रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: तहसील क्षेत्र के गांव संतोषपुर मजरे जनई के रहने वाले ग्रामीणों ने तहसील पहुंचकर एसडीएम को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को दिया। ग्रामीण इस बात से खफा है कि, वन विभाग द्वारा संतोषपुर मजरे जनई में लगभग 42 बीघे जमीन, जो सरकारी कागजातों में चरागाह के रूप में अंकित है। जिस पर वन विभाग के लोग जबरन कब्जा करके कटीले गैर जरूरी पेड़ लगाकर कब्जा करना चाहते हैं। मामले में तहसीलदार ने जांच करवा कर उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है।
आपको बता दें कि, करणी सेना के जिलाध्यक्ष ऋषि कुमार सिंह और शैलेंद्र सिंह के नेतृत्व में संतोषपुर मजरे जनई के रहने वाले लगभग सौ किसानों ने तहसील पहुंचकर एसडीएम को संबोधित एक ज्ञापन तहसीलदार विनोद कुमार सिंह को सौंपा। किसानों का आरोप है कि, उनके गांव में वन विभाग की अपनी जमीन खाली पड़ी है, उस पर वन विभाग के लोग पेड़ नहीं उगा आए हैं। अब उन्होंने अपनी जमीन छोड़कर उनके गांव में पशुओं के चारे के लिए छोड़ी गई सुरक्षित चारागाह के रूप में 42 बीघे जमीन पर जंगली बबूल जैसे पेड़ लगाना चाहते हैं, और कब्जा करना चाहते हैं।
जिससे गांव के पशुओं का चारागाह में टहलना बंद हो जाएगा। चारागाह के अलावा उनके गांव में और कोई जमीन पशुओं के चरने के लिए उपलब्ध नहीं है। करणी सेना के जिलाध्यक्ष ऋषि कुमार सिंह और शैलेंद्र सिंह ने ग्रामीणों का समर्थन करते हुए कहा कि, अगर वन विभाग ने अवैध कब्जा करने की नियत से चरागाह पर वृक्षारोपण नहीं रोका, तो वह बड़ा जन आंदोलन छोड़ेंगे।
इस बारे में जानकारी करने पर तहसीलदार विनोद कुमार सिंह ने बताया कि, यह बात सही है कि, चरागाह की जमीन किसी भी विभाग को आवंटित नहीं की जा सकती, और ना ही वन विभाग को जमीन आवंटित की गई है। बल्कि वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण के लिए जमीन उपयोग करने की इजाजत चाही है, इस मामले की जांच करा कर उचित वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
ज्ञापन देने वालों में रंजीत कुमार, विपिन, सुमित कुमार, माधुरी, ममता, आराधना, रेशमी, साधना, प्रिया, शिवम, सरिता, महराजदीन, प्रकाश, जितेंद्र कुमार, सुंदर कली, किरन, सुरजन देवी, सर्वेश, कंचन कुमारी, शोभना कुमारी, हरिश्चंद्र, राम सागर, जय प्रकाश पांडेय, दुर्गा प्रसाद, अभिषेक सिंह, शिवम मौर्य सहित लगभग सौ किसान मौजूद रहे।





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