रजनीकांत अवस्थी
महराजगंज/रायबरेली: महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने संयुक्त रुप से सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए तहसील मुख्यालय में पहुंच कर मुख्यमंत्री को संबोधित 15 सूत्रीय ज्ञापन तहसीलदार महराजगंज को सौंपा।
आपको बता दें कि, संयुक्त राष्ट्र द्वारा चयनित राजनैतिक और मानवाधिकार विषय वस्तु के रूप में महिलाओं के राजनीतिक एवं सामाजिक उत्थान के लिए 8 मार्च को विश्व भर में जोर-शोर से महिला दिवस मनाया जाता है। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर देश के 24 हजार से अधिक महिला आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका द्वारा सामाजिक क्षेत्र की परियोजनाओं को सफल बनाने में सैनिक की तरह काम करती हैं। किन्तु महिला आंगन बाड़ी कर्मी की समस्या का निराकरण सरकार द्वारा नहीं किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री को संबोधित दिए गए ज्ञापन में प्रमुख मांगों में बताया गया कि, आंगनबाड़ी कार्यकर्ती एवं सहायिका को रिटायरमेंट पर 3 लाख रुपए दिए जाए। भारत सरकार के आदेशानुसार हर 5 वर्ष पर इंक्रीमेंट लगाने का प्रावधान है, जिसे समय-समय पर लगवाया जाए। ड्राई राशन गेहूं, दाल, घी, दूध, वितरण की जिम्मेदारी किसी एक को दी जाए। जिसमें उसकी जवाबदेही तय हो। आंगनबाड़ी पर परियोजना केंद्र का किराया कई वर्षों का बकाया है। जिसे तत्काल भुगतान कराया जाय।
वहीं ज्ञापन के माध्यम से आगे कहा गया है कि, उत्तर प्रदेश सरकार अपने घोषणा पत्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्तिओं को प्रतिमाह 15 हजार रुपए व सहायिका को 10 हजार रुपए देने का वादा किया था, जिसे दिलाया जाए। आंगनबाड़ी कर्मी की समस्याओं का मामला न्यायालय में विचाराधीन है, फिर भी उत्तर प्रदेश शासन द्वारा नई भर्तियों का शासनादेश जारी कर दिया गया है। जिसे तत्काल वापस लिया जाए। मातृ समिति के खाते में अन्नप्राशन व गोद भराई का पैसा बैंकों द्वारा लोबैलेंस के कारण जांच में काट लिया जाता है, जिसे बंद कराया जाए।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि, हॉट कुंड में प्रधानों का संयुक्त खाता बंद करा कर मातृ समिति के साथ आंगनबाड़ी कर्मी संयुक्त खाते का संचालन कराए, जिससे लाभार्थी को सीधे मिल सके, और आगनबाडी कर्मी को सामान्य कार्यकर्ती का दर्जा दिया जाय।
इस मौके पर जिला अध्यक्ष अनीता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रेखा, सरोज यादव, शीला, मीना सोनकर, हरिश्चंद्र, अनूप कुमार मिश्रा सहित तीनों ब्लाकों की मिलाकर लगभग 400 महिला आंगनबाड़ी उपस्थित रहीं।





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