादा पूर्व विधायक रामलाल अकेला को उनके आठ अन्य सहयोगियों के साथ हिरासत में ले लिया, तथा बगैर इजाजत के ट्रैक्टर रैली निकाल रहे 14 ट्रैक्टरों को कब्जे में लेकर थाने में खड़ा करवा दिया। वहीं दूसरी ओर पुलिस के साथ लुकाछिपी कर रहे सपाइयों के दूसरे ग्रुप जिसका नेतृत्व पूर्व विधायक श्यामसुंदर भारती और ब्लॉक अध्यक्ष समर बहादुर यादव कर रहे थे। चंदापुर चौराहे तक जाने में सफल रहे। हालांकि वहां भी सूचना मिलने पर पुलिस ने पहुंचकर मामला तितर-बितर कर दिया।
आपको बता दें कि, किसान आंदोलन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए सपा नेतृत्व द्वारा बनाई गई रणनीति के तहत राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर आज पूरे प्रदेश भर में सपाइयों ने जगह-जगह ट्रैक्टर रैली निकालने की योजना बनाई थी। इसी क्रम में एक ओर बछरावां और शिवगढ़ रोड पर पूर्व समाजवादी पार्टी के विधायक रामलाल अकेला और उनके पुत्र विक्रांत अकेला के अलावा समाजवादी पार्टी के अमावा ब्लाक अध्यक्ष अवधेश यादव, डॉक्टर माताफेर सिंह, विधानसभा अध्यक्ष आलू महाराज आदि ने जिम्मा संभाला था। इसी के तहत वरिष्ठ सपा नेता बाबू चंद यादव उर्फ लखनऊआ के आवास पर श्री अकेला लाव लश्कर के साथ जुटे हुए थे। कार्यकर्ता ट्रैक्टर के साथ और कार्यकर्ता ट्रैक्टर तालियों के साथ मौके पर एकत्र हो रहे थे।
इसी दरमियान यह सूचना उप जिलाधिकारी विनय कुमार मिश्रा व तहसीलदार विनोद कुमार सिंह को मिली, तो तत्काल गणतंत्र दिवस समारोह में शिरकत कर रहे उप जिलाधिकारी और तहसीलदार कार्यक्रम को अधूरा छोड़ कर मौके की ओर रवाना हो गए। वहां पहुंचते ही एसडीएम ने पूर्व विधायक अकेला से ट्रैक्टर ट्राली जुलूस निकालने से रोकते हुए कहा कि, ना तो आपने अनुमति ली है, और ना ही प्रशासन ने अनुमति दी है, रैली मत निकालिए।
इसी क्रम में कोतवाल शरद कुमार भारी पुलिस बल और पीएसी लेकर मौके पर पहुंच गए। पुलिस के आने पर सपाइयों ने वहां से निकलकर मेन तिराहे पर महराजगंज बछरावां रोड को जाम कर दिया। लेकिन एसडीएम भी अपनी बात पर अड़े रहे धीरे-धीरे बछरावां शिवगढ़ हरचंदपुर और पुलिस बुला ली गई। इस पर एसडीएम और पूर्व विधायक में कहासुनी होने लगी। इसी दरमियान तैश में आकर एसडीएम ने जब अकेला को यह कह दिया कि, तुम बड़े नेता बनते हो, तुम को नेतागिरी सिखाता हूं, उस पर अकेला के समर्थक आपे से बाहर हो गए, और हंगामे की स्थिति खड़ी हो गई। एसडीएम के निर्देश पर पुलिस ने पूर्व विधायक रामलाल अकेला, सपा के विधानसभा अध्यक्ष राकेश त्रिवेदी उर्फ आलू महाराज, बछरावां ब्लॉक प्रमुख विक्रांत अकेला, समाजवादी पार्टी अमावा के ब्लॉक अध्यक्ष अवधेश यादव, युवा सपा नेता धीरज यादव, अभिषेक यादव, बाबू चंद्र लखनऊआ समेत नौ लोगों को पुलिस ने हिरासत में लेकर बछरावां के गेस्ट हाउस में पहुंचा दिया है, और मौके पर मौजूद 14 ट्रैक्टरों को पुलिस के हवाले करते हुए एसडीएम ने ट्रैक्टर रैली निकालने की सपा नेताओं के मंसूबे पर पानी फेर दिया है।
वहीं दूसरी ओर जब प्रशासन और पुलिस शिवगढ़ मोड़ पर सपाइयों के साथ उलझा हुआ था, तो इसी का फायदा उठाते हुए हैदरगढ़ इन्हौना रोड पर जो दूसरे थे, जिसका नेतृत्व पूर्व विधायक श्यामसुंदर भारती और ब्लॉक अध्यक्ष समर बहादुर यादव ने सैकड़ों सहयोगियों के साथ ट्रैक्टरों पर सवार होकर रायबरेली रोड की ओर कूच किया। इसकी जैसे ही जानकारी अधिकारियों को हुई तहसीलदार विनोद कुमार सिंह के नेतृत्व में कोतवाल शरद कुमार और निरीक्षक मोहम्मद असलम समेत बड़ी तादाद में पुलिस बल मौके पर चंदापुर चौराहे पहुंचे और ट्रैक्टर रैली पर रोक लगा दी। इस दौरान जिसको जहां जो रास्ता मिला उधर से निकल लिए।
हालांकि सपा नेताओं ने दावा किया है कि, उनकी रैली निकालने का मंसूबा सफल हो गया है, तो वहीं प्रशासन का कहना है कि, रैली निकलने का प्रयास विफल कर दिया गया है। दूसरी ओर पूर्व विधायक श्यामसुंदर भारती ने प्रशासन के इस रवैया की कड़े शब्दों में आलोचना करते हुए कहा कि, गणतंत्र दिवस के दिन संविधान प्रदत्त अधिकारों के तहत शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन पर प्रशासन ने बलपूर्वक जो रोक लगाई है। यह बहुत निंदनीय काम है। उन्होंने कहा कि, भाजपा सरकार के इशारे पर प्रशासन द्वारा खुली बर्बरता पूर्ण कार्रवाई से जनता में गलत संदेश गया है। समय आने पर देश की जनता भाजपा सरकार से इसका बदला लेगी।














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